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Showing posts from 2016

Work Is Worship - मेहनत करो ज़िन्दगी बदलो

Demonetization- नोटबंदी -देश की रिपेयर हो रही है

Lets Play With Guggu & Laddu

Laddu v/s Sheru

Demonatisation / नोट बंदी के फायदे

Donald Trump and Keys To Success

Lets Clean India

Bansuriwala BalGopal

KIds Helping to Clean India

Clean India Movement

Swachch Bharat Abhiyaan

नीरजा भनोट पुरूस्कार 2016 एक अनाथालय चलाने वाली भिखारिन को

Una Utsav or Sombhadra Utsav Una Himachal Pradesh/मरती नदी के नाम पे उत्...

बुढ़िया का अनजान सेवक और कैसे हांगकांग के एक व्यक्ति को बेटी से प्रेम न...

stray-dogs-save-a-new-born-baby-girl -but -inhuman-behaviour-of-humans

कर्म करने के लिए आप स्वतंत्र हैं जो चाहते हैं वो बन जाओ !

पिछले 40 वर्षों में 58 % वन्य जीवी प्रजातियां तबाह करदीं इंसानो ने !

What is Empathy , California Police Make The World Understand !

What is Empathy , California Police Make The World Understand !

भारत में आतंक ,कत्ल और भाईचारे पर भारी है जाति और धर्म

पुलिस ना हो तो समाज छिन्न -भिन्न हो जाए !

Mata Mantra Devi - Yamunanagar

EGO Please GO ! Success Please COME !

खेती में बदलाब की ज़िमेदारी लेने का समय है, किसान का भला रैलियों से नहीं ...

What Is Joy Of Giving Week ?.............

रतन टाटा और सुरेश प्रभु हैं अच्छे उदाहरण

Mata Mantra Devi - Yamunanagar

Mata Mantra Devi - Yamunanagar

Neetu Sarkar - A True Indian Legend

Moti Meena - Rajasthani Humanitarian

Moti Meena - Rajasthani Humanitarian

Moti Meena - Rajasthani Humanitarian

Massage Of A Doctor : Be Kind Towards Animals

आदिवासियों ने बिना देरी बदलाब कर लिया और मिसाल कायम कर दी !

Are you Life or Death Agent ? True Story of Nagaland Tribes......

पकिस्तान की सहायता तो नहीं कर रहा आपका व्यवहार ?

लाखोँ पेड़ों की बलि दी जायेगी , बनेगी सड़क

पटवारियों से या तहसीलदारों से मिल कर पेड़ रहित जंगलों को बंजर बता दिया जा...

जंगल तवाह करदिए गए हैं ,तालाब भी सूख रहे हैं जीव जंतु कैसे रहेंगे जंगलों

#Ambedkar , Brahmins and Secularism

भारत में बाबा साहेब की जयंती बहुत बड़े पर्व के रूप में मनाई जा रही है।  सोशल मीडिया में कई लोगों के उत्साह को सलाम करने का मन करता है , उत्साह में दिए  गए गलत बयान या अधूरे ज्ञान से थोड़ा दुःख और अचरज होता है लेकिन 14 अप्रैल नया 14 नवंबर बन रहा है ये तो साफ़ है।  बाबा साहेब को बहुत कष्ट सहने पड़े लेकिन जिस कारण बाबा साहेब महान बने वो था उनका ज्ञान ,शिक्षा और ज़िम्मेदारी उठाने की इच्छा।  बहुत कम लोग ये जानते हैं के जब जात-पात भारतीय समाज में ऊंचाइयों पर था तब बाबा साहेब तथा उनके कुछ साथियों को उच्च शिक्षा की तयारी ब सहायता  एक ब्राह्मण ने की थी।  खैर ये कोई बड़ी बात नहीं है अगर कोई ब्राह्मण धारा के विरूध जा कर समाज में बदलाब की कोशिश करे।  आज इस बात को बताने का प्रयोजन इतना भर है के मनु बाद की बात कर रहे कुछ लुच्चे लोग दलित और ब्राह्मणो को आपस में दुश्मन बता रहे हैं। उनको मनु समृति ज़रूर पढ़नी चाहिए।  अगर कोई भी शख्स समाज को तोड़ने या बांटने वालों को ध्यान से देखेंगा  तो दंग रह जाएंगा। #आशुतोष ,जी बिलकुल #केजरीवाल स्पेशल, आज #एकलब्य को दलि...

Plantation/ पौधा रोपण

लातूर के लिए रेल गाडी द्वारा पानी भेजा जाना सुखद एहसास है।  केंद्र सरकार द्वारा देश में किये गए कल्याण के कामों में से एक है।  निंदा या प्रलाप करने से कोई भी कठिनाई दूर नहीं होती कर्म ज़रूरी है।  यह नियम हमारे आसपास फलता फूलता है लेकिन हम पहचानते नहीं , जीवन भर निठले बैठ कर सिस्टम और बुराइयों को कोस्ते रहते हैं।  पर्यावरण बुरी तरह से तहस -नहस कर दिया है पढ़े -लिखे इंसानो ने और मज़ेदार बात है अपनी इस गलती के लिए अधिकतर पढ़े -लिखे लोग दुसरे जानवरों को दोषी मानते हैं।  हमारे प्रदेश हिमाचल में तो पिछले दिनों सरकार ने फैसला भी ले लिया की बंदरों को मारने की आज़ादी सभी को है , अगर बन्दर नुक्सान कर रहे हों तो गोली मारने का अधिकार सभी को है।  लेकिन उन लोगों को सजा कौन देगा जिन लोगों ने बंदरों के रहने के स्थानों यानि जंगलों को पेड़ बहीन कर दिया ? वोट देने वाले कुछ भी कर सकते हैं , जिन के पास वोट नहीं उनको मौत देने में भी नेता देरी नहीं लगाते।  शिमला के आस-पास जंगलों को काट कर सेव के बगीचे भारी संख्या में लगाए गए , अब कोर्ट ने प्रश्न किया , बगीचे काटने का आदेश दिया तो...

जविक खेती/ ZEE NEWS/Rajeev Dixit

गोबर का खाद डालने से उत्पादन ज्यादा होता यूरिया DAP की तुलना मे ! जविक खेती पर जी न्यूज़ की रिपोर्ट देखने के लिए क्लिक करें  https://www.youtube.com/watch?v=bBOww ZJgU6g राजीव भाई ने 12 साल कर्नाटक ,महाराष्ट्र मे हजारो किसानो के साथ काम किया और उन किसानो ने राजीव भाई के कहने पर यूरिया DAP छोड़ कर गोबर का खाद डालना शुरू किया ! और जिन किसानो के यूरिया DAP वाले खेत मे पहले एक एकड़ मे 20 से 25 मीट्रिक टन गन्ना होता था आज उस किसान के खेत मे एक एकड़ मे 90 से 100 टन गन्ना होता है ! जिन किसानो के यूरिया DAP वाले खेत मे पहले एक एकड़ मे 12 क्विंटल गेहूं होता था आज उस किसान के खेत मे गोबर की खाद डालने से एक एकड़ मे 20 से 22 क्विंटल तक गेहूं होता है ! गोबर की खाद बहुत तरह के जीव जन्तुओ का भोजन है और यूरिया भोजन नहीं जहर है आपके खेत मे एक जीव होता है जिसे केंचुआ कहते हैं केंचुआ को कभी पकड़ना और उसके ऊपर थोड़ा यूरिया डाल देना आप देखोगे केंचुआ तरफना शुरू हो जाएगा और तुरंत मर जाएगा ! जब हम टनों टन यूरिया खेत मे डालते है करोड़ो केंचुए मार डाले हमने यूरिया डाल डाल के !! केंचुए मिट्टी को नरम बनाते है पोला ब...

Kindness is Quality of India/ रामदेव दुश्मनो की चालों से अनभिज्ञ नहीं हैं

पिछले दिनों में एक विचार ने मुझे काफी विचलित किया और परिणाम स्वरूप मैंने अपने लेखन में बदलाब करने का निर्णंये लिया।  सकारात्मकता को अब मैंने अपने लेखन की सर्वश्रेष्ठ पूँजी बनाने की शुरुआत की है। राजनितिक विचार और कटाक्ष भी होंगे लेकिन मूलतत्व "सकारात्मकता " अब मुख्य ध्ये होगा।  क्योंकि अपने लोगों तथा समाज की अगर तारीफ हम नहीं करेंगे ,अच्छे कामो की अगर रौशनी हमारे समाज में फैलानी है तो नकारात्मकता को छोड़ना होगा।  ओबैसी क्या कहता है क्या फरक पड़ता है , JNU में कुछ एक मूर्ख लोग देश तोड़ने की बात करें तो उनको महत्व क्यों दें ? बल्कि देश में हो रहे अच्छे काम तथा करने वालों के बारे में बात करेंगे तो कुछ सीखने को मिलता रहेगा।  शव्दों का असर बहुत  है ,ऐसे ही कर्मो का भी। हमारे देश में नकारात्मकता जानकर या अनजाने में फैलाई गयी है क्या फरक पड़ता है , मूलतत्व है  आज़ादी के बाद से हमारे हीरो और पहचान तथा इतिहास सभी पर परोक्ष रूप से प्रशन चिन्ह लगा दिए गए , पढ़ाई में इतना बदलाब हुआ के लोग भारतीयता का सही रूप ही भूल गए। एक युवा ने प्रशन किया "भारत हमारी माता कैसे हो सकता ह...

Do Your Duty Life Is Beauty/ये लोग काम करने का मज़ा लेते हैं

मैरियस केडियास्कि पोलैंड में इस समय बहुत प्रसिद्ध पेंटर हैं उम्र 23 साल , लेकिन जो चीज़ इनको खास बनाती है वो है इनकी ज़िद्द। ये शख्स बिना हाथों के ही पेंटर बना है ,इसका कहना है काम करने के लिए हाथ नहीं नियत चाहिए। ऐसे कई उदाहरण हमारे आसपास भी होते हैं।   मै रोज़ बस द्वारा सफर करता हूँ , रास्ते में रोजाना 2 वृद्ध औरतों को रोज़ काम करते हुए देखता हूँ।  नहीं दोनों ही महिलायें एक दूसरे को नहीं जानती , लेकिन दोनों में समानता है काम करने का जज़्वा।  दोनों की उम्र 80 से ऊपर है लेकिन बिना छुटटी ये दोनों औरतें घास काटते हुए मुझे हर रोज़ दिखती है बारिश हो तो हाथ में छाता लिए इंतज़ार करते हुए देखा जा सकता इनको कि कब बारिश रुके और ये अपना काम करें।  आज के समय में जब जवान लड़के -लड़कियां शरीर से काम लेने में डरते हैं ये दो बज़ुर्ग महान उदाहरण हैं।   खैर ,देश के प्रधान मंत्री भी कर्मयोग का उत्कृष्ट उदाहरण हैं ,जब से प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं कोई छुट्टी नहीं की।  सभी काम तेज़ गती से करते हैं लेकिन अपने आप में मस्त रहते है।  कमाल के लोग होते हैं ऐसे लोग , ...

Make History/बिना थके बढ़ने वाले ही इतिहास लिखते हैं

  एक दिन एक संत से उनके शिष्य ने पुछा "गुरुदेव आप जिस समाज की सेवा करने के लिए हमे भेजते हैं उसी समाज के लोग हमारा बिरोध करते हैं ,कई बार तो हमारे पीछे कुत्ते छोड़ देते हैं"। गुरु देव खूब हँसे और जबाब देते हुए बोले " बेटा सुआर को अगर तुम गन्दी नाली में से निकाल कर साफ़ पानी से धोओगे ,साबुन से नहलाओगे और बिलकुल साफ़ जगह रखोगे तो तुम्हें क्या लगता है सूअर को अच्छा लगेगा ? बेटा  हमे समाज की सेवा इस लिए करनी है क्योंकि हमे लगता है समाज को सेवा की ज़रूरत है ठीक वैसे ही जैसे की सूअर को साफ़ करने का निर्णय हमारा अपना था ,सूअर को तो गन्दगी में बैठने का स्वभाव बन गया है। नेहला कर जैसे ही सूअर को छोड़ो वो सीधे नाली में -कीचड में जा कर लौटने लगेगा।  इस वार्तालाप में आपको सीखने के लिए एक ही चीज़ है और वह है लगातार संघर्ष अच्छाई के लिए।  जिस भी जगह आप काम कर रहे हैं आपको खूब मेहनत करनी पड़ेगी अगर आप अच्छा और ईमानदारी से काम करना चाहते है तो।  असंभव नहीं है लेकिन आपको विश्वास होना चाहिए की आप सही रास्ते पर हैं। उदाहरण के लिए नरेंद्र मोदी को ही ले लो , मोदी सरकार ने अपने सभी बजट...

SECULAR AND COMMUNAL NEWS /जनता को गुमराह करना भारत में बहुत आसान है

अगर भारत की बर्तमान स्थिति देखि जाये तो एक बात समझ में आती है देश दो अलग-अलग विचारधाराओं में बंट चूका है एक RSS  वाली दूसरी ISIS वाली। अब आप स्वयं देखें JNU  के विद्वान , कांग्रेस के सिपेसलार , मुस्लिम्स तथा ईसाई नेता अधिकतर लोग पाकिस्तान जिंदाबाद कहने में शर्म महसूस नहीं  करते हैं लेकिन भारत माता की जय कहने से अच्छा इनको मरना लगता है।स्थिति खतरनाक इस लिए महसूस होती है क्योंकि देश में नकारात्मकता को मुख्य ख़बरों में जगह मिलती है लेकिन सकारात्मक बदलाब और सकारात्मक ख़बरें कहीं छुपा दी  जाती हैं। पिछले दिनों गुजरात के एक व्यवसायी ने 200 करोड़ रूपये बेटिओं के लिए दान कर दिए , जिस घर में दूसरी बेटी जन्म लेगी उस परिवार को 2 लाख से अधिक रूपये मिलेंगे।  बिडम्बना देखिये ये दिलेरी या दरियादिली सुर्खी नहीं बन सकी लेकिन देशद्रोही का संसद मार्च प्राइम टाइम की खबर बना दी गयी।  दिल्ली में विश्व का सबसे बड़ा सांस्कृतिक समारोह होता है 35 लाख लोग देश और विदेश से आकर  हिस्सा लेते हैं , भारत में दुनिया धन्यबादी होकर आयी , बिना ख़ुशी -सुख मिले कौन लाखों रुपए खर...

Karan Thapar Exposed / जेहादी मीडिया देश का दुश्मन बन गया है?

शब्दों का मोह पाश भी बड़ा अजीब है और अगर शब्द अंग्रेजी पत्रकार के हों तब तो शब्दों के प्रभाव में बजन अपने आप आ जाता है।  आज की पंजाब केसरी अखबार में एक लेख पढ़ा लेखक अंतर्राष्ट्रीय अंग्रेजी पत्रकार हैं नाम  'करण थापर ' . बहुत ही उत्कृष्ट पत्रकार रहे हैं ये , इनके शब्दों के चुनाब से बहुत से पाठक  इतने प्रभाभित होते हैं के इनके शव्दों को "भगवान के शब्द " माना जाता है। खैर , JNU प्रकरण ने बहुत कुछ साफ़ किया है।  आज़ादी के बाद से भारत की मीडिया पर एक विशेष विचारधारा का अधिपत्य रहा है , ये बात भी मुझे तथा आप सभी को JNU प्रकरण के बाद ही पता चली। जिन मीडिया वालों के प्रभाव और योग्यता के हम वर्षों  से कायल रहे, उनकी "गुप्त विचारधारा" का साक्षातकार हुआ।  कर्ण थापर भी उन छदम  ज़मात के निकले।   कन्हैया कुमार ने देश विरोधी नारे लगाये भी और लगवाए भी लेकिन करण थापर के शब्द कन्हैया के लिए जो प्रयुक्त हुए हैं ध्यान से पढियेगा - "वह छोटे से और गठीले कद का व्यक्ति है जो बिलकुल ही आपके लिए किसी प्रकार की चुनौती होने का आभास नहीं देता। उसके चेहर...

BT Cottan and Modi Sarkar's Sixer/मोनसेंटो की भारत छोड़ने की धमकी के सामने नहीं झुकी भारत सरकार

बहुराष्ट्रीय कम्पनी मोनसेंटो की भारत छोड़ने की धमकी के सामने नहीं झुकी भारत सरकार बीटी कॉटन को लेकर लंबे समय से जारी विवाद में केंद्र सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया ।  केंद्र ने  बीटी कॉटन(कपास ) बीज के एक समान दाम तय कर दिए हैं। इसके अलावा घरेलू बीज कंपनियों की ओर से मोनसेंटो को दी जाने वाली रॉयल्टी में भी 70 फीसद तकटौती ।  सरकार के इस कदम का फायदा किसानों और घरेलू बीज कंपनियों को ।  इस फैसले से अमेरिकी दिग्गज बीज कंपनी मोनसेंटो को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले में कंपनी भारत छोड़ने की भी धमकी दे चुकी है।  इसके फैसले के तहत सरकार ने बीटी कॉटन के 450 ग्राम के पैकेट की कीमत पूरे देश भर में 800 रुपये तय कर दी है। अगले महीने से शुरू हो रहे कपास वर्ष के लिए यह कीमत लागू होगी।  अब तक किसानों को एक पैकेज बीज पर  1,000 रुपये तक  चुकाने पड़ते थे। बीटी कॉटन पर रॉयल्टी में 70 फीसद तक की कमी की गई है। इसकी वजह से मोनसेंटों-महिको बायोटेक इंडिया (एमएमबीएल) को प्रति पैकेट सिर्फ 49 रुपये की रॉयल्टी मिलेगी। फिलहाल रॉयल्टी की यह राशि टै...

Hot News -शरद यादव पनमुर्गी देखनी है तो jnu जाओ .. .... लाखो पनमुर्गियां दिखेंगी।

मेगा शो का सेकुलरों द्वारा विरोध ??? केरल में पम्पा नदी के किनारे एशिया का सबस े बड़ा ईसाई सम्मेलन हुआ.. तब शरद यादव और सीताराम येचुरी सहित सभी सेकुलर कुत्ते खामोश थे ..कई सौ एकड़ फसलों को राज्य सरकार ने नष्ट करवा दिया था .. यहाँ तक की न्यूज़ चैनेल भी एकदम खामोश थे .. लघभग दो दशक पहले आगरा में ग्रीक के विश्व प्रसिद्ध संगीतकार पियानो वादक '' यानी ''जो दुनिया के सभी आश्चर्य के प्रांगण में अपना शो करना चाहते थे .. उन्होंने सभी जगह किया फिर आगरा में ताजमहल के ठीक बगल में यमुना नदी के खादर में ही उन्हें शो करने की इजाजत मिल गयी ... उस समय भी सेना ने यमुना पर चार पुल बनाये थे .. तब भी सेकुलर सूअर खामोश थे .. आज हिन्दुओ का आयोजन हो रहा है तो सभी कुत्ते भौक रहे है ... दोगलो दिल्ली में यमुना वैसे भी एक गंदा नाला है .. उसमे बीओडी यानी बायोलॉजीकल ओक्सीजन डिमांड जीरो है ..यानी यमुना में कोई जीव जिन्दा रह ही नही सकता तो उस नदी के इकोलोजी का भला क्या नुकसान होगा ? शरद यादव भौक रहा था की लाखो पनमुर्गियां खतरे में है .. उनके करोड़ो अंडे फोड़ दिए गये ..मै दिल्ली में कई  सा...

Modi Connection with Art of Living / इस तरह के विरोध तो अब होंगे ही।

आज सलमान रश्दी की पुरानी बीबी 'पद्मालक्ष्मी ' की पुस्तक के बारे में पढ़ रहा था।  उसने रश्दी के बारे में काफी कुछ लिखा है।  नहीं , मै समीक्षा नहीं कर रहा हूँ , मै तो अपने आप को ही समझा रहा हूँ इस दुनिया में जितने भी सेलिब्रिटी हैं सभी इंसान ही हैं इससे अधिक कुछ नहीं।  काम ,क्रोध ,लोभ ,मोह और अहंकार ये पांच गुण हैं जो पूरी दुनिया को नचा रहे हैं।  कोई भी जीव इन पांच गुणो से बाहर नहीं है , फिर वो हिन्दू हो या हो मुस्लिम ,सिख हो या हो ईसाई , पुरुष ,स्त्री ,शेर-कुत्ता ,पक्षी दानब या मानव् सभी। मै भी इसी श्रेणी में आता हूँ और आप भी।  श्री -श्री रवि शंकर कहते हैं लोगों के बारे में कोई फैसले मत लिया करो , इंसान गुणो के अनुसार बदलता रहता है , कभी बहुत अच्छा कभी बहुत बुरा। लेकिन दिक्कत हम संसारियों की ये है के हम एक ही अनुभव के आधार पर एक दुसरे को अलग -अलग श्रेणिओं में बाँट देते हैं। पिछले दिनों सुभाष चन्द्र बॉस से सम्बंधित फाइलों से बहुत गुप्त बातों का पता चला।  कई लोग महात्मा गांधी से राष्ट्र पिता की उपाधि छीन कर सुभाष चन्द्र बॉस को देने की बात भी करने लगे , उ...

Modi Sarkar and Indian Politics

स्वच्छ भारत अभियान तो फ्लॉप है जी , देखो हमारी गली ,मोहला, गाओं शहर कितने गंदे हैं।  सरकार की नीतियां सिर्फ कागज़ों पर चल रही हैं।  मेक इन इंडिया भी फ्लॉप है जी , कोई फायदा नही हो रहा देश को।  बुलेट ट्रैन नहीं चाहिए हमें तो हमारे सैनिको के लिए बुलेट प्रूफ जैकेट चाहिए।  काल धन तो जुमला था जी, व्यपारिओं का टैक्स हटा कर सरकारी कर्मचारिओं पर लगा दिया जी। क्रूड तेल की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में घट रही है लेकिन जनता को फायदा नहीं मिला।  ऐसे कई मज़ाकिया आरोप बिपक्ष आज मोदी सरकार पर और उनकी नीतियों के बारे में  लगाता  है।  J N U के देश द्रोहियों की महिमा मंडन और विपक्ष के तलवे चाटने वाले कई पत्रकार सरकार की नीतियों पर  प्र्शन चिन्ह लगा देते हैं।  खैर उनका ये अधिकार  है , लेकिन क्या "भारत " सिर्फ मोदी ,बीजेपी या आरएसएस का देश है ? बाकी किसी का कोई फ़र्ज़ नहीं ,  अगर कोई काम देश के फायदे के लिए किया जाता है तो आरोप लगता है गुप्त अजेंडे पे काम कर रही है सरकार। पिछले दिनों तो हद हो गयी , एक गदार छात्र को पकड़ने की कवायद शुरू हुई तो सभी...

Ex-Serviceman on Fire Against Kanhaiya !

एयरफोर्स सैनिक का जोरदार लेटर बम ... !! ... पढें  -------------- . ____ "कल जेल से छूटने के बाद छात्र संघ के कन्हैया के भाषण को सुन कर मुझे कुत्तों की प्रवृति य ाद आ गयी.. भौंकते हैं … जब कोई ठोकता है तो कुंकाते हैं यानि कैं कैं करते हैं और फिर कुछ दूरी पर जाकर भौंकने लगते हैं.. जिस न्याय व्यवस्था को मानते नही उसी से न्याय मांगने लगते हैं । याद किजिये भाषण के अगले दिन ये महाशय चैनल पर पूरे जोश के साथ नज़र आये—- जब गिरफ़्तारी हुई तो इनके तेवर ढीले पड़ गये– और जब अदालत में ठुकाई हुई तो ये दीन हीन हो गये । वैसे जेल में रहने का कुछ तो प्रभाव हुआ ही जो इनकी ग्रामर थोड़ी ठीक हो गयी पहले इन्हे “भारत से आज़ादी” चाहिये थी लेक़िन जेल से छूटने के बाद “भारत में” आज़ादी चाहिये हो गयी । इसका श्रेय में पूरा पूरा सरकार को देना चाहुंगा । . मैं इन महोदय को 'कुत्ता' कह कर संबोधित करना चाहता था लेक़िन मुझे कुत्तों की 'वफ़ादारी और इज़्ज़त' का ख़्याल आ गया । कुत्ते जिसका खाते हैं उस पर गुर्राते नही हैं । ये महोदय अमीरों के 'टैक्स के टुकड़ों' पर पलते हैं, शिक्षा अर्जित करते हैं और 'आरक्ष...

JNU- Hide out for Anti-nationals / मोदी सरकार की टँकार देखिये गद्दार जैसे ही जेल से छूटा..

एक गधी को पुलिस उठा कर ले गयी , उसपर देश द्रोह का केस था।  कुछ दिनों बाद वो गधी ज़मानत पे छूट कर बाहर आई तो अपनी साथी गधियों से अलग-अलग रहे।  किसी ने पुछा ये व्यबहार में बदलाब कैसे आया तो जवाव मिला ' जब से जेल जा कर आई है इनकी अलग जान पहचान और रुतवा हो गया है ' दुनिया भर के देश द्रोही और गद्दार इनका जेल अनुभव जानने के लिए आ रहे हैं। अब तो ये सेलिब्रिटी हो गई है।  पिछले तीन दिनों में दिल्ली का नज़ारा ऐसी ही तस्वीर दिखा रहा है। एक के बाद एक गद्दार लोग मीडिया में हीरो की तरह बात कर रहे हैं।  माहोल ऐसा हो गया है जैसे हिजड़ों के घर बेटे ने जनम ले लिया हो और अब बेटे को चूम -चूम के ही मार देंगे।  मीडिया में "गद्दार हीरो और देश सेवा करने वाले शहीद सैनिक जीरो " हो गए।  सुकमा में तीन जवानो की शहादत गौण हो गयी मीडिया के लिए। दुःख तो बहुत है लेकिन क्या करें ? शहीद के नाम पर वोट नहीं मिलती और गदार को वोट मांगने के लिए आर्डर भी मिल गए।  हमारे संबिधान की सुंदरता देखिये गदार राजनीति कर सकता है लेकिन सैनिक गद्दारों को मार नहीं सकता अगर सैनिक ऐसा करेगा तो गद्दारों के अधि...

JNU AZADI ऑपरेशन हुआ कन्हैया का -अच्छे दिन तो शुरू हो गए भाई !!

देश में बहुत कुछ अच्छा हो रहा है।  J N U में कन्हैया बापिस आया और आरएसएस तथा मोदी की भाषा बोलते हुए देश भक्ति की ऊंची -ऊंची बातें कर रहा था।  आज तक , abp news , ndtv आदि के स्टूडियोज में तो जैसे रौनक ही लौट आई।  इन चेन्नल्स ने कन्हैया को मोदी के बराबर नहीं बल्कि बहुत ऊपर , बड़ा करके दिखाया।  खैर जितना मर्जी दिखाया लेकिन कन्हैया के विचारों में आया क्रांतिकारी बदलाव क्यों और कैसे आया ये किसी ने भी नहीं बताया।  कन्हैया खुद को भी 'बेचारा ' बताता रहा लेकिन उसके कड़वे और देश द्रोही विचारों पर राष्ट्र भक्ति की चाशनी का राज़ उसने भी नहीं बताया , बल्कि 'लाल-सलाम ' के बुर्के को ओढ़ कर जेल और कोर्ट में पिलाई गई  देश भक्ति की घुटी  को छुपाने की नाकाम कोशिशि तो की लेकिन गीदड़ तब  तक पहचाना नहीं जाता जब तक मुंह ना खोले और जैसे ही वह मुंह खोलता है हुआँ -हुआँ की आवाज़ सारे राज़ खोल देती है।  यहाँ भी ऐसा ही हुआ सभी नाटक और बातें एक तरफ, लेकिन देश भक्ति  लपलपाती चाशनी में एक गदार के देश भक्ति वाले भाषण ने सारा राज़ खोल दिया।  जेल में सेवा तो ...

बजट किसानो का !

बजट ने बिपक्ष के पास सिर्फ एक ही मुद्दा रहने दिया और वो है "अच्छे दिनों के लिए सरकार को और क्या करना चाहिए" ? मोदी सरकार के काम देश और समाज के सुधार के लिए हैं ,भारत बहुत अच्छी स्थिति में पहुँच रहा है।  बाजपई सरकार ने भी ऐसी ही कामयाब कोशिश की थी लेकिन भारत के लोगों ने बीजेपी को 10 साल के बनवास पे भेज दिया था क्योंकि भारत के समाज के लिए "देश" बहुत बाद में आता है।  अगर कोई बाजपेई या मोदी कोशिश करे भी 'इंडिया को फर्स्ट ' रखने की  अटपटा सा तो लगता ही है।  इस बजट में किसानो की आमदनी बढ़ाने की बात हुई है जो बहुत सही सोच है , परन्तु कई JNU शिक्षित विद्वान टीवी पे विचार साँझा कर रहे थे के 'किसानो के कर्ज़े मुआफ क्यों नहीं किये जाते , जब व्यपारियों के कर्जे मुआफ होते रहे हैं तो किसानो के क्यों नहीं।  बात सही है , मगर अधिकतर  कर्जे जिन किसानो ने उठाये हैं वे बादल या हूडा या चौटाला  टाइप ही होते हैं।  जब भी कोई ऐसी योजना आती  है फायदा फ्रॉड लोगों ने ही लिया है।  हरयाणा में कांग्रेस सरकार ने बिजली के बिल मुआफ किये और शर्त रखी की ...

JNU ISSUE - United India

देश में जिस तरह की हवा बनायी जा रही खतरे की संभावना बढ़ रही है ऐसा दिख रहा है ,लेकिन साधारण जन -मानस की खरी-खरी दो टूक बातें सुन कर मुझे महसूस हो रहा है के अब देश के अच्छे दिन आ रहे है।  JNU हादसे ने देश को जोड़ने का बहुत महत्वपूर्ण काम किया है।  देश की जनता को  बिना कुछ किये साफ़ -साफ़ पता चला के देश में जो देश बिरोधी गतिविधियाँ चलती रही हैं उनको समर्थन कहाँ से मिलता रहा है।  राहुल गांधी , केजरीवाल , समाजवादी ,जनता दल बहुजनबादी और कम्युनिस्ट् विद्वानो का  खुल कर देश द्रोहियों के समर्थन में आना पूरी की पूरी कहानी ब्यान कर गया।  किसी को कुछ कहना या सुनना ही नहीं पड़ा , लेकिन जनता ने एक सुर में देश प्रेम और सम्मान को महत्वपूर्ण बता कर एक कड़ा संदेश दे दिया है के , जो भी हो देश के विरुध बोलने वालों को बक्शा नहीं जाएगा।  अब केंद्रीय विश्वविद्यालओं में तिरंगा फहराने के विरोध ने जनता को पक्का यकीन दिलवा दिया है के देश को अस्थिर और तोड़ने की साजिश करने वाले जितने अधिक देश के बाहर हैं उससे अधिक संख्या देश के अंदर है और ये दोषी लोग धर्म ,मज़हव या जाती की आढ़ में छुपे ह...