Skip to main content

Modi Sarkar Under Attack / मोदी सरकार घिर गयी है चक्रवूह में

आरक्षण के नाम पर देश में अस्थिरता लाने का माहोल बनता दिख रहा है।  उधर आज लालूयादव ने बता भी दिया के  बिहार  का महगढ़बंधन 'मंडळ -2 ' है , जी हाँ एक मंडल कमीशन  1990 में वी पी सिंह लेकर आये थे और दूसरा मंडल अब लालू लेकर आ रहे हैं  बिहार मे। दिल्ली की जनता को मुफ्त सामान चाहिए था केजरीवाल जीत कर मुख्यमंत्री बना दिए और अब बिहार में भी कमोवेश बही माहोल बनाया जा रहा है के मुफ्त और अफवाह फैलाओ , साथ ही हार्दिक पटेल के रूप में एक नया नेता बिपक्ष का पक्ष रखने के लिए आ गया है।  आरक्षण से पटेलों का रक्षण करने की बात करने वाले ने जाट और गुज्जर जातियों को अपने साथ आने का न्योता दिया है क्योंकि ये दोनों जातियां भी गरीब हैं और आरक्षण का रक्षण ही इन दोनो जातियों के अस्तितब को बचा  सकता है।  अच्छा ये भी मज़ेदार बात है के जो सैनिक देश पर मरने मिटने की बात करते थे आज पैसे के लिए इतने अंधे हो गए हैं के 1965 युद्ध की 50 वीं बर्षगांठ भी नहीं मनाना चाहते।  भूतपूर्व सैनिको का ये व्यबहार भी देश से गदारी के बराबर ही माना जाना चाहिए।  और जब देश का फौजी ही पैसे के लिए ब्लैक मेलिंग और गदारी पे उतर आएं तो साधारण पटेल-जाट-गुजार जैसे गरीव -पिछड़े  हुई जातियां आरक्षण के लिए देश को ग्रह युद्ध की तरफ ले जाने की कोशिश करें तो कोई अचम्भा नहीं है।
मोदी सरकार की सबसे बड़ी बेबसी है काम करने वाले लोगों की कमी , उससे भी बड़ी मज़बूरी है  अडवाणी जैसे असंतुष्ट बीजेपी नेता।  अपने ही पार्टी के लोग मोदी सरकार के बिरुद्ध काम कर रहे हैं  .देखना होगा के  प्रधानमंत्री मोदी आने वाले दिनों में किस अस्तर /अथियार का प्रयोग करते हैं इस चक्रविहू   से देश और  सरकार को बचाने के लिए  
एक गीत नरेंदर मोदी के लिए है  आप भी गुनगुनाएं अछा है इंक़लाब फिल्म से है :---
https://www.youtube.com/watch?v=k167feGhh_Y


Comments

Popular posts from this blog

How to Learn New Things or Tough Subjects Successfully ?मतलब ये है कि आप अपने बचपन में लौट जाइये अर्थात बच्चे बन जाइये

Love Is The Only Medicine For This World जानवरों तथा मनुष्यों का सीखने का तरीका लगभग एक जैसा ही होता है।  जीवों के सीखने की प्रक्रिया ,'कोशिश और गलती अर्थात trial and error ' नियम पर आधारित होती है । सीखने वाले के लिए शुरूआती प्रयत्न किसी विज्ञानिक प्रयोग से कम नहीं होते। प्रारंभिक छोटी -छोटी कोशिशों से मनुष्य को सफलता के रास्ते की कठिनाइयों तथा अपनी कमियों का पता चलता है ,जिनको दूर करने के प्रयत्न वह आरम्भ कर देता है। शुरुआती प्रयत्न इतना तो समझा ही देते हैं कि वे कौन  से  तरीके हैं जिनसे लक्षित क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं हो सकती और वह नए तरिके अपना कर अपनी कोशिशों को नए आयाम देना भी आरम्भ करदेता है। सीखना मानसिक दक्षता का आधार है।  हर सीखने वाले की दक्षता अलग -अलग होती है अतः सीखने के लिए कितना समय लगता है यह भी हर किसी की दक्षता पर ही निर्भर करता है।  कौरव तथा पांडव गुरु द्रोणाचार्य जी के आश्रम में शिक्षा के लिए  गए।  गुरु जी ने पहला पाठ पढ़ाया "सदा सच बोलो " | अगले दिन गुरु जी ने पाठ सुनाने को कहा तो सिवाए युधिष्ठिर के सभी ने पाठ रट कर सुना...

बैसाखी मनाई स्वां नदी में फेंका कूड़ा जला कर

खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों पे हिमाचल प्रदेश अकैडमी है मेहरवान !