दिल्ली में प्रदूषण बढ़ रहा है और जीना दूभर हो गया है दिल्ली वालों का लेकिन हैरानगी होती है जब वैज्ञानिक भी नेताओं की तरह बातें करने लगते हैं। हमारे देश में खनन माफिया का कहर इतना अधिक है कि वैज्ञानिक भी जनता को बढ़ते प्रदूषण का पूरा सच बताने से डरते हैं। क्या कोर्ट क्या डॉक्टर सभी कहते हैं कि हवा में महीन धूलकण बहुत जेहरीले हैं और दिल्ली वालो के सांस उखाड़ने वाले ये धूलकण किसानो द्वारा जलाई जा रही प्रालि के कारण फ़ैल रहे हैं। कोई पूछने वाला नहीं इनसे की जब आग से प्रालि जलाई जाती है है तब की किसान रेट-मिटटी मिलाकर हवा में मिला देते हैं या लोई और कारण है जिस के बारे में बोलने से सभी डरते हैं। मतलब ये माफिया इतना बड़ा और ताकत वॉर है कि कोई भी जानकार इस के बारे में बात ही नहीं करता। जी हाँ , खनन माफिया की ही बात कर रहा हूँ। स्टोन क्रेशरों द्वारा हवा में महीन जानलेवा धूल मिलाई जा रही है दिल्ली की धूल तो मीडिया दिखा रहा है लेकिन अधूरे सच के साथ। भारत में इस समय वायु प्रदुषण के सबसे बड़े कारणों में स्टोन क्रेशर आते हैं परन्तु ये माफिया इतना ताकतवर है की कोई भी पर्यवरण ...