मैरियस केडियास्कि पोलैंड में इस समय बहुत प्रसिद्ध पेंटर हैं उम्र 23 साल , लेकिन जो चीज़ इनको खास बनाती है वो है इनकी ज़िद्द। ये शख्स बिना हाथों के ही पेंटर बना है ,इसका कहना है काम करने के लिए हाथ नहीं नियत चाहिए। ऐसे कई उदाहरण हमारे आसपास भी होते हैं।
मै रोज़ बस द्वारा सफर करता हूँ , रास्ते में रोजाना 2 वृद्ध औरतों को रोज़ काम करते हुए देखता हूँ। नहीं दोनों ही महिलायें एक दूसरे को नहीं जानती , लेकिन दोनों में समानता है काम करने का जज़्वा। दोनों की उम्र 80 से ऊपर है लेकिन बिना छुटटी ये दोनों औरतें घास काटते हुए मुझे हर रोज़ दिखती है बारिश हो तो हाथ में छाता लिए इंतज़ार करते हुए देखा जा सकता इनको कि कब बारिश रुके और ये अपना काम करें। आज के समय में जब जवान लड़के -लड़कियां शरीर से काम लेने में डरते हैं ये दो बज़ुर्ग महान उदाहरण हैं।
खैर ,देश के प्रधान मंत्री भी कर्मयोग का उत्कृष्ट उदाहरण हैं ,जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं कोई छुट्टी नहीं की। सभी काम तेज़ गती से करते हैं लेकिन अपने आप में मस्त रहते है। कमाल के लोग होते हैं ऐसे लोग , आप इनको काम करते हुए देखेंगे तो हैरान रह जाएंगे। इनका उत्साह गज़ब का होता है , कुछ भी हो ऐसे लोग काम को बोझ नहीं समझते और परिणाम स्वरुप असफलता ऐसे लोगों को हताश नहीं करती ,क्योंकि ये लोग काम करने का मज़ा लेते हैं परिणाम इनके लिए कोई मायने नहीं रखता। आजकल परीक्षाओं का समय है और छात्रों को भी परीक्षाओं को डरावना ना समझ कर उत्साह के साथ मेहनत करते हुए आनंदित होते हुए परीक्षा देनी चाहिए। परिणाम से फरक नहीं पड़ता हाँ फरक तो सिर्फ तयारी से पड़ता है फिर चिंता क्यों ? अगर नंबर कम भी आ जाएँ तो क्या पहाड़ टूट जाएगा ,फेल होने से भी कुछ फरक नहीं पड़ता। फरक तो सिर्फ नज़रिये का होता है। मस्त रहो ज़बरदस्त रहो। ये ज़िन्दगी बड़ी हसीन है , मज़े लो हर क्षण के क्योंकि
" ये गाना सुनिए बहुत सकूँ देने वाला है और आपको रास्ता भी दिखायेगा :-
आने वाला पल जाने वाला है
हो सके तो इसमें ज़िन्दगी बिता दो पल जो ये जाने वाला है होहोहो।
https://www.youtube.com/watch?v=AFRAFHtU-PE
छोटी सी ज़िन्दगी में चिंता क्यों ?
जो भी काम आज कर रहे हैं मज़े ले कर करें। ख़ुशी या सुख कुछ प्राप्त करने में या हासिल करने में नहीं वल्कि जिस मंज़िल तक आप जाना चाहते हैं उस तक पहुँचने वाले रस्ते का सफर आपको आनन्दित करता है ये छोटी सी बात याद रखनी पड़ेगी। और गाने ज़रूर सुने आपकी नीरस ज़िन्दगी में रस भर देते हैं गाने।
अगर कभी भी ज़िन्दगी बोझ लगे तो याद रखें "ये पल भी बीत जाएगा।"
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