एमनेस्टी इंटरनेशनल चाहती है के बेश्याओं को पूरी दुनिया में सहज जीवन जीने की अज़्ज़ादी मिले और इस के लिए सेक्स व्यपार को कानूनी मान्यता दे दी जाये। भाव तो अच्छा है लेकिन रास्ता गलत है पूरी दुनिया में जहाँ भी सेक्स व्यापार को कानूनी मान्यता मिली है वहां वेश्याओं की हालत पहले से भी बदतर हो गयी और सेक्स व्यापार में महिलाओं की जनसंख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो गयी। इसका मतलब ये नही के कानून बनते ही लडकियां निर्लज हो गयीं , ना , बल्कि मज़बूर लड़कियों से देह व्यापार करवाने वालों को खुली छूट मिल गयी और मज़बूर परिवारों की मज़बूर लड़कियों को अब बिना कानून के डर से देह बेच कर परिवार की मज़बूरी में सहायता करने का रास्ता दिखाने वाले लोग एक दम सक्रीय हो गए। उधर कई देशों ने सेक्स को कानूनन मान्यताएं तो दी लेकिन शर्तों के साथ जैसे सेक्स बेचना गुनाह नहीं लेकिन खरीदना गुनाह है। होता क्या है के अधिकतर सेक्स खरीदने वाले शादी-शुदा और अमीर परिवारों के लोग होते हैं उन पर शिकंजा कसा गया और स्वीडन ने जब सेक्स खरीदने को गैर कानूनी बनाया तो स्वीडन में देह वयापार एक दम से कम...