भगवान् ने जन्म और मरण का अधिकार अपने पास रखा है। अपने ढंग से सबके जीवन की शुरुआत तथा अंत करवाता है। ना तो हम जन्म चुन सकते हैं और ना ही मृत्यु ही अपने ढंग से प्राप्त कर सकते हैं। हम सिर्फ बीच के समय {जन्म और मृत्यु }पर अधिकार जता सकते हैं। जो लोग दूसरों के जीवन पर अकारण हस्तक्षेप या आक्रमण करते हैं फिर चाहे उग्रवादियों हों या कट्टरवादी उनको ये याद रखना चाहिए कि भगवान् को उनकी हरकते अच्छी नहीं लगाती। आजकल आत्मघाती आतंकियों का ज़माना है। पूरी दुनिया को इन आतंकियों ने भयभीत किया हुआ है क्योंकि आतंकि लोग सही मायने में मानव जीवन का महत्व नहीं समझते। उनका मस्तिष्क गलत विच्चारों से भर कर इतना भयंकर बना दी जाती है कि वे अपने साथ कईयों को मार कर ही रसंतुष्ट होते हैं। बुरे विचारों का असर कितना भयानक होता है बस ऐसा समझें कि जीवन में दुर्गुणों का प्रवेश होते ही इंसान आत्मघाती हमलावर बनने की तैयारी शुरू कर देता है। इंसान के भीतर ही आत्मघाती हमलावर दुर्गुणों के सहारे से पता नहीं कितनी अदृश्य हत्याएं करता है। काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह तथा अह...