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Showing posts from 2014

Hindu verses Secular Saints and Media /मीडिया हिन्दू संतो को पाखंडी और धर्म परिवर्तन करवाने वालों को महान क्यों कहता है

क्या कारण है ये मीडिया हिन्दू संतो को पाखंडी और धर्म परिवर्तन करवाने वालों को महान कहता है :- 2 आर्टिकल अंग्रेजी में लिखे हुए आप से शेयर कर रहा हूँ संक्षिप्त रूप में और उनके लिंक भी दे रहा हूँ अंग्रेजी में हैं जरूर पढ़ें , दोनों में संतों के बारे में बात की गयी है , एक आर्टिकल में इसाई संत फ्रांसिस क्सेविएर के बारे में बताया गया है , फ्रांसिस गोवा में 6 mayee 1542 को उत्तरे थे और 10 वर्ष बाद उनका देहांत हो गया था 3 दिसम्बर 1552 को ,लेकिन उनका वेजान शरीर गोवा में आज भी पड़ा हुआ है , उनके शारीर से एक हाथ अलग करके रोम लेजाया गया है जनता के दर्शन के लिए , संत फ्रांसिस को महान बोला गया क्योंकि उनहोंने 3 लाख से जादा लोगों का धरम परिवर्तन सिर्फ 10 साल के छोटे से समय में करवा कर इसाई बनवाया था , इस लेख के लेखक का नाम है डेनिस कोडी विदेशी हैं लेकिन गोवा में इसाई संत के किये कार्यों से खुश हो क्र उनको याद भी करते हैं और दुनिया को छाती चोडी करके बताते भी हैं के कैसे इसाई संत ने 3 लाख लोगों का धरम परिवर्तित किया और कैसे उनका मृत शरीर आज भी ४५० साल बाद भी दुनिया की आस्था का केंद्र बना हुआ है http:...

Hindu Dharam Veer Haqiqat Rai/धर्म वीर हकीकत राय

धर्म वीर हकीकत राय(ये कविता मेरी नहीं है , इस कविता को लिखा है धर्मदेव जी ने ) धन्य धन्य तुम वीर हकीकत , धन्य तुम्हारा था बलिदान। प्राण गवाये धर्म न छोड़ा, रख ली आर्य जाती की शान।। शस्त्र न कोई इस दुनिया में, जो आत्मा को काट सके। यही हकीकत जिसे जान कर, तुमने दे दी अपनी जान। दिए प्रलोभन थे यवनों ने, सांसारिक सुख संपत्ति के। किन्तु डिगे नही धर्म मार्ग से, करते हम तेरा गुण गान। तुम बालक थे नहि दुनिया को, कुछ भी तुमने देखा था। मात किया पर ज्ञानी जनों को, पा आत्मा का सच्चा ज्ञान। “लो काटो अपनी असिधारा, से तुम मेरी नश्वर देह। पर न हकीक़त काट सको तुम” इन शब्दों में कैसी शान। धर्म वेदी पर बलि दे करके, तुम न मरे पर अमर हुए। कितनी ही सदिया बीती पर, तुमको याद करे मतिमान।। वह वसंत उत्सव था जिसके, मद से मस्त हुई दुनिया। पर तुमने जीवन वसंत का, अंत किया रखने को आन। मात पिता गुरु बंधू सभी थे, तुम्हें डिगाने खड़े हुए। पर न डिगे तुम सत्य मार्ग से, क्यूँ न करे हम तेरा मान।। निर्भयता का पाठ पढ़ाया, तुमने डरती दुनिया को। दृढ़ता का धर्म अनुराग था, रखा था आदर्श महान। यही कामना तुमसे सारे, धर्म वीर जग में जनमें। त...

Hindu Dharamveer /भगत छनकू राम- हिन्दुत्व के लिए प्राण न्योछावर करने वाली महान आत्मा

भगत छनकू राम- हिन्दुत्व के लिए प्राण न्योछावर करने वाली महान आत्मा यह घटना उनीसवीं सदी के शुरुआत में बहावलपुर (आज के पाकिस्तान में) की मुसलमानी रियासत की है. छनकू नाम का एक दुकानदार इस रियासत में था जो राम का भक्त था. एक बार कुछ जिहादियों ने इसकी दुकान से कुछ सामान माँगा और इसके तौलने पर तौल कम बताकर इसे राम की गाली दी. इस रामभक्त ने सहन न होने पर पैगम्बर ए इस्लाम पर कुछ कह दिया. जिहादियों ने क़ाज़ी (इस्लामी न्यायाधीश) तक बात पहुंचा दी जिस पर क़ाज़ी का फतवा आया कि या तो इस्लाम क़ुबूल करे या मौत. इसने जवाब में कहा कि राम के भक्त रसूल के भक्त नहीं बन सकते! बस इस पर इसे संगसार (आधा जमीन में गाढ़ कर आधे पर चारों तरफ से पत्थर मार मार कर मार डालना) करने की सजा हुई और चारों ओर से पत्थर बरसा कर इसे कुचल दिया गया. धर्म पर यह बलिदान क्या किसी से कम है . आज के सब हिन्दुस्तानीयों को फख्र करना चाहिए कि उनके पूर्वजों ने किस तरह अपने धर्म की रक्षा की. [यह कविता १९२० के दशक (दहाई) में बहुत से उर्दू अखबारों में छपी. इसको हिंदी लिपि में बदलने का श्रेय प्रसिद्ध इतिहासकार श्री राजेन्द्र जिज्ञासु को है.] कहूँ ...

सरकार तो आज भी उदघाटन की तारीख का इंतज़ार कर रही है

पान्सरा फाटक यमुनानगर :-- ये फाटक क्रॉस करने से पहले आपको रिश्वत देनी होती है , इस फाटक पे रोज़ सुवह 4 बजे से जाम लग जाता है , 7 दिन पहले इस फाटक के दोनों और सड़क बनवाई गयी थी लेकिन आज वहां सडक की जगह खड़े और पत्थर हैं , अगर जनता को ये लगता था के सरकार बदलते ही अच्छे दिन आ जायेंगे तो उनका मानना सही था लेकिन ठेकदार तो पुराना ही था धोखेबाज ठेकेदार ने जनता को ही धोखा नहीं दिया है बल्कि सरकार को भी मूर्ख बनाया है , सरकार तो आज भी उदघाटन की तारीख का इंतज़ार कर रही है

नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप में लोन देने के नाम पे हुई है करोड़ों की धांधली/corruption in PNB JAGADHARI ,Haryana

नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप में लोन देने के नाम पे हुई है करोड़ों की धांधली पंजाब नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप में लोन देने के नाम पे हुई है करोड़ों की धांधली , ये आरोप लगाया है जगदीश कुमार वालिया ने आपको बता दें इस केस का यमुनानगर में बीजेपी से सीधा नाता है क्योंकि विधानसभा चुनावों में बीजेपी के स्थानीय बड़े और छुटभैया नेता अपनी ही एक महिला नेता के खिलाफ दिल्ली दरवार तक शिकायत लगा कर आये थे और दिल्ली में बैठे नेताओं ने धांधली के नाम पे अपना उमीदवार एन मौके पे बदल दिया था खैर जगदीश कुमार ने ये आरोप RTI के तहत प्राप्त जानकारी के बाद लगाया है और जो भी जानकारी जगदीश ने हमारे साथ शेयर करी है उससे के हिसाब से तो ये आरोप सच्चे साबित हो रहे है अब आप लोग भी इस केस को पढ़ लें और फिर फैसला करें क्या ये धांधली का अरोप सही है या गलत :- पंजाब नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप ने 27/09/2008 को दीवान वुड इंडस्ट्रीज जोडियाँ ,यामुनानगर को 30 लाख की c/c लिमिट व् 40 लाख का टर्म लोन दे दिया कुल मिलाकर 70 लाख का लोन दिया , अब इसका दूसरा पक्ष देखिये जिस फर्म के नाम ये लोन बैंक ने इशु किया था उसकी पार्टनरशिप ड...

कठिन है तभी तो मोदी हैं

आज देख रहा था के कई मित्र जो भा. ज. पा. के या मोदी के समर्थक हैं वो जनता के प्रश्नों से कुछ मायुस हैं और कई लोगों को तो उनका भाजपा को समर्थन देने का फैसला भी गलत दिखने लगा है . कोई अचरज नहीं है इस तरह की मयुसिअत का , क्योंकि आज से पहले जनता कभी भी अपनी भागीदारी सरकार या देश सन्चालन में नहीं समझती थी .अब मोदी सरकार ने खुद जनता को मालिकाना हक्क दिया है तो नई-नई सरदारी में उत्साह तो होता ही है जनता अति उत्साह में है , हर तरह की कमिया और दुश्वारियां तो पहले भी थीं लेकिन अब उनसे छुटकारा मिलने की आस बंधी है तो सभी को फैसलों की जलाद-बाजी है , सभी को लग रहा है के बस अभी हो जाये फैसला , ये एक अच्छा संकेत है लोकतंत्र के लिए , लेकिन उनके प्रश्नों का सामना तो करना पड़ेगा और उत्तर भी ढूँढने पड़ेंगे भाइयो क्योंकि कठिन है तभी तो मोदी हैं आसान होता तो सोनिया एंड पार्टी तो थे ही

फिर मस्जिद क्यों बनाई जाती है ?

आज आमिर खान की फिल्म पी के का नया डायलोग सुना “ जैसे भगवान् की मूर्ती लगाई जाती है ताके कोई उस जगह पर पेशाव ना करे , वैसे ही मैंने अपने गालों पे भगवान् की फोटो लगाई है ताकी कोई थापड ना मारे “ हाहाहा सही है एंटरटेनमेंट एंटरटेनमेंट --- मै तो चला मूर्ती लगाने ताकि खुले में कोई पेशाव ना करे ......... अछा लगता है जब कोई मूर्ती लगाने के सही कारण बताता है तो ............ इसका मतलब सभी मंदिरो में मूर्ती रखने का यही कारण होगा खैर ......... फिर मस्जिद क्यों बनाई जाती है ? ????????????????????????????????????????????????????

क्या दिल्ली सरकार उनकी आवाज़ सुनती है ?

3 दिसम्बर 1984 को भारत के भोपाल नामक शहर में जहरीली गैस की चपेट में आने से 35 हजार लोग मारे गए थे और 572000(पांच लाख बहतर हज़ार ) के करीब बुरी तरह से घायल हुए थे लेकिन आज तक जो मुआवजा भोपाल गैस काण्ड पीड़ितों को मिला है वो है 25000 रूपये प्रतेक मरने वाले की मौत की कीमत थी 25000 रुपये . साथ ही मुख्य आरोपी को भारत के नेताओं ने गुपचुप ढंग से देश से भगा दिया . मित्रो भारत के सुप्रिम कोर्ट ने ही तो भारत के भोपाल में गैस काण्ड मे मारे गए हर व्यक्ति की मौत की कीमत तय करी थी , जय हो भारत के नेताओं की तथा जजों की , आपको बिलकुल ध्यान देना होगा मित्रो अगर आप लोग अब भी नहीं जागे तो नेता और क़ानून दोनों मिलकर मौतों का सस्ते में सौदा करते रहेंगे . सरकारे बदल जाती हैं लेकिन जनता हमेशा की तरह सो जाती है , अब ऐसा नहीं चलेगा अगर आप चाहते हैं के आपके बच्चे , भाई-बहन , माता-पिता ज़िंदा रहें सुरक्षित रहे तो सोना नहीं है ,ऐसे ही किसी की हां में हाँ ना मिलाओ जागो और जगाओ . पीपल के पेड़ लगाओ , जब सूरज डूब जाता है तब सभी पेड़ कार्बन-डाइऑक्साइड छोड़ना छुरू कर देते हैं लेकिन पीपल एक ऐसा पेड़ है जो 24 घंटे ओक्सिजन दे...

satya meve jayte 3 / सत्य मेव जायते by amit vashist

केंद्र सरकार अगर संस्कृत को पढ़ाने की पहल कर रही है तो बधाई की पात्र है संस्कृत से संस्कृति शब्द बना मतलब साफ़ है सनातन संस्कृति तब तक सुरक्षित नहीं जब तक संस्कृत हमारे बच्चों को ना पढाई जाये . मित्रो विज्ञान कहता है के संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है जिसे पढने से छात्र के दिमाग के दोनों भाग समान रूप से काम करते हैं अर्थात संस्कृत पढने वाले छात्र का सर्वांगीण विकास सिर्फ संस्कृत पढने मात्र से ही हो जाता है , ये मैं नहीं आज का विज्ञान कहता है , इस बात का उल्लेख तो हमारे संत बार बार करते आये हैं और बापू आसाराम जी उन संतों में से एक हैं जिन्हों ने इस बात को अपने शिष्यों को कई बार सत्संगों में दोहरा क्र पक्का किया . बापू का कहना है के संस्कृत शब्द के पहले शब्द "सं" से संस्कार , संसार , संयम , सन्मार्ग ,संतोष आदि अनंत शब्द व् विचार निकले हैं , अमेरिका या जर्मन -यूरोप के विज्ञानिको ने इस बात को मान कर संस्कृत का अध्यान गहराई से किया जिसके परिणाम स्वरूप वर्तमान समय में हो रही खोजों को वे अपना नाम देने में कामयाब भी हुए हैं , अगर भारत के बच्चे संस्कृत पढ़तेहैं उनका सर्वांगीण व...

satya meve jayte 2 / सत्य मेव जयते २ by amit vashist

संतगोपाल दास की हालात ज्यादा ख़राब हो गयी है, उनका शुगर 30 है डॉक्टरनुसार किसी भीै समय कोमा में जाने की स्थिति है। अगर आप सहयोग करना चाहते है तो पोस्ट को आगे बढ़ा दे। जी ,बिलकुल संट गोपाल दास जी का सिर्फ एक ही अगेंदा है "गौ-माता " को न्याय और उनको इस सोच का परिनाम भी भुक्तना पड़ा है. गौ-भक्त प्रधान मंत्री के ६ महीने के काल में संत गोपाल दास को दो बार बुरी तरहा से पुलिस ने अपना निशाना बनाया और आज जिन्दगी और मौत से जूझ रहे हैं मैं फिर कहूंगा मोदी कभी भी गौ-ह्त्या के पक्ष में नहीं है फिर कोण सी ताकत है जो मोदी भाई को रोक रही है ऐसा करने से ??? मैं आपको याद करवाना चाहता हूँ के नेहरु जी ने 'नेता जी सुभाष चंदर बॉस' के सम्बंधित कुछ गुप्त समझोते अन्ग्रेज्जो से किये थे जिसके परिणाम स्वरूप आज भी नेता जी का जीवन और मृतयु रहस्य बनी हुई है ,कहीं ऐसा ही कोई गुप्त समझोता पहले की सरकारों ने विदेशो से तो नहीं कर रखा जिस तोड्पाना मोदी जी के कठिन हो रहा हो ? खैर जो भी हो बापू आसाराम को जेल भेजना और संत गोपाल दास को पिटवाना एक बहुत बड़े षड्यंत्र की तरफ इशारा कर रहे हैं जिस के घेरे में देश ...

पत्रकारों आपका आपका ऐजेण्डा क्या है ??

पत्रकारों आपका आपका ऐजेण्डा क्या है ?? देश की मानव संसाधन मंत्री ने ज्योतिषी को अपना हाथ दिखाया और अपना भाग्य पूछा । सारे बुद्धु जीवी इलेक्ट्रानिक डब्बे में ये कह कर फुदक रहें हैं कि शिक्षा मंत्री क्या संदेश देना चाहती है । लेकिन कभी किसी ने इस बाबत हाय तोवा नहीं मचाई कि किसी मरे हुए आदमी की कब्र पर चादर चढा कर देश के प्रधानमंत्री और राष्टृपति किस वैज्ञानिक आधार मुर्दे से देश के अमन चैन की दुआ माँग रहे हैं । क्या कहा ... ऐसा कब हुआ है ?? मियाँ , गाहे बगाहे हर नामचीन अजमेर शरीफ की दरगाह में चादर चढा रहा है कि नहीं । कब्र पर चादर चढ़ाने से देश में अमन चैन आयेगा इसमें क्या वैज्ञानिक आधार है ? लेकिन ज्योतिष का आधार विज्ञानिक है मित्रो जिन ग्रहों को आप आज जान पाए हैं न करोड़ों अरबों डोलर खर्च करके उन के बारे में एक गरीव-ग्रामीण पंडित दो मिनट में उन ग्रहों के बारे सब कुछ बता देता है और तो छोड़ो पूरा दिन इनके टी बी पे ज्योतिष के कार्यक्रम आते रहते हैं अगर ज्योतिष अंधविश्वास है तो आप के टी बी पे जनता को मूर्ख बनाने का ठेक्का तो आपने लिया हुआ है खैर ................. जनता समझदार है

satya meve jayte / सत्य मेव जयते by amit vashist

अब सवाल पैदा होता है के वो कोण लोग हैं जो गौ-हत्या करवा रहे है तथा भारत सरकार पे दवाब बनवा के ऐसा करवा रहे हैं. भारत के जितने भी राज्य गौ-हत्या को दंडनीय अपराध मानते हुए गौ-रक्षा के लिए क़ानून ले कर आये हैं ,कडवा सच ये है के वे क़ानून कितवो तक ही रह गए है , उदाहरण के लिए पंजाब में गौ-हत्या दंडनीय अपराध माना गया और अकाली सरकार इस कानून का श्रेय ले सकती है और उनको श्रेय जाता भी है , लेकिन क्या गौ-हत्या और तस्करी बंद हो गयी पंजाब में ??????? आप सभी समझदार हैं मित्रो पंजाब-हिमाचल से होते हुये तस्कर गौ को गाडियों में भरकर हरयाना में लाते है और फिर उत्तर प्रदेश में गौ-माता गौ-मांस में तब्दील करके सरकारी सब्सिडी पर विदेशो में सफ़र कर जाती है. अब बात चली है तो एक प्रश्न और उठता है अगर बुरा न लगे तो आपके सामने ला रहा हूँ वो प्रशन :-- “जब रसोई गैस के लिए दी जा रही सब्सिडी खतम करने की सिफारिश की जाती है अलग अलग कमेटियों द्वारा तब क्यों कोई भी पढा लिखा भद्र पुरुष या संगठन या राजनीतिक दल गौ-मांस के व्यापारियों को दी जा रही सरकारी सुविधाओं और सब्सिडी पे प्रशन उठाता ??????????” इस बात का जवाब आप अपन...

देसी गौ के मूत्र को पेटेंट करवाया अमेरिका ने लेकिन भारत सरकार भारत में बिदेशी गौ के पालन को प्रोत्साहित कर रही है क्यों

देसी गौ के मूत्र को पेटेंट करवाया अमेरिका ने लेकिन भारत सरकार भारत में बिदेशी गौ के पालन को प्रोत्साहित कर रही है क्यों ?? 

saty meve jayte

<a href="https://twitter.com/intent/tweet?button_hashtag=gau-hatyabandkaro&text=Gau%20mata%20" class="twitter-hashtag-button" data-related="amitvashist17">Tweet #gau-hatyabandkaro</a> <script>!function(d,s,id){var js,fjs=d.getElementsByTagName(s)[0],p=/^http:/.test(d.location)?'http':'https';if(!d.getElementById(id)){js=d.createElement(s);js.id=id;js.src=p+'://platform.twitter.com/widgets.js';fjs.parentNode.insertBefore(js,fjs);}}(document, 'script', 'twitter-wjs');</script>

सत्य मेव जयते /satya meve jayte by Amit Vashist

देसी गौ के मूत्र को पेटेंट करवाया अमेरिका ने लेकिन भारत सरकार भारत में बिदेशी गौ( बिलायती) के पालन को प्रोत्साहित कर रही है क्यों ?? देसी गौ  के पालन को प्रोत्साहित करने की बजाये सूयरी और बैल के मेल से तैयार की गयी बिलायती गौ के पालन को इस देश में प्रोत्साहित किया कांग्रेस सरकार ने  . मजेदार बात बताऊँ तो आप भी सहमति जताएंगे . भारत पुराने समय से ही गौ-पालक देश रहा है , सभी देवताओं ने गौ को माता का दर्जा दिया है लेकिन1947 के बाद देश को आजादी मिलने के बाद सेकुलरिज्म की हवा ने भारत में गौ-माता का दर्जा घटा कर कसाइयों के लिए भेड -बकरिओ  की तरह  गौ-मांस के लिए एक जानवर तक सीमित कर  दिया . ये गलत था लेकिन जिन लोगों ने इस के खिलाफ बोला उनका मुंह बंद कर दिया गया या तो डरा कर या फंसा कर . जनता तो रोटी-कपड़ा और मकान की जद्दो -जहद में ही पिसती रही है हमेशा से. इस बात का लोगो को भान ही नहीं रहा के किस तरह से गहरी साजिश के तहत भारत की "जीवन रेखा" मानी जाने वाली देसी "गौ" को जड़ से ख़तम करने के लिए अमेरिका और  यूरोप  ने जुगत लगा दी है . आप खुद सोचिये ना , जिस गौ के म...

गौ-हत्या बंद किये बिना क्या भारत विश्व गुरु बन सकता है ????????by Amit Vashist

गौ-हत्या बंद किये बिना क्या भारत विश्व गुरु बन सकता है ???????? गौ-हत्या बंद करने के लिए किसी ख़ास बदलाब या कानून की जरूरत नहीं है अगर देश की मोदी सरकार चाहे तो सिर्फ 1-2 फैसलो से गौ -हत्या 9०% तक रुक जाये . एक गौ-मांस के निर्यात करने वालों  की सब्सिडी बंद कर दी जाए और दुसरे गौ-कतल खाने बंद कर दिए जाएँ , लेकिन ये दोनों फैसले अभी तक तो ठन्डे बसते में ही डाले गए हैं , बे मतलब के गौ-रक्षा कानून बनाये जा रहे है , जब देश में गौ-मांस के वय्पारियों को सब्सिडी सरकार दे रही है तो क्या गौ- की हत्या /तस्करी बंद हो जायेगी ??? जैसे एक तरफ दारू पीने से केंसर होता है ये चेताबनी टीवी पर दिखाई जाती है और दूसरी तरफ 'येज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा, थ्री-इडियट्स" सरीखी फिल्मो में दारू को महिमामंडित किया जाता है , तो क्या चेताबनी लिखने से शराब पीना कम हो गया ??? लेकिन अगर शराब का निर्माण ही बंद हो जाये तो ,प्रतिबंधित हो जाए तो 9०% तक शराबियों की शराब छूट जाएगी एक ही बार में सिर्फ, एक ही फैसले से . जब हमें पता है के गौ-ह्त्या बंद करनी है तो दुनिया के सबसे तेज़ फैसले लेने वाले शख्स नरेंदर मोदी को दिक्कत...

Gau-Hatya ke Peeche America /Europe to nahi ??? by Amit VAshist

"किन मज्बूरिओं के कारण भारत सरकार गौ-मांस के व्यपारियों को दी जा रही सब्सीडी बंद नहीं कर पा रही है "?? जबकी आज भारत के प्रधान सेवक के रूप में कार्य कर रहे मोदी जी की नीयत पे शक की कोई गुंजाइश नहीं है, आरएसएस पे प्रश्न उठाना भी सूरज को दिया  दिखाने जैसा ही है , इन दोनों के होते हुए अगर भारत में गौ-हत्या बंद नहीं हो पा रही और सरकार गौ-मांस ब्यापारियो की सब्सीडी बंद नहीं कर पा रही है तो शंका नहीं विश्वास होता है के जरूर पिछली सरकारों ने अमेरिका या यूरोप के देशो से गुप्त समझोते किये होंगे गौ-मॉस के लिए जिस का दवाब अब मोदी सरकार को ना चाहते हुए भी झेलना पड़ रहा है

Gau-hatyaaro ko subseedi kyon de rahi hai sarkaar by Amit Vashist

800 साल बाद हिन्दू शासक भारत में राज क्र रहा है लेकिन आज भी गौ मांस के व्यापारियों को सरकार सहयोग दे रही है आखिर क्यों ??? अगर कोई व्यापारी अपना गेहूं, चावल दूसरे प्रदेश में बेचने जाता है तो टैक्स लगता है और --------- अगर मटन बेचने वाला मांस ले जाता है तो सरकार उसे प्रति टन प्रति किलोमीटर ट्रांसपोर्टेसन सब्सिडी देती है ? क्या अमेरिका और यूरोपिय देशो के हाथो मजबूर है भारत सरकार ?????

Modi and RSS - गौ-भक्त हैं तो गौ-हत्या बंद क्यों नहीं होती ?

गौ -भक्त नरेंदर मोदी पूरी दुनिया घूम रहे है , सारी  दुनिया में रह रहे भारतीयों को होसला और मुस्कान बाँट रहे है लेकिन अपने ही देश में "गौ माता को कसाइयो से बचा नहीं पा रहे है " क्या कारण है ????????  आरएसएस -एक ऐसा संगठन जिसने आधुनिक भारत में सनातन धर्म को बचाया ,हिन्दुओं को सुरक्षा दी उस संगठन की तरफ से भी कोई आवाज़ नहीं उठ रही है . चुनांचे कुछ महीने पहले मोदी को लाखो लोगो के सामने गौ-तस्करों को दी जा रही सब्सीडी पे प्रश्न करते देखा भी गया सूना भी गया  लेकिन आजतक बहुमत की सरकार आने के बाद भी अगर मोदी जी अपनी गौ-माता को सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पाए , चुनावों के बाद अगर आरएसएस गौ-माता के हो रहे क़त्ल को रोकने में कामयाब नहीं हो पाई है तो मन में संशय उठता है और संशय उठाना लाजमी भी है और जरूरी भी . क्योंकि न तो  आरएसएस की गौ-भक्ति और ना ही मोदी की गौ-सेवा पे किसी तरहे का प्रश्न उठता है फिर कोण सी ताकत है जो मोदी सरकार को गौ - हत्या रोकने से रोक रही है ????  भारत से सारा गौ मॉस बिदेशो को भेजा जाता है अमेरिका समेत सभी देश हमारी  गौ - माता को भोजन के रूप में प्रा...

Friendship story of modren Times पढिये गा जरूर

पढिये गा जरूर , कोई फोटो इस के साथ नहीं लगा रहा हूँ क्योंकी शब्द आज जादा महत्वपूर्ण लगे :- अपने विचार भी लिखिए गा एक लड़का अविंदर प्रताप पाण्डेय जिसने आधुनिक भारत में  दोस्ती का महान उदाहरण पेश किया था १६  दिसम्बर को उसके साथ उसकी दोस्त भी घूम रही थी दिल्ली में , जब अचानक दोनों का  एक बस में सवार गुंडों ने अपहरन  कर लिया ,पाण्डेय की  आँखों के सामने उसकी दोस्त का बेरहमी से बलात्कार किया गया चलती बस में , उसने पूरी कोशिश करी दोस्त को बचाने की लेकिन लोहे की रोड से पाण्डेय को इतना मारा गया की वो चाह के भी अपनी दोस्त को गुंडों के चंगुल से बचा न पाया , उसका सारा सामान तथा कपड़े गुंडों ने छीन लिए फिर चलती बस से बिना कपड़ो के दोनों को ( पाण्डेय व् उनकी दोस्त )  फैंक दिया गया दोनों निवस्त्र थे , बुरी तरह घायल थे , दोनों के शरीर से खून बह रहा था कुल मिला कर दिसम्बर की सर्दी ये हालत ऐसी नहीं थी के कोई इंसान हिम्मत रख सके , लेकिन पाण्डेय ने हार नहीं मानी , घिसटते हुई   सडक पे जाते लोगो से सहायता मांगी लेकिन ४० मिनट बाद सहयता के नाम पर एक शाल मिली जिस से उसने अपनी द...

फेसबुक के द्वारा मोदी तक पहुँचाओ अपनी बात

 लोकसभा चुनावों के दौरान सोशल साइट्स पर जबरदस्त सक्रिय रहे नरेंद्र मोदी अब पीएमबनने के बाद भी फेसबुक-ट्विटर से जनता का मूड भांपने की तैयारी में हैं। सोशल साइट्स पर देश के मूड से नरेंद्र मोदी को अवगत कराने के लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने ताजा रुझान प्रधानमंत्री तक पहुँचाने भी   शुरू कर दिए हैं।सूत्रों का कहना है कि सूचना औरप्रसारण मंत्रालय की सोशलमीडिया विंग को फेसबुक-ट्विटर जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म   दिया गया है कि वह सोशल साइट्स पर लोगों की ऐक्टिविटी के आधार पर देश में तैयार हो रहे जनमत के ताझा रुझानों से मोदी को अवगत कराए। महत्वपूर्ण विषयों पर लोगों के विचार, जो कि सोशल मीडिया पर शेयर हो रहे हैं, के बारे में फीड बैक दे ।  पीएम ने अपने सहयोगियों को भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की नसीहत दी है। इसलिए जिन लोगो को लगता है के सरकार अपने रास्ते से भटक रही है या जनता की आवाज़ नहीं सुनी जा रही वे लोग सोशल मीडिया का दामन पकड़ कर प्रधानमंत्री तक अपनी आवाज़ पहुंचा सकते हैं   

Literature is for Joy not for Judgment

I am literature student and have learned literature as a student only. It was just for the sake of exams . Not only me mostly we tried to take studies as a tool for employment , which force us to look for results. The same is the case of literature students . Most of us cram each and every poet or writer and critic to express in the exams and get good marks for the job or employment .But during this all hit and run type of life , a few may get job other left with repentance only. Recently , I try to fell in love with literature but this time my purpose is not to impress examiner or others but to enjoy the works written by great people of the times . For this romantic journey with literature, it was tough to decide from where to begin? Shakespeare, Milton, Wordsworth, Coleridge, the list was long. But my search stopped with ‘JOHN DONNE” , the metaphysical poet of all times. I tried to explore his works and as per my mindset I started reading and writing like an ...

The Poetry of Eliot – Distinctive features, his art and Techniques

Ans. The Dramatic Element in T.S. Eliot’s Poetry According to Eliot,”all great poetry tends towards drama” and this   statement is practically used by Eliot in his works. He was   essentially dramatic. His early poetry upto The Waste Land was predominantly dramatic in nature. Dramatic Characters:- The dramatic quality of Eliot’s poetry lies in the creation of characters like ‘Prufrock’ . When sincerely observe you can find that   Eliot has created an army of unrealistic characters . There is no action or suffering of the character is visible, they are just a combination of ‘ name and voice ’. Interior Monologue – struggle in human Mind:- In Eliot’s poetry drama arises from   the clash of opposites in human mind or conscious . He   brought us into the subconscious   of   his personages and show their struggle   with doubts and indecisions. He consider human mind as a battle-ground for the forces of Good and Evil.the sensual and...

The Dramatic Element in T.S. Eliot’s Poetry

The Dramatic Element in T.S. Eliot’s Poetry According to Eliot,”all great poetry tends towards drama” and this   statement is practically used by Eliot in his works. He was   essentially dramatic. His early poetry upto The Waste Land was predominantly dramatic in nature. Dramatic Characters:- The dramatic quality of Eliot’s poetry lies in the creation of characters like ‘Prufrock’ . When sincerely observe you can find that   Eliot has created an army of unrealistic characters . There is no action or suffering of the character is visible, they are just a combination of ‘ name and voice ’.