========================== FTII के “लाल” कारनामों का श्वेत-पत्र ========================== जब से मोदी सरकार ने केन्द्र में सत्ता संभाली है, अक्सर हमें विभिन्न चैनलों और अखबारों में कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी “भगवाकरण हो रहा है” जैसा कुछ बडबडाते हुए मिल ही जाते हैं. “संस्थाओं का, शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है” यह कथित आरोप कोई नई बात नहीं है, जब वाजपेयी सरकार में मुरलीमनोहर जोशी मानव संसाधन मंत्री थे, तब भी ऐसे कथित बुद्धिजीवी यही बात लगातार दोहराते थे. चूँकि मोदी सरकार इस बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई है, इसलिए वामपंथ नियंत्रित और विदेशों की नाजायज़ स्कॉलरशिप से “पोषित” बुद्धिजीवियों के गिरोह का स्वर इस बार और भी तीखे हैं. पिछले दो-तीन माह से पुणे स्थित फिल्म एंड टीवी इंस्टीट्यूट (FTII) में गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति को लेकर जो बवाल काटा जा रहा है, वह इसी गिरोह की कारस्तानी है. FTII में छात्रों के कंधे पर रखकर जो वामपंथी बन्दूक चल रही है, उसकी जड़ में इस संस्थान पर पिछले कई वर्षों का कब्ज़ा गँवाने का डर तथा इन वर्षों में किए गए तमाम लाल-काले कारनामों के उजागर होने का डर, यह दो प्रमुख का...