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Showing posts with the label #JNU

Kindness is Quality of India/ रामदेव दुश्मनो की चालों से अनभिज्ञ नहीं हैं

पिछले दिनों में एक विचार ने मुझे काफी विचलित किया और परिणाम स्वरूप मैंने अपने लेखन में बदलाब करने का निर्णंये लिया।  सकारात्मकता को अब मैंने अपने लेखन की सर्वश्रेष्ठ पूँजी बनाने की शुरुआत की है। राजनितिक विचार और कटाक्ष भी होंगे लेकिन मूलतत्व "सकारात्मकता " अब मुख्य ध्ये होगा।  क्योंकि अपने लोगों तथा समाज की अगर तारीफ हम नहीं करेंगे ,अच्छे कामो की अगर रौशनी हमारे समाज में फैलानी है तो नकारात्मकता को छोड़ना होगा।  ओबैसी क्या कहता है क्या फरक पड़ता है , JNU में कुछ एक मूर्ख लोग देश तोड़ने की बात करें तो उनको महत्व क्यों दें ? बल्कि देश में हो रहे अच्छे काम तथा करने वालों के बारे में बात करेंगे तो कुछ सीखने को मिलता रहेगा।  शव्दों का असर बहुत  है ,ऐसे ही कर्मो का भी। हमारे देश में नकारात्मकता जानकर या अनजाने में फैलाई गयी है क्या फरक पड़ता है , मूलतत्व है  आज़ादी के बाद से हमारे हीरो और पहचान तथा इतिहास सभी पर परोक्ष रूप से प्रशन चिन्ह लगा दिए गए , पढ़ाई में इतना बदलाब हुआ के लोग भारतीयता का सही रूप ही भूल गए। एक युवा ने प्रशन किया "भारत हमारी माता कैसे हो सकता ह...

Karan Thapar Exposed / जेहादी मीडिया देश का दुश्मन बन गया है?

शब्दों का मोह पाश भी बड़ा अजीब है और अगर शब्द अंग्रेजी पत्रकार के हों तब तो शब्दों के प्रभाव में बजन अपने आप आ जाता है।  आज की पंजाब केसरी अखबार में एक लेख पढ़ा लेखक अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी पत्रकार हैं नाम  'करण थापर ' . बहुत ही उत्कृष्ट पत्रकार रहे हैं ये , इनके शब्दों के चुनाब से बहुत से पाठक  इतने प्रभाभित होते हैं के इनके शव्दों को "भगवान के शब्द " माना जाता है। खैर , JNU प्रकरण ने बहुत कुछ साफ़ किया है।  आज़ादी के बाद से भारत की मीडिया पर एक विशेष विचारधारा का अधिपत्य रहा है , ये बात भी मुझे तथा आप सभी को JNU प्रकरण के बाद ही पता चली। जिन मीडिया वालों के प्रभाव और योग्यता के हम वर्षों  से कायल रहे, उनकी "गुप्त विचारधारा" का साक्षातकार हुआ।  कर्ण थापर भी उन छदम  ज़मात के निकले।   कन्हैया कुमार ने देश विरोधी नारे लगाये भी और लगवाए भी लेकिन करण थापर के शब्द कन्हैया के लिए जो प्रयुक्त हुए हैं ध्यान से पढियेगा - "वह छोटे से और गठीले कद का व्यक्ति है जो बिलकुल ही आपके लिए किसी प्रकार की चुनौती होने का आभास नहीं देता। उसके चेहर...

Hot News -शरद यादव पनमुर्गी देखनी है तो jnu जाओ .. .... लाखो पनमुर्गियां दिखेंगी।

मेगा शो का सेकुलरों द्वारा विरोध ??? केरल में पम्पा नदी के किनारे एशिया का सबस े बड़ा ईसाई सम्मेलन हुआ.. तब शरद यादव और सीताराम येचुरी सहित सभी सेकुलर कुत्ते खामोश थे ..कई सौ एकड़ फसलों को राज्य सरकार ने नष्ट करवा दिया था .. यहाँ तक की न्यूज़ चैनेल भी एकदम खामोश थे .. लघभग दो दशक पहले आगरा में ग्रीक के विश्व प्रसिद्ध संगीतकार पियानो वादक '' यानी ''जो दुनिया के सभी आश्चर्य के प्रांगण में अपना शो करना चाहते थे .. उन्होंने सभी जगह किया फिर आगरा में ताजमहल के ठीक बगल में यमुना नदी के खादर में ही उन्हें शो करने की इजाजत मिल गयी ... उस समय भी सेना ने यमुना पर चार पुल बनाये थे .. तब भी सेकुलर सूअर खामोश थे .. आज हिन्दुओ का आयोजन हो रहा है तो सभी कुत्ते भौक रहे है ... दोगलो दिल्ली में यमुना वैसे भी एक गंदा नाला है .. उसमे बीओडी यानी बायोलॉजीकल ओक्सीजन डिमांड जीरो है ..यानी यमुना में कोई जीव जिन्दा रह ही नही सकता तो उस नदी के इकोलोजी का भला क्या नुकसान होगा ? शरद यादव भौक रहा था की लाखो पनमुर्गियां खतरे में है .. उनके करोड़ो अंडे फोड़ दिए गये ..मै दिल्ली में कई  सा...

Modi Sarkar and Indian Politics

स्वच्छ भारत अभियान तो फ्लॉप है जी , देखो हमारी गली ,मोहला, गाओं शहर कितने गंदे हैं।  सरकार की नीतियां सिर्फ कागज़ों पर चल रही हैं।  मेक इन इंडिया भी फ्लॉप है जी , कोई फायदा नही हो रहा देश को।  बुलेट ट्रैन नहीं चाहिए हमें तो हमारे सैनिको के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट चाहिए।  काल धन तो जुमला था जी, व्यपारिओं का टैक्स हटा कर सरकारी कर्मचारिओं पर लगा दिया जी। क्रूड तेल की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में घट रही है लेकिन जनता को फायदा नहीं मिला।  ऐसे कई मज़ाकिया आरोप बिपक्ष आज मोदी सरकार पर और उनकी नीतियों के बारे में  लगाता  है।  J N U के देश द्रोहियों की महिमा मंडन और विपक्ष के तलवे चाटने वाले कई पत्रकार सरकार की नीतियों पर  प्र्शन चिन्ह लगा देते हैं।  खैर उनका ये अधिकार  है , लेकिन क्या "भारत " सिर्फ मोदी ,बीजेपी या आरएसएस का देश है ? बाकी किसी का कोई फ़र्ज़ नहीं ,  अगर कोई काम देश के फायदे के लिए किया जाता है तो आरोप लगता है गुप्त अजेंडे पे काम कर रही है सरकार। पिछले दिनों तो हद हो गयी , एक गदार छात्र को पकड़ने की कवायद शुरू हुई तो सभी...

Ex-Serviceman on Fire Against Kanhaiya !

एयरफोर्स सैनिक का जोरदार लेटर बम ... !! ... पढें  -------------- . ____ "कल जेल से छूटने के बाद छात्र संघ के कन्हैया के भाषण को सुन कर मुझे कुत्तों की प्रवृति य ाद आ गयी.. भौंकते हैं … जब कोई ठोकता है तो कुंकाते हैं यानि कैं कैं करते हैं और फिर कुछ दूरी पर जाकर भौंकने लगते हैं.. जिस न्याय व्यवस्था को मानते नही उसी से न्याय मांगने लगते हैं । याद किजिये भाषण के अगले दिन ये महाशय चैनल पर पूरे जोश के साथ नज़र आये—- जब गिरफ़्तारी हुई तो इनके तेवर ढीले पड़ गये– और जब अदालत में ठुकाई हुई तो ये दीन हीन हो गये । वैसे जेल में रहने का कुछ तो प्रभाव हुआ ही जो इनकी ग्रामर थोड़ी ठीक हो गयी पहले इन्हे “भारत से आज़ादी” चाहिये थी लेक़िन जेल से छूटने के बाद “भारत में” आज़ादी चाहिये हो गयी । इसका श्रेय में पूरा पूरा सरकार को देना चाहुंगा । . मैं इन महोदय को 'कुत्ता' कह कर संबोधित करना चाहता था लेक़िन मुझे कुत्तों की 'वफ़ादारी और इज़्ज़त' का ख़्याल आ गया । कुत्ते जिसका खाते हैं उस पर गुर्राते नही हैं । ये महोदय अमीरों के 'टैक्स के टुकड़ों' पर पलते हैं, शिक्षा अर्जित करते हैं और 'आरक्ष...

JNU- Hide out for Anti-nationals / मोदी सरकार की टँकार देखिये गद्दार जैसे ही जेल से छूटा..

एक गधी को पुलिस उठा कर ले गयी , उसपर देश द्रोह का केस था।  कुछ दिनों बाद वो गधी ज़मानत पे छूट कर बाहर आई तो अपनी साथी गधियों से अलग-अलग रहे।  किसी ने पुछा ये व्यबहार में बदलाब कैसे आया तो जवाव मिला ' जब से जेल जा कर आई है इनकी अलग जान पहचान और रुतवा हो गया है ' दुनिया भर के देश द्रोही और गद्दार इनका जेल अनुभव जानने के लिए आ रहे हैं। अब तो ये सेलिब्रिटी हो गई है।  पिछले तीन दिनों में दिल्ली का नज़ारा ऐसी ही तस्वीर दिखा रहा है। एक के बाद एक गद्दार लोग मीडिया में हीरो की तरह बात कर रहे हैं।  माहोल ऐसा हो गया है जैसे हिजड़ों के घर बेटे ने जनम ले लिया हो और अब बेटे को चूम -चूम के ही मार देंगे।  मीडिया में "गद्दार हीरो और देश सेवा करने वाले शहीद सैनिक जीरो " हो गए।  सुकमा में तीन जवानो की शहादत गौण हो गयी मीडिया के लिए। दुःख तो बहुत है लेकिन क्या करें ? शहीद के नाम पर वोट नहीं मिलती और गदार को वोट मांगने के लिए आर्डर भी मिल गए।  हमारे संबिधान की सुंदरता देखिये गदार राजनीति कर सकता है लेकिन सैनिक गद्दारों को मार नहीं सकता अगर सैनिक ऐसा करेगा तो गद्दारों के अधि...

JNU AZADI ऑपरेशन हुआ कन्हैया का -अच्छे दिन तो शुरू हो गए भाई !!

देश में बहुत कुछ अच्छा हो रहा है।  J N U में कन्हैया बापिस आया और आरएसएस तथा मोदी की भाषा बोलते हुए देश भक्ति की ऊंची -ऊंची बातें कर रहा था।  आज तक , abp news , ndtv आदि के स्टूडियोज में तो जैसे रौनक ही लौट आई।  इन चेन्नल्स ने कन्हैया को मोदी के बराबर नहीं बल्कि बहुत ऊपर , बड़ा करके दिखाया।  खैर जितना मर्जी दिखाया लेकिन कन्हैया के विचारों में आया क्रांतिकारी बदलाव क्यों और कैसे आया ये किसी ने भी नहीं बताया।  कन्हैया खुद को भी 'बेचारा ' बताता रहा लेकिन उसके कड़वे और देश द्रोही विचारों पर राष्ट्र भक्ति की चाशनी का राज़ उसने भी नहीं बताया , बल्कि 'लाल-सलाम ' के बुर्के को ओढ़ कर जेल और कोर्ट में पिलाई गई  देश भक्ति की घुटी  को छुपाने की नाकाम कोशिशि तो की लेकिन गीदड़ तब  तक पहचाना नहीं जाता जब तक मुंह ना खोले और जैसे ही वह मुंह खोलता है हुआँ -हुआँ की आवाज़ सारे राज़ खोल देती है।  यहाँ भी ऐसा ही हुआ सभी नाटक और बातें एक तरफ, लेकिन देश भक्ति  लपलपाती चाशनी में एक गदार के देश भक्ति वाले भाषण ने सारा राज़ खोल दिया।  जेल में सेवा तो ...

JNU ISSUE - United India

देश में जिस तरह की हवा बनायी जा रही खतरे की संभावना बढ़ रही है ऐसा दिख रहा है ,लेकिन साधारण जन -मानस की खरी-खरी दो टूक बातें सुन कर मुझे महसूस हो रहा है के अब देश के अच्छे दिन आ रहे है।  JNU हादसे ने देश को जोड़ने का बहुत महत्वपूर्ण काम किया है।  देश की जनता को  बिना कुछ किये साफ़ -साफ़ पता चला के देश में जो देश बिरोधी गतिविधियाँ चलती रही हैं उनको समर्थन कहाँ से मिलता रहा है।  राहुल गांधी , केजरीवाल , समाजवादी ,जनता दल बहुजनबादी और कम्युनिस्ट् विद्वानो का  खुल कर देश द्रोहियों के समर्थन में आना पूरी की पूरी कहानी ब्यान कर गया।  किसी को कुछ कहना या सुनना ही नहीं पड़ा , लेकिन जनता ने एक सुर में देश प्रेम और सम्मान को महत्वपूर्ण बता कर एक कड़ा संदेश दे दिया है के , जो भी हो देश के विरुध बोलने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।  अब केंद्रीय विश्वविद्यालओं में तिरंगा फहराने के विरोध ने जनता को पक्का यकीन दिलवा दिया है के देश को अस्थिर और तोड़ने की साजिश करने वाले जितने अधिक देश के बाहर हैं उससे अधिक संख्या देश के अंदर है और ये दोषी लोग धर्म ,मज़हव या जाती की आढ़ में छुपे ह...