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SECULAR AND COMMUNAL NEWS /जनता को गुमराह करना भारत में बहुत आसान है

अगर भारत की बर्तमान स्थिति देखि जाये तो एक बात समझ में आती है देश दो अलग-अलग विचारधाराओं में बंट चूका है एक RSS  वाली दूसरी ISIS वाली। अब आप स्वयं देखें JNU  के विद्वान , कांग्रेस के सिपेसलार , मुस्लिम्स तथा ईसाई नेता अधिकतर लोग पाकिस्तान जिंदाबाद कहने में शर्म महसूस नहीं  करते हैं लेकिन भारत माता की जय कहने से अच्छा इनको मरना लगता है।स्थिति खतरनाक इस लिए महसूस होती है क्योंकि देश में नकारात्मकता को मुख्य ख़बरों में जगह मिलती है लेकिन सकारात्मक बदलाब और सकारात्मक ख़बरें कहीं छुपा दी  जाती हैं। पिछले दिनों गुजरात के एक व्यवसायी ने 200 करोड़ रूपये बेटिओं के लिए दान कर दिए , जिस घर में दूसरी बेटी जन्म लेगी उस परिवार को 2 लाख से अधिक रूपये मिलेंगे।  बिडम्बना देखिये ये दिलेरी या दरियादिली सुर्खी नहीं बन सकी लेकिन देशद्रोही का संसद मार्च प्राइम टाइम की खबर बना दी गयी।  दिल्ली में विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक समारोह होता है 35 लाख लोग देश और विदेश से आकर  हिस्सा लेते हैं , भारत में दुनिया धन्यबादी होकर आयी , बिना ख़ुशी -सुख मिले कौन लाखों रुपए खर...

Suresh Chiplunkar's FTII के “लाल” कारनामों का श्वेत-पत्र

========================== FTII के “लाल” कारनामों का श्वेत-पत्र ========================== जब से मोदी सरकार ने केन्द्र में सत्ता संभाली है, अक्सर हमें विभिन्न चैनलों और अखबारों में कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी “भगवाकरण हो रहा है” जैसा कुछ बडबडाते हुए मिल ही जाते हैं. “संस्थाओं का, शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है” यह कथित आरोप कोई नई बात नहीं है, जब वाजपेयी सरकार में मुरलीमनोहर जोशी मानव संसाधन मंत्री थे, तब भी ऐसे कथित बुद्धिजीवी यही बात लगातार दोहराते थे. चूँकि मोदी सरकार इस बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई है, इसलिए वामपंथ नियंत्रित और विदेशों की नाजायज़ स्कॉलरशिप से “पोषित” बुद्धिजीवियों के गिरोह का स्वर इस बार और भी तीखे हैं. पिछले दो-तीन माह से पुणे स्थित फिल्म एंड टीवी इंस्टीट्यूट (FTII) में गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति को लेकर जो बवाल काटा जा रहा है, वह इसी गिरोह की कारस्तानी है. FTII में छात्रों के कंधे पर रखकर जो वामपंथी बन्दूक चल रही है, उसकी जड़ में इस संस्थान पर पिछले कई वर्षों का कब्ज़ा गँवाने का डर तथा इन वर्षों में किए गए तमाम लाल-काले कारनामों के उजागर होने का डर, यह दो प्रमुख का...