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Secular Artist and Communal Artist/ धर्म निरपेक्ष गुलाम अली साम्प्रदायिक रहमान

"अपनों पे सितम ,गैरों पे कर्म , ऐ जाने वफ़ा ये ज़ुल्म ना कर , ये ज़ुल्म ना कर " केजरीवाल ने ग़ुलाम अली को दिल्ली में शो करने के लिए न्योता भेजा है क्योंकि मुंबई में गुलाम अली का शो शिव सेना ने रद्द करवा  दिया है।  ये  है विश्व व्यापी सोच और जीतनी तारीफ़ केजरी सरकार की करी जाए  कम है। मुझे याद है केजू बाबा ने एकबार कहा था "हम नयी  प्रकार की राजनीति करने आये हैं "  . गुलाम अली का शो दिल्ली सरकार के लिए आमदनी का स्रोत भी बन सकता है, क्योंकि दिल्ली में करोड़ों आम आदमी गुलाम अली को चाहते हैं।  चाहे ना भी हों  लेकिन अंतर्राष्ट्रीय सोच इसे ही कहा जाएगा।   पिछले दिनों दादरी काण्ड पे केजरी का सेक्युलर विडिओ काफी प्रसिद्ध हुआ , धर्म निरपेक्षता का सशक्त उदाहरण और सन्देश उसमें केजरीवाल ने आम आदमी को दिया।  गुलाम अली साहेव पाकिस्तान नहीं वल्कि भारत के महान कलाकार हैं और आम आदमी की ज़िन्दगी से सीधे-सीधे जुड़े हुए  हैं।  नितीश कुमार और केजरीवाल की सोच यहीं आकर एक होती है और ममता बेनर्जी तो धर्मनिरपेक्षता की नींव है ही। जी हाँ , म...

Secular Death and Communal Death/ हिन्दू शहीद के दरवाजे पर कोई सांत्वना देने भी नहीं आया !

शहीद दरोगा मनोज मिश्रा के घरवालों का दर्द फिर हरा हुआ जब  अखलाक के परिजनों को 45 लाख और  मिले 2 नौकरियां मिली  बड़ा घर मिला , हवाई जहाज की यात्रा और मिश्रा जी के दरवाज़े पर  पर कोई सांत्वना तक देने नहीं पहुंचा  ॥   लेकिन गौहत्या के आरोपों से घिरे अखलाक के परिवार को अखिलेश सरकार 45 लाख का मुआवजा दे रही है. मनोज के पिता रोते हुए कहते हैं कि बेटे की मौत की  जांच हो और दो बच्चों को नौकरी दी जाए.  एक  बेटा खोने का दर्द तो सिर्फ मुस्लिम परिवार का ही होता है मिश्रा साहेब और उत्तरप्रदेश  सरकार आपके बेटे की जाति    हिन्दू  ब्राह्मण  होने के कारण  सांत्वना  देने  कैसे आ  जाती  ?   मनोज मिश्रा के  पिता    ने कहा कि अगर जाति-बिरादरी देखकर सरकार मुआवजा देती है तो ऐसा लगता है कि ब्राह्मण होकर हमने गुनाह कर दिया.  यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के हरदासपुर गांव के रहने वाले सब इंस्पेक्टर मनोज मिश्रा बरेली क...