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लोगों के बीच प्यार या दर्द का करंट दौड़ता रहे -जीना इसी का नाम है

इंसान और जानवर सभी जीवो के बीच एक अदृश्य सेतु बना हुआ होता है इसका निर्माण तभी होता है जब दो लोगों के बीच प्यार या दर्द का करंट दौड़ता हो। ये फर्क नहीं पड़ता दोनों लोग किस परिवार ,जाति ,धर्म या प्रजाति के हैं।  इंसान भी हो सकते हैं जानवर भी। पुरानी फिल्म अनाड़ी का गाना जिसके लेखक शैलेन्द्र थे इन भावो को पुरणत्या व्यक्त करता है-किसी की मुस्कराहटों पे हो निसार ,किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार ,किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार जीना इसी का नाम है। इतने प्यारे भाव हों और घर में कलह या अशांति हो तो कमी विचारों की नहीं बल्कि कमी बिकल्पों की है। पुराने समय में घरों के फैसले परिवारों के बड़े बज़ुर्ग ही लेते थे ,उनके आगे कोई ना -नुकर नहीं  चलती थी किसी की हिम्मत ही नहीं होती थी। वक़्त बदला और परिवारों में कई शक्ति केंद्र हो गए। ऐसे विकट समय में अगर किसी से कोई फैसला देने के लिए कहे तो उनको अपना विचार बताते समय ऐसा कहना चाहिए कि मेरे विचार में तो ये काम ऐसे करलो बाकी और भी कई तरीके हैं जो ठीक समझो वही करो। जैसे ही आप विकल्प सामने रखते हैं, फैसला सुनने वालों को आज़ादी मिलती है कुछ...

Make History/बिना थके बढ़ने वाले ही इतिहास लिखते हैं

  एक दिन एक संत से उनके शिष्य ने पुछा "गुरुदेव आप जिस समाज की सेवा करने के लिए हमे भेजते हैं उसी समाज के लोग हमारा बिरोध करते हैं ,कई बार तो हमारे पीछे कुत्ते छोड़ देते हैं"। गुरु देव खूब हँसे और जबाब देते हुए बोले " बेटा सुआर को अगर तुम गन्दी नाली में से निकाल कर साफ़ पानी से धोओगे ,साबुन से नहलाओगे और बिलकुल साफ़ जगह रखोगे तो तुम्हें क्या लगता है सूअर को अच्छा लगेगा ? बेटा  हमे समाज की सेवा इस लिए करनी है क्योंकि हमे लगता है समाज को सेवा की ज़रूरत है ठीक वैसे ही जैसे की सूअर को साफ़ करने का निर्णय हमारा अपना था ,सूअर को तो गन्दगी में बैठने का स्वभाव बन गया है। नेहला कर जैसे ही सूअर को छोड़ो वो सीधे नाली में -कीचड में जा कर लौटने लगेगा।  इस वार्तालाप में आपको सीखने के लिए एक ही चीज़ है और वह है लगातार संघर्ष अच्छाई के लिए।  जिस भी जगह आप काम कर रहे हैं आपको खूब मेहनत करनी पड़ेगी अगर आप अच्छा और ईमानदारी से काम करना चाहते है तो।  असंभव नहीं है लेकिन आपको विश्वास होना चाहिए की आप सही रास्ते पर हैं। उदाहरण के लिए नरेंद्र मोदी को ही ले लो , मोदी सरकार ने अपने सभी बजट...

Modi Connection with Art of Living / इस तरह के विरोध तो अब होंगे ही।

आज सलमान रश्दी की पुरानी बीबी 'पद्मालक्ष्मी ' की पुस्तक के बारे में पढ़ रहा था।  उसने रश्दी के बारे में काफी कुछ लिखा है।  नहीं , मै समीक्षा नहीं कर रहा हूँ , मै तो अपने आप को ही समझा रहा हूँ इस दुनिया में जितने भी सेलिब्रिटी हैं सभी इंसान ही हैं इससे अधिक कुछ नहीं।  काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह और अहंकार ये पांच गुण हैं जो पूरी दुनिया को नचा रहे हैं।  कोई भी जीव इन पांच गुणो से बाहर नहीं है , फिर वो हिन्दू हो या हो मुस्लिम ,सिख हो या हो ईसाई , पुरुष ,स्त्री ,शेर-कुत्ता ,पक्षी दानब या मानव् सभी। मै भी इसी श्रेणी में आता हूँ और आप भी।  श्री -श्री रवि शंकर कहते हैं लोगों के बारे में कोई फैसले मत लिया करो , इंसान गुणो के अनुसार बदलता रहता है , कभी बहुत अच्छा कभी बहुत बुरा। लेकिन दिक्कत हम संसारियों की ये है के हम एक ही अनुभव के आधार पर एक दुसरे को अलग -अलग श्रेणिओं में बाँट देते हैं। पिछले दिनों सुभाष चन्द्र बॉस से सम्बंधित फाइलों से बहुत गुप्त बातों का पता चला।  कई लोग महात्मा गांधी से राष्ट्र पिता की उपाधि छीन कर सुभाष चन्द्र बॉस को देने की बात भी करने लगे , उ...