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Showing posts from November, 2017

And India Divided ! / बांटो और राज करो !

पिछले काफी समय से भारत में अलप संख्यक अपीजमेंट की राजनीति होती रही है । लेकिन हिन्दू बहुसंख्यक होने के बावजूद शांत रहे या बोला  जाए कि उदासीन रहे, उनको कभी भी एक सुर में किसी भी बात का विरोध करते नहीं देखा गया।  अभी भी ऐसा ही है हिन्दू एकता में कोई बिकास नहीं हुआ कुछ वर्ष पहले आमिर खान अभिनीत 'P.K " फिल्म में हिन्दू धर्म पर समूल रूप से कुठारा घात किया गया था ,मज़ाक उड़ाया गया था लेकिन कहीं भी हिन्दुओं में रोष उत्पन नहीं हुआ जबकि भगवान् भोले नाथ को हसीं का पात्र बनाया गया था।  फिल्म रिलीज़ ही नहीं हुई अपितु कीर्ति मानो के साथ कमायी करने वाली फिल्मो की लिस्ट में शामिल हो गयी।   उधर ताज़ा उदाहरण 'पद्मावती ' है जो राजपूत गरिमा के खिलाफ मानी जा रही है और चारों तरफ भारी बिरोध हो रहा है , वो बात अलग है कि फिल्म अभी रिलीज़ भी नहीं हुई है।  ऐसे कई उदाहरण हैं हमारे देश में जब हिन्दू धर्म से बढ़ कर जातियों ने देश और समाज को बाँट दिया।  सभी धर्मो में ,पूरी दुनिया में ऐसा ही तांडव है।  खैर बात भारत की करें तो पिछले कुछ वर्षों में हमने देखा  हैं , अगर किसी...
युवा मन की उड़ान हिमालय से ऊंची हो सकती है और प्रशांत महासागर की गहराइयों से भी गहरी हो सकती वशर्ते युवा सेवा ,साधना और स्वाभिमान को जीवन में उतार चूका हो।  आजकल अधिकतर लोगों को कहते सुना जा सालता की 'इस सिस्टम का कुछ नहीं हो सकता ,सदियों से इंसान और समाज ऐसा ही रहा है कई लोगों ने कोशिश करि लेकिन समाज नहीं बदला।  हा हा  हा....... कितना भयंकर मज़ाक और नामसझी भरा नादान इंसान है , भाई जितने भी महान लोग हुए या समाज को सुधारने वाले हुए सभी ने अपने काम से , अपंने कर्म से ही शिक्षा दी है।  जिस भी इंसान की बात को समाज अनदेखा कर रहा है सच तो ये है की वो इंसान खुद अभी कच्चा है और कच्चे फल किसी को पसंद नहीं आते फिर ये तो बातें हैं।  जब तक आपके जीवन में ईमानदार कोशिश नहीं होगी आपको कोई नहीं सुनेगा।  अगर कोई अपवाद हो तो बात अलग है। आपको कर्म योग को जीवन में उतरना होगा , उसके परिणामस्वरूप आपके शब्दों में 'बज़न ' होगा और बजनयुक्त शब्द चाहे ए पी जे अब्दुलकलाम के हों या भगत सिंह के चाहे नरेंदर मोदी के हों या महात्मा गांधी के  सभी को एक जैसा सम्मान मिलेगा और प्रभाव भी हज़ा...