आज एक मित्र से बात हो रही थी , वे काफी परेशान थे 'देश के सरकारी कर्मचारिओं के काम चोरी और बेईमानी की आदत से " बात सही भी थी। अगर भारत के सरकारी कर्मचारी अपने आप को भारत का हिस्सा मानते और अपना 50 % काम भी ईमानदारी से करते तो आज सभी सरकारी कर्मचारियों को पेंशन की सुबिधा भी मिलती और उनके बच्चों को भी सरकारी नौकरी आराम से मिलती क्योंकि देश के हालात बहुत अच्छे होते। लेकिन ये संभव ही नहीं हो पा रहा , भारत को लूटने में अधिकतर भारतीय लोग तो अंग्रेज़ों से भी आगे निकल गए हैं , लेकिन ये भूल गए के अँगरेज़ तो भारत से लूट का सामान ब्रिटेन ले गए , लेकिन वे लोग (भारतीय लूटेरे ) भारत की जनता से लूटा सामान कहाँ ले जाएंगे ? मैं यहाँ नेताओं की बात नहीं कर रहा हूँ , मै यहां सिर्फ साधारण भारतीयों की बात कर रहा हूँ जो सरकारी नौकरी मिलने से पहले तक तो देश भक्त और ईमानदार होते हैं लेकिन नौकरी मिलते ही उनकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। खैर, पांच गुण(काम -क्रोध - लोभ -मोह -अहंकार ) जो पूरे ब्रह्माण्ड को अपने प्रभाव में ही रख...