आरक्षण के नाम पर देश में अस्थिरता लाने का माहोल बनता दिख रहा है। उधर आज लालूयादव ने बता भी दिया के बिहार का महगढ़बंधन 'मंडळ -2 ' है , जी हाँ एक मंडल कमीशन 1990 में वी पी सिंह लेकर आये थे और दूसरा मंडल अब लालू लेकर आ रहे हैं बिहार मे। दिल्ली की जनता को मुफ्त सामान चाहिए था केजरीवाल जीत कर मुख्यमंत्री बना दिए और अब बिहार में भी कमोवेश बही माहोल बनाया जा रहा है के मुफ्त और अफवाह फैलाओ , साथ ही हार्दिक पटेल के रूप में एक नया नेता बिपक्ष का पक्ष रखने के लिए आ गया है। आरक्षण से पटेलों का रक्षण करने की बात करने वाले ने जाट और गुज्जर जातियों को अपने साथ आने का न्योता दिया है क्योंकि ये दोनों जातियां भी गरीब हैं और आरक्षण का रक्षण ही इन दोनो जातियों के अस्तितब को बचा सकता है। अच्छा ये भी मज़ेदार बात है के जो सैनिक देश पर मरने मिटने की बात करते थे आज पैसे के लिए इतने अंधे हो गए हैं के 1965 युद्ध की 50 वीं बर्षगांठ भी नहीं मनाना चाहते। भूतपूर्व सैनिको का ये व्यबहार भी देश से गदारी के बराबर ही माना जाना चाहिए। और जब देश का फौजी ही पैसे...