मैरियस केडियास्कि पोलैंड में इस समय बहुत प्रसिद्ध पेंटर हैं उम्र 23 साल , लेकिन जो चीज़ इनको खास बनाती है वो है इनकी ज़िद्द। ये शख्स बिना हाथों के ही पेंटर बना है ,इसका कहना है काम करने के लिए हाथ नहीं नियत चाहिए। ऐसे कई उदाहरण हमारे आसपास भी होते हैं। मै रोज़ बस द्वारा सफर करता हूँ , रास्ते में रोजाना 2 वृद्ध औरतों को रोज़ काम करते हुए देखता हूँ। नहीं दोनों ही महिलायें एक दूसरे को नहीं जानती , लेकिन दोनों में समानता है काम करने का जज़्वा। दोनों की उम्र 80 से ऊपर है लेकिन बिना छुटटी ये दोनों औरतें घास काटते हुए मुझे हर रोज़ दिखती है बारिश हो तो हाथ में छाता लिए इंतज़ार करते हुए देखा जा सकता इनको कि कब बारिश रुके और ये अपना काम करें। आज के समय में जब जवान लड़के -लड़कियां शरीर से काम लेने में डरते हैं ये दो बज़ुर्ग महान उदाहरण हैं। खैर ,देश के प्रधान मंत्री भी कर्मयोग का उत्कृष्ट उदाहरण हैं ,जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं कोई छुट्टी नहीं की। सभी काम तेज़ गती से करते हैं लेकिन अपने आप में मस्त रहते है। कमाल के लोग होते हैं ऐसे लोग , ...