देश में बहुत कुछ अच्छा हो रहा है। J N U में कन्हैया बापिस आया और आरएसएस तथा मोदी की भाषा बोलते हुए देश भक्ति की ऊंची -ऊंची बातें कर रहा था। आज तक , abp news , ndtv आदि के स्टूडियोज में तो जैसे रौनक ही लौट आई। इन चेन्नल्स ने कन्हैया को मोदी के बराबर नहीं बल्कि बहुत ऊपर , बड़ा करके दिखाया। खैर जितना मर्जी दिखाया लेकिन कन्हैया के विचारों में आया क्रांतिकारी बदलाव क्यों और कैसे आया ये किसी ने भी नहीं बताया। कन्हैया खुद को भी 'बेचारा ' बताता रहा लेकिन उसके कड़वे और देश द्रोही विचारों पर राष्ट्र भक्ति की चाशनी का राज़ उसने भी नहीं बताया , बल्कि 'लाल-सलाम ' के बुर्के को ओढ़ कर जेल और कोर्ट में पिलाई गई देश भक्ति की घुटी को छुपाने की नाकाम कोशिशि तो की लेकिन गीदड़ तब तक पहचाना नहीं जाता जब तक मुंह ना खोले और जैसे ही वह मुंह खोलता है हुआँ -हुआँ की आवाज़ सारे राज़ खोल देती है। यहाँ भी ऐसा ही हुआ सभी नाटक और बातें एक तरफ, लेकिन देश भक्ति लपलपाती चाशनी में एक गदार के देश भक्ति वाले भाषण ने सारा राज़ खोल दिया। जेल में सेवा तो ...