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कठिन है तभी तो मोदी हैं


आज देख रहा था के कई मित्र जो भा. ज. पा. के या मोदी के समर्थक हैं वो जनता के प्रश्नों से कुछ मायुस हैं और कई लोगों को तो उनका भाजपा को समर्थन देने का फैसला भी गलत दिखने लगा है . कोई अचरज नहीं है इस तरह की मयुसिअत का , क्योंकि आज से पहले जनता कभी भी अपनी भागीदारी सरकार या देश सन्चालन में नहीं समझती थी .अब मोदी सरकार ने खुद जनता को मालिकाना हक्क दिया है तो नई-नई सरदारी में उत्साह तो होता ही है जनता अति उत्साह में है , हर तरह की कमिया और दुश्वारियां तो पहले भी थीं लेकिन अब उनसे छुटकारा मिलने की आस बंधी है तो सभी को फैसलों की जलाद-बाजी है , सभी को लग रहा है के बस अभी हो जाये फैसला , ये एक अच्छा संकेत है लोकतंत्र के लिए , लेकिन उनके प्रश्नों का सामना तो करना पड़ेगा और उत्तर भी ढूँढने पड़ेंगे भाइयो क्योंकि कठिन है तभी तो मोदी हैं आसान होता तो सोनिया एंड पार्टी तो थे ही

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