मोदी सरकार देश की सुरक्षा को लेकर बहुत ही संजीदा है , इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। इसी बात को और पुख्ता करता है हेरान टीपी ड्रोन खरीदने के प्रस्ताब को गुपचुप ढंग से पास करना। 40 करोड़ डॉलर की ये डील भारत की सेनाओं को बहुत सहायक होने वाली है। अच्छा ये भी खूब रही हम सभी ये भी चाहते हैं के ऐसे और हथियार भारत सरकार ख़रीदे जिससे सेना ताकतवर बने लेकिन दूसरी तरफ मुफ्त में सुबिधायें चाहियें, पेंशने भी बढ़ा दी जाएँ , सैलरी भी बढाई जाये , टैक्स भी कम हो जाए , सड़कें भी बने ,नए काम हों आदि आदि। लेकिन क्या ये सब इतना आसान है ? क्या हर किसी को देश हित के लिए कुछ त्याग नहीं करना चाहिए ? अब पेट्रोल -डीज़ल के दाम काफी नीचे आये हैं लेकिन ट्रकों -बसों -टैक्सियों के किराए कम नहीं हुए ,क्यों ? क्या ये भी मोदी के डंडे से ही सम्भव है क्या? अगर सरकार डंडे का उपयोग करेगी इन छोटी-छोटी चीज़ों के लिए तो फिर और काम कब होंगे। सिर्फ बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता ही अगर ईमानदारी से अपना काम देश हित में दो साल के लिए करें तो भारत सफलता की आवरत लिख सकता है , अब ...