अच्छा, सबसे अधिक मज़ा आजकल टीवी पर कांग्रेस नेताओं को सुनने में आता है , आज डाक टिकटों पर गांधी परिवार के एकाधिकार को मोदी सरकार की चुनौती पे चर्चा सुन कर महसूस हुआ के जो भी मैनेजमेंट की किताबों में लिखा गया है , कांग्रेसी बिना पढ़े हाईकमान की चम्पी करके ही वो ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं। रशीद अल्वी जैसे कई नेता इस बात को सार्थक करते हैं। जो भी हो मोदी सरकार की नेहरू-गांधी के इलावा जो देश के नेता और स्वतंत्रता सैनानी हुए हैं उनको सम्मान देने की इच्छा ने 'अच्छे दिनों के संकेत दे दिए हैं ' . लालू यादव और नितीश कुमार का ढगबंधन बिहार की जनता को रास नहीं आ रहा है ये रुझान मिल रहा है। लालू के टाइम में बिहार में सड़कें नहीं बनी , लालू कहते थे 'अगर सड़क बनेगी तो पुलिस आपके घरों तक जल्दी पहुँच जायेगी ,अगर बिजली जलेगी तो पुलिस रात को दूर से आपका घर देख लेगी तो आप शराब कैसे बनाओगे इस लिए ना सड़क और ना बिजली की ज़रूरत है। ' पता नहीं बिहार की जनता उन दिनों को भूल गयी है या याद हैं। नितीश के विरुद्ध लालू एक नारा दिया करते थे "ऐसा कोई सगा नहीं ,जिसे नितीश ने ठगा नहीं " ले...