Skip to main content

Posts

Showing posts from August, 2015

एक तरफ पाकिस्तान -लालू परसाद -नितीश -सोनीया -केजरी का महाठगबन्दन - दूसरी तरफ मोदी !

देश के अंदर किसी भी तरह से अस्थिरता लाना और बाहर पाकिस्तान का एटम बॉम्ब से धमकाना एक ही सिक्के के दो पहलु लगते हैं।  जिस तरह की भाषा नितीश -लल्लू -सोनिया -केजरी बोल रहे हैं उससे एक बात तो साफ़  है के मोदी सरकार को चारो तरफ से घेरने की तैयारी पूरी प्लानिंग के साथ हो रही है. आरक्षण का भूत जो पटेलों ,जाटों,गुज्जरों के सर चढ़ रहा है  उसमे घी/तेल डालने वाले महाठगबंधन की चांदी दिख  रही है। उधर रिटायर फौजियों का देश सेवा के बदले देश की आमदनी में हिस्सा मांगना या यूँ कहें माँ की सेवा का मुआबजा मांगना और फिर 1965 के युद्ध के 50 जीत उत्सव का बहिष्कार बताता है के देश के हालात बदतर बनाने की पूरी साजिश की गयी है। ये जो भी बारदातें  हो  रही हैं एक -दूसरे से बिलकुल  जुडी हुई हैं।  मोदी के प्रधान मंत्री बनने से सिवाये देश भक्तों के सभी दुखी थे और अमेरिका से लेकर चीन - पाकिस्तान आदि देश तो एक दम सदमे में पहुँच गए थे। मोदी सरकार द्वारा भूमि अधग्रहण बिल रोकना सही वक्त पर लिया गया सही फैसला है।  मोदी का  विधयक मुझे पसंद था लेकिन ...

Modi Sarkar Under Attack / मोदी सरकार घिर गयी है चक्रवूह में

आरक्षण के नाम पर देश में अस्थिरता लाने का माहोल बनता दिख रहा है।  उधर आज लालूयादव ने बता भी दिया के  बिहार  का महगढ़बंधन 'मंडळ -2 ' है , जी हाँ एक मंडल कमीशन  1990 में वी पी सिंह लेकर आये थे और दूसरा मंडल अब लालू लेकर आ रहे हैं  बिहार मे। दिल्ली की जनता को मुफ्त सामान चाहिए था केजरीवाल जीत कर मुख्यमंत्री बना दिए और अब बिहार में भी कमोवेश बही माहोल बनाया जा रहा है के मुफ्त और अफवाह फैलाओ , साथ ही हार्दिक पटेल के रूप में एक नया नेता बिपक्ष का पक्ष रखने के लिए आ गया है।  आरक्षण से पटेलों का रक्षण करने की बात करने वाले ने जाट और गुज्जर जातियों को अपने साथ आने का न्योता दिया है क्योंकि ये दोनों जातियां भी गरीब हैं और आरक्षण का रक्षण ही इन दोनो जातियों के अस्तितब को बचा  सकता है।  अच्छा ये भी मज़ेदार बात है के जो सैनिक देश पर मरने मिटने की बात करते थे आज पैसे के लिए इतने अंधे हो गए हैं के 1965 युद्ध की 50 वीं बर्षगांठ भी नहीं मनाना चाहते।  भूतपूर्व सैनिको का ये व्यबहार भी देश से गदारी के बराबर ही माना जाना चाहिए।  और जब देश का फौजी ही पैसे...

Bihar Elections

आज लालू यादव ने बताया कि बिहार में कितना गरीबी और बेरोजगारी है। दलित किसान मजदूर सब परेशान हैं। 90 % घरो मे नल का पानी तक नही है। 70% घरो में बिजली नहीं है। सम झ में नहीं आता लल्लू यादव क्यों अपने और नितीश के कुल 25 साल और कॉंग्रेस के 40 साल की पोल क्यों खोल रहे है। BJP को तो आजतक बिहार की सेवा करने का मौका ही नहीं मिला है। पिछले 25 सालो में लालू और नीतिश ही बिहार में बारी-बारी से हुकूमत कर रहे है और राज्य को पिछड़ा बना दिया है घोटाला करके । बिहार में जातिवाद का गंदा बीज बो कर 25 साल तक जहरीली फसल काटकर अपना घर सोने से भर लिया है। गरीब मजदूर किसानों की इस हालत के लिए ,लालू और नितीश ही असली जिम्मेदार है इनकी सरकार को अब उखाडने का समय आ गया है। बिहार अब लालू , नितीश और कॉंग्रेस की छाया से बाहर निकल कर ही अब तरक्की के रास्ते पर आगे बढ सकता है।

Sex - Crime and Amnesty International

एमनेस्टी इंटरनेशनल चाहती है के बेश्याओं को पूरी दुनिया में सहज जीवन जीने की अज़्ज़ादी मिले और इस के लिए सेक्स व्यपार को कानूनी मान्यता दे दी जाये।  भाव तो अच्छा है लेकिन रास्ता गलत है पूरी दुनिया में जहाँ भी सेक्स व्यापार  को कानूनी मान्यता मिली है वहां वेश्याओं की हालत पहले से भी बदतर हो गयी और सेक्स व्यापार में महिलाओं की जनसंख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो गयी।  इसका मतलब ये नही के कानून बनते ही लडकियां निर्लज हो गयीं , ना , बल्कि मज़बूर लड़कियों से देह व्यापार करवाने वालों को खुली छूट मिल गयी और मज़बूर परिवारों की मज़बूर लड़कियों को अब बिना कानून के  डर से देह बेच कर परिवार की मज़बूरी में सहायता करने का रास्ता दिखाने वाले  लोग एक दम सक्रीय हो गए।  उधर कई देशों ने सेक्स को कानूनन  मान्यताएं तो दी लेकिन शर्तों के साथ जैसे सेक्स बेचना गुनाह नहीं लेकिन खरीदना गुनाह है। होता क्या है के अधिकतर सेक्स खरीदने वाले शादी-शुदा और अमीर परिवारों के लोग होते हैं उन पर शिकंजा कसा गया और स्वीडन ने जब सेक्स खरीदने को गैर कानूनी बनाया तो स्वीडन में देह वयापार एक दम से कम...

Patel arakshan -- Poem

आओ मिलकर आग लगाएं,नित नित नूतन स्वांग करें, पौरुष की नीलामी कर दें,आरक्षण की मांग करें। पहले से हम बंटे हुए हैं,और अधिक बंट जाएँ हम, 100 करोड़ हिन्दू है,मिलकर इक दूजे को खाएं हम। देश मरे भूखा चाहे पर अपना पेट भराओ जी, शर्माओ मत,भारत माँ के बाल नोचने आओ जी। तेरा हिस्सा मेरा हिस्सा,किस्सा बहुत पुराना है, हिस्से की रस्साकसियों में भूल नही ये जाना है। याद करो ज़मीन के हिस्सों पर जब हम टकराते थे, गज़नी कासिम बाबर मौका पाते ही घुस आते थे। अब हम लड़ने आये हैं आरक्षण वाली रोटी पर, जैसे कुत्ते झगड़ रहे हों कटी गाय की बोटी पर। हमने कलम किताब लगन को दूर बहुत ही फेंका है, नककारो को खीर खिलाना संविधान का ठेका है। मैं भी पिछड़ा,मैं भी पिछड़ा,कह कर बनो भिखारी जी, ठाकुर पंडित बनिया सब के सब कर लो तैयारी जी। जब पटेल के कुनबों की थाली खाली हो सकती है, कई राजपूतों के घर भी कंगाली हो सकती है। बनिए का बेटा रिक्शे की मज़दूरी कर सकता है, और किसी पंडित का बेटा भूखा भी मर सकता है। आओ इनहीं बहानों को लेकर,सड़कों पर टूट पड़ो, अपनी अपनी बिरादरी का झंडा लेकर छूट पड़ो । शर्म करो,हिन्दू बनते हो,नस्ल...

क्या सौदा नहीं है एक रैंक एक पेंशन ? One Rank One Pension

पिछले काफी समय से भारत के भूतपूर्व सैनिक ,एक रैंक एक पेंशन, की मांग कर रहे हैं. पहले मुझे इसमें कोई दिलचस्वी नहीं  थी लेकिन आज 15 अगस्त के दिन एक भूतपूर्व सैनिक टीवी पे बैठ कर सैनिको के सेवा और समर्पण की बाते करते हुए खूब एहसान जता  रहा था देश पर , बात यहीं तक रहती   तो ठीक था ,लकिन उस भूतपूर्ब सैनिक ने अपने आप को जब  चन्द्र शेखर  आज़ाद , सुभाषचन्द्र बॉस , भगत सिंह, राजगुरु आदि से तुलना करी। मैंने कभी भी किसी भी आज़ादी के दीवाने को अपनी देश सेवा या शहादत की कीमत निर्धारित करते नहीं सूना है।  हो सकता है के वक़्त के साथ शहादत की परभाषा बदली हो लेकिन शाहदत या सेवा करने वाला तनख्वा या पगार लेता है या मांग करता है ये अभी आज़ाद भारत में ही देख रहा हूँ।                     आप आज के संधर्व में ही अगर बात करें तो जब भी कोई सैना में भर्ती के लिए जाता है तो देश सेवा बाद में पहले उसके लिए सैना की नौकरी रोज़गार होती है।  अब ड्यूटी देते समय अगर  आतंकी हमले में या किसी और कारन किसी सैनिक की मृत्यु होती है तो उसका ह...