Love Is The Only Medicine For This World
रास्ते बदलते रहें लेकिन लक्ष्य न ओझल होने पाए इसलिए कदम ध्यान से बढ़ाते जाना। प्रयत्न की विधियां बदलती रहनी चाहिए। जिस तरिके से सीखने में उन्नति होती हुई दिखाई न दे उस पर अड़े रहना समझदारी नहीं होती। उस रीति /तरिके में बदलाव करके दूसरे ढंग अपनाने में कोई बुराई नहीं , याद रहे हम लक्ष्य थोड़ी बदल रहे हैं ,सिर्फ रास्ते में बदलाब हो रहा है। सीखने का तो उद्देश्य ही होता है अलग - अलग तरिके ढूँढना जो शिक्षार्थियों के लिए आसान तथा लाभकारी हों। गणित सिखाने का तरीका भी तो यही होता है कि विद्यार्थी को थोड़े से प्रश्न हल करने के लिए दिए जाएँ लेकिन उन प्रश्नों को अलग -अलग विधियों के प्रयोग द्वारा हल करने का आदेश दिया जाए जिससे शिक्षार्थी को समझ आ जाये कि कोन सी विधि कहां अच्छे परिणाम देगी। मतलब साफ है जितने भी वैकल्पिक तरिके हैं सभी को आजमाना चाहिए जब तक मन माफिक परिणाम नहीं मिलते। सभी रीतियां सभी के लिए नहीं होती हैं , ये बात हमेशा याद रखना है। आपको अपने लिए सर्वोत्तम रीति ढूंढनी है। किसी सफलतम व्यक्ति द्वारा आपको बताई गयी सिद्ध विधि भी उपयोगी नहीं हो सकती है। हमेशा याद रखना कि आप सर्वोत्तम विधि की खोज नहीं कर रहे ,बल्कि जो विधि आपके लिए सर्वोत्तम हो उसकी खोज की जा रही है। मान लो आप भाषण त्यार कर रहे हैं या फिर कक्षा में पढ़ाने के लिए लेक्चर त्यार कर रहे हैं , तो ये क्रिया रोज करनी होगी , एक ही तरिके से लैक्चर त्यार करना नीरस हो जायेगा , आप अलग -अलग रीति से लैक्चर त्यार करिये। लिख कर रटने की बजाए ,किसी दिन उस लैक्चर को बिना रटे , अपने शब्दों में कक्षा में पढ़ाइये। भाषण में भी पूरा मेटीरियल इकट्ठा करके कभी देख कर, कभी रट कर ,कभी बिना रटे अपने शब्दों में भाषण दीजिये फिर जो विधि आपको सर्वोत्तम लगे अपने लिए उसका प्रयोग नित्य करते जाएँ, परन्तु कोई नया तरीका मिले तो ट्राई करने में झिझकना नहीं क्योंकि ' नित्य नवीन सुधारों की ज़रूरत बनी रहती है ' और जिसने नए तरिके ट्राई करने बंद कर दिए समझो उसकी ग्रोथ रुक गयी। हमेशा याद रहे' विधियां बदल रही हैं हमारा लक्ष्य वही है' , हम अपने लक्ष्य को सर्वोत्तम ढंग से प्राप्त करना चाहते हैं उसे ओझल नहीं होने देना है। कोशिशों के तरिके बदलने से उत्साह बना रहता है तथा जिज्ञासा का नया संचार भी होता है। कई बार कोई रीति आपको अच्छे परिणाम नहीं देगी ,उस समय अपनी वैज्ञानिक सोच का सहारा लेना होगा , अगली बार उस क्रिया का प्रयोग नहीं करें , लेकिन नई विधि के साथ नए प्रयोग की तरफ अग्रसर रहें।
रास्ते बदलते रहें लेकिन लक्ष्य न ओझल होने पाए इसलिए कदम ध्यान से बढ़ाते जाना। प्रयत्न की विधियां बदलती रहनी चाहिए। जिस तरिके से सीखने में उन्नति होती हुई दिखाई न दे उस पर अड़े रहना समझदारी नहीं होती। उस रीति /तरिके में बदलाव करके दूसरे ढंग अपनाने में कोई बुराई नहीं , याद रहे हम लक्ष्य थोड़ी बदल रहे हैं ,सिर्फ रास्ते में बदलाब हो रहा है। सीखने का तो उद्देश्य ही होता है अलग - अलग तरिके ढूँढना जो शिक्षार्थियों के लिए आसान तथा लाभकारी हों। गणित सिखाने का तरीका भी तो यही होता है कि विद्यार्थी को थोड़े से प्रश्न हल करने के लिए दिए जाएँ लेकिन उन प्रश्नों को अलग -अलग विधियों के प्रयोग द्वारा हल करने का आदेश दिया जाए जिससे शिक्षार्थी को समझ आ जाये कि कोन सी विधि कहां अच्छे परिणाम देगी। मतलब साफ है जितने भी वैकल्पिक तरिके हैं सभी को आजमाना चाहिए जब तक मन माफिक परिणाम नहीं मिलते। सभी रीतियां सभी के लिए नहीं होती हैं , ये बात हमेशा याद रखना है। आपको अपने लिए सर्वोत्तम रीति ढूंढनी है। किसी सफलतम व्यक्ति द्वारा आपको बताई गयी सिद्ध विधि भी उपयोगी नहीं हो सकती है। हमेशा याद रखना कि आप सर्वोत्तम विधि की खोज नहीं कर रहे ,बल्कि जो विधि आपके लिए सर्वोत्तम हो उसकी खोज की जा रही है। मान लो आप भाषण त्यार कर रहे हैं या फिर कक्षा में पढ़ाने के लिए लेक्चर त्यार कर रहे हैं , तो ये क्रिया रोज करनी होगी , एक ही तरिके से लैक्चर त्यार करना नीरस हो जायेगा , आप अलग -अलग रीति से लैक्चर त्यार करिये। लिख कर रटने की बजाए ,किसी दिन उस लैक्चर को बिना रटे , अपने शब्दों में कक्षा में पढ़ाइये। भाषण में भी पूरा मेटीरियल इकट्ठा करके कभी देख कर, कभी रट कर ,कभी बिना रटे अपने शब्दों में भाषण दीजिये फिर जो विधि आपको सर्वोत्तम लगे अपने लिए उसका प्रयोग नित्य करते जाएँ, परन्तु कोई नया तरीका मिले तो ट्राई करने में झिझकना नहीं क्योंकि ' नित्य नवीन सुधारों की ज़रूरत बनी रहती है ' और जिसने नए तरिके ट्राई करने बंद कर दिए समझो उसकी ग्रोथ रुक गयी। हमेशा याद रहे' विधियां बदल रही हैं हमारा लक्ष्य वही है' , हम अपने लक्ष्य को सर्वोत्तम ढंग से प्राप्त करना चाहते हैं उसे ओझल नहीं होने देना है। कोशिशों के तरिके बदलने से उत्साह बना रहता है तथा जिज्ञासा का नया संचार भी होता है। कई बार कोई रीति आपको अच्छे परिणाम नहीं देगी ,उस समय अपनी वैज्ञानिक सोच का सहारा लेना होगा , अगली बार उस क्रिया का प्रयोग नहीं करें , लेकिन नई विधि के साथ नए प्रयोग की तरफ अग्रसर रहें।
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