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Showing posts from September, 2015

Russia Attacked Siriya

रूस ने सीरीया पे हवाई हमले शुरू किये , अमेरिका को दो टूक शब्दों में कह दिया सीरीया से चले जाओ।  पेंटागन ने इस जानकारी की पुष्टि भी की है 

Mark Zuckerberg's Explanation On Internet.org/मार्क ज़ुकरबर्ग ने अपना पक्ष रखा

Over the past week in India, there has been a lot written about  Internet.org and net neutrality. I’d like to share my position on these topics here for everyone to see. First, I’ll share a quick story. Last year I visited Chandauli, a small village in northern India that had just been connected to the internet. In a classroom in the village, I had the chance to talk to a group of students who were learning to use the internet. It was an incredible experience to think that right there in that room might be a student with a big idea that could change the world — and now they could actually make that happen through the internet. The internet is one of the most powerful tools for economic and social progress. It gives people access to jobs, knowledge and opportunities. It gives voice to the voiceless in our society, and it connects people with vital resources for health and education. I believe everyone in the world deserves access to these opportunities. In many coun...

Modi - The Winner / पाकिस्तानी मीडिया और नागरिक सभी आज मोदी के मुरीद हुए पड़े हैं

मोदी के अमेरिका में दिए गए भाषण ने कोंग्रेसियों की नींद उड़ा दी है। पिछले दिनों एक चुटकुला काफी प्रसिद्ध हुआ था जो पाकिस्तान पे बना था। गौर फरमाइयेगा " अमेरिका में अंग्रेजी सीख रहे छात्रों ने सामान्य ज्ञान पे चर्चा शुरू की , हॉट टॉपिक आतंकवाद है सो बात शुरू ही आतंकबाद से हुई। किसी ने प्रश्न किया दुनिया में सबसे अधिक आतंक फैलाने वाला देश कौन सा है , सभी इधर-उधर देखने लगे तो पाकिस्तानी लड़का गुस्से में बोला 'खुदा कसम अगर पाकिस्तान का नाम लिया तो गोलियों से भून दूँगा '… खैर अपने भाषण में मोदी ने सिर्फ इतना कहा के पहले देश के नेताओं पे आरोप लगते थे बेटे ने ढाई सौ करोड़ का घोटाला किया , बेटी ने पांच सौ करोड़ का घोटाला किया ,दामाद ने हज़ार करोड़ का घोटाला किया आदि , लेकिन 15 महीने में मेरे पे तो कोई आरोप नहीं लगा। बस इतना सा ही तो कहा था मोदी ने लेकिन कांग्रेसियों ने इन शब्दों को पर्सनल ले लिया और इन शब्दों को देश की बेइज़ती करार दे दिया।  मैं समझ नहीं पा रहा हूँ के ये शब्द कैसे देश के लिए शर्मनाक हैं ? मोदी ने तो साधारण सचाई ही कही थी जिन लोगों को ये शब्द शर्म नाक लग रहे हैं, वे ल...

Modi and Digital India - आँख में आँख डाल कर हाथ मिलाएंगे - मोदी

"ना डरेंगे ना डराएंगे , ना झुकेंगे ना झुकाएँगे , आँख में आँख डाल कर हाथ मिलाएंगे - मोदी " ये बात पहले सिर्फ भाषण बाज़ी  ही लगते थे लेकिन मार्क ज़ुकरबर्ग की बॉडी लैंग्वेज देख कर महसूस हुआ के मोदी के शव्द सिर्फ भाषणो तक ही सीमित नहीं थे , मोदी ने अपने एक-एक शब्द को सच करके दिखाया है। यहाँ मै ये कते   नहीं कह रहा के मार्क या अमेरिका को मोदी ने डरा दिया ,नहीं ,बल्कि मेरा बस इतना कहना है  "भारत को भारत का असली गौरव दिलवा दिया" ।  मैं देख रहा था कैसे मार्क ज़ुकरबर्ग बार-बार पानी पी कर अपने स्ट्रेस को दवा रहा था। गूगल -फेसबुक -एप्पल आदि जितनी  भी अमेरिकन कम्पनीज हैं ऐसा नहीं है के अब एक दम से भारत में पैसे की बरसात कर देंगे। लेकिन अब वे लोग भारत में आ कर मोदी की कथनी और करनी को ज़रूर देख सकेंगे।  कांग्रेस एंड पार्टी ने भारत के प्रति पूरे विश्व में एक नकरात्मक छवि जो बना राखी थी , इतनी आसानी से खत्म नहीं होने वाली।  पुरानी छवि ही क्यों ,जिस तरह की आज भी राजनीति के नए ढंग जो कांग्रेस अपना रही है उससे साफ़ हो रहा है के विदेशियों को तो मोदी खींच लाएंगे ले...

Change in American Attitude is Due to Modi Sarkar/ अमेरिका में भारत की बल्ले-बल्ले

"भारत अब खड़ा हो रहा है ,  देखा था कभी गिडगडाते हुए ,  अब दहाड़ने लगा है देश मेरा बड़ा हो रहा है , गरीबी -ग़ुरबत ही मुद्दा थी कभी , अब काज  और व्याज से  व्यपार हो रहा है ,  देश मेरा नहीं सो रहा है। कभी विदेशों के आगे चम्पी करते थे देश के नेता ,  आज आँख में आँख डालकर राज हो रहा है ,  सच्ची बात है भारत अब खड़ा हो रहा है। मेहनत करने वालों को रस्ते नहीं थे बढ़ने के ,  आज छोटा सा बच्चा भी जहाज ढूंढ रहा है , सच में देश विज्ञान मय हो रहा है , जन - जन का कल्याण हो रहा है ,  देश से कूड़ा साफ़  रहा है क्योंकि अब भारत महान हो रहा है। " एक बात तो माननी पड़ेगी के नरेंदर मोदी की मेहनत साफ़ दिखती है , साधारण जनता मुहं भर के मोदी की तारीफ़ कर रही है लेकिन एक कमी तो है 'भूमि बिल ' के बारे में सच जनता तक पहुंचाने में मोदी के इलावा कोई बीजेपी नेता आगे नहीं आया।  शत्रुघ्न सिन्हां सरीखे नेता जो नितीश और केजरीवाल तथा लल्लू यादव के तलवे चाटने में गुरेज़ नहीं करते   स्वयम ज़िमेदारी ले कर देश हित में भूमि बिल के फायदे बताने आगे नहीं आये...

मोदी भारत के युथ आइकॉन बन कर उभरे हैं

मोदी भारत के लिए ख़तरा हैं , बिहार को तहस -नहस कर देगा मोदी। आरएसएस देश पर नियंत्रण करना चाहती है , सेकुलरिज्म खतरे में है आदि आदि।   जैसे ही देश के किसी भी हिस्से में चुनाब होने होते हैं तो  मोदी और बीजेपी विरोधी लोग ऐसी ही ब्यानवाज़ी शुरू कर देते हैं। लेकिन इसबार आयरलैंड के दौरे पे गए मोदी की बॉडिलैंगुएज बता रही है के बिहार जीता जा चुका। संस्कृत मन्त्र उच्चारण से कार्यक्रम का आरम्भ हुआ और मोदी -मोदी के नारों से  सभा स्थल गूंजा भी।  आयरलैंड में मोदी ने ऐलान किया "भारत के लोगों को अब सर नहीं झुकाना पडेगा , भारत के युवा अब बोझ नहीं ताक़त  बनगए हैं देश की, अब हम दुनिया को कह सकते हैं 21 वीं सदी हमारे नाम होगी"।  ऐसा कभी सोचा भी नहीं होगा कांग्रेस और बाकी बिरोधियों ने कि "भारत के भी अच्छे दिन आ सकते हैं"।  उधर मोदी बिरोधियों के लिए बर्नोल हाथ में लेकर सुनने वाली खबर है 'हिन्दुस्तान टाइम्स के सर्वे के अनुसार " मोदी भारत के युथ आइकॉन बन कर उभरे हैं , 50 % से अधिक लोगों ने मोदी को तरक्की का पर्याये माना है"।   आयरलैंड  क...

Fadnavis-Slaps-Rajdeep- Replied to the open-letter -Why Meat Ban

Dear Rajdeep, Normally I don’t reply to every open letter by ‘senior’ journalists but this time I thought if I didn’t, the Goebbels law — speak what is untrue several times over and it becomes the truth — may prevail. Your letter is an excellent example of how a section of the media, without having sound knowledge, bashes a government with an agenda. Let me bring some clarity to the first issue you have raised. My state government did not take the decision to ban meat. Not a single new order went from the government to any local body. The Congress government in 2004 took the decision to close a slaughter-house for two days in Paryushan Parva. It was conveyed to all municipal corporations then. Since then all municipal corporations including Mira-Bhaindar started implementing it. Additionally municipal corporations like Mumbai and Mira-Bhaindar adopted resolutions to ban it for additional days within their own powers, which in the case of Mumbai dates back to 1994. Surprisingly,...

कब तक ज़ाकिर नाइक जैसे लोग देश को बांटने में कामयाब होते रहेंगे।

कल किसी मुस्लिम जानकार ने डॉ ज़ाकिर नाइक के ज्ञान के बखान से परिपूर्ण लेख फेसबुक पे शेयर किया , जिसमे लिखा था के वेदों में गौ -मांस खाने का समर्थन किया गया है।  एक दम से गुस्से की लहर सी दौड़ गयी , क्रोध तो आप जानते हैं दिमाग  का दही कर देता है। खैर ,ऐसे -तैसे करके शान्ति प्राप्त हुई तो दिमाग की बत्ती भी जल उठी। अब देखो ना एक  पढ़े लिखे मुस्लिम होने के नाते डॉ नाइक ने हिन्दू ग्रन्थ, यहाँ तक की वेदों   का अध्ययन भी कर लिया ,  मै बताना चाहूंगा वेदों में संस्कृत भाषा का प्रयोग हुआ है और संस्कृत भाषा में कुल शब्दों की संख्या ढाई अरब से अधिक है संस्कृत में एक ही शब्द के कई अर्थ निकलते हैं। लेकिन ज़ाकिर नाइक ने मेहनत करी और हिन्दू ग्रंथों से वो ऋचाएं ढूंढ निकालीं जिनमे जीव ह्त्या और गौ-हत्या को ज़रूरी तथा महान बताया गया है।  मै हैरान नहीं हुआ , लेकिन दुखी ज़रूर हुआ था। गुस्से  में अंग्रेजी में कुछ कठोर शब्द   भी फेसबुक पे चेप दिए। एक विद्वान जीव ह्त्या के समर्थन के लिए दूसरे धर्मो के ग्रंथो से ऋचाएं ढूंढ कर सेक्युलर समाज को बता रहा ...

नेता जी सुभाष चन्द्र बॉस और खानदानी बहादुर कांग्रेस कार्यकर्ता

 किसी संगठन या राजनितिक दल के सम्पूर्ण काडर को  अगर बहादुरी का मेडल देने की बात चले तो मेरी पसंद कॉंग्रेसी होंगे। इस संगठन की नींव 1885 में भारतियों को राजनीतिक नेतृत्व दिलवाने की सोच से किया गया था।  संगठन के लिए देश और देश की जनता सर्वोपरि थी , महात्मा गांधी , सुभाष चन्द्र बॉस , सरदार बलभभाई पटेल , लाल बहादुर शास्त्री आदि  लिस्ट बहुत बड़ी है लगभग सभी महान बिभूतियाँ जो आज़ादी की जंग में शामिल  थे ,कांग्रेस से भी जुड़े थे। अच्छा आज़ादी मिलते ही महात्मा गांधी ने मांग कर दी के कांग्रेस को भंग करदो क्योंकि देश आज़ाद हो चुका है और अब कॉंग्रस्स की ज़रूरत नहीं है। खैर , ये मांग नहीं मानी गयी और वक़्त के करवट लेते ही नयी कांग्रेस देश के सामने आ गयी , इस कांग्रेस में देश के लिए कोई जगह नहीं है और ना ही देश सेवा के लिए , एक और बात यहाँ नागरिक भी "भारतीय" ना होकर जाति -धर्म से पहचाने जाने लगे।  देश के सभी महान सेवक कहीं गुम हो गए और सिर्फ एक ही  परिवार देश का खैरख्वा हो गया , जी हाँ राहुल गांधी उसी परिवार की खेती हैं। वक़्त का फेर देखिये अब कोंग्रेसियों को ...

मोदी सरकार के लिए बदलाब कठिन है नामुमकिन नहीं

पर्यावरण के विषय में   काफी बातें और योजनाएं तैयार हो रही हैं।  सुनने में आ रहा है केंद्र सरकार अब जंगलों की देख रेख प्राइवेट कंपनियों या संस्थाओं के हाथ देने वाली है ,ऐसी सुगबुगाहट सुनने को मिल रही है। देखा जाए तो सरकार के पास बिकल्प हैं भी नहीं।  वन विभाग जो वनों को बचाने की सोच के साथ बनाया गया था , वनों को काटने या यूँ कहें लूटने का सबसे बड़ा विभाग बन गया है।  हम देश के किसी भी हिस्से में चले जाएँ आज लोग अपने निजी फायदे को ही सर्वोपरि रख रहे हैं , यही हाल सरकारी अधिकारियों का भी है तो उनको भी गलत नहीं कहा जा सकता क्योंकि समाज का प्रभाव ही तो उन पर पड़ा है। कल ही एक सेवा निवृत मुख्याध्यापक जी से बात हो रही थी उन्होंने बताया के शिमला हाई कोर्ट में किसी केस के सिल सिले में गया हुआ था तो वकीलों के साथ बात चल पड़ी , शाम का समय  था महफ़िल में नशे का सुरूर चढ़ने लगा था , एक वकील साहेब मेरे मुरीद हो गए और नज़दीक आकर बोले "हेडमास्टर साहेब आप केस जीत सकते हैं , आजकल जो जज हाई कोर्ट में है उसे लड़कियों का शौक है इधर उसके पास लड़की पहुंची उधर आप केस जीत गए।  एक...

मोदी समर्थक - सरकार की नीतियां जनता तक पहुंचाएं

आसपास की हलचल  भी कभी फायदा दे जाती है लेकिन सबसे ज्यादा सकूँ सिर्फ काम करने में मिलता है ,परिणाम  क्या होंगे इस बात से बेखबर छोटे बच्चों को एकाग्रता से मामूली से दिखने वाले क्रिया कलापों को करते देखो तो बड़े होने का अहंकार खत्म हो जाता है। जीवन में जो भी इंसान सफल  होता है उसमे बचपन कूटकूट के भरा होता है। बचपन भी एक सोच ही तो है ,जो अपने आप को समझदार और बड़ा समझता है वो कभी भी असंभव को संभव नहीं कर सकता।  दिल का बच्चा होना ज़रूरी है ,आज नरेंदर दामोदरदास मोदी का जनम दिन है और खुशकिस्मती से ए पी जे अब्दुलकलाम के बाद अगर कोई बचपने से भरा हुआ नेता देखा है तो वो मोदी है।  मोदी का उत्साह बताता है के उनका दिल अभी भी बच्चा है। उस देश में जहाँ लोकल ट्रैन समय पर नहीं चलती वहां के लोगों को बुलेट ट्रैन के सपने दिखाना और फिर उस सपने को शिदत साकार करने की जीतोड़ कोशिश समझदार कहलाने वाला नहीं कर सकता। अमेरिका जैसे हथियारों के व्यापारी देशों को सामने से चुनौती देने का काम भी मोदी ही कर सके , चीन को बॉर्डर पर ललकारने का दम भी मोदी सरकार ने ही दिखाया है।  यूँ ...

बीजेपी के नेता इस तरफ भी ध्यान दें

अच्छा, सबसे अधिक मज़ा आजकल टीवी पर कांग्रेस नेताओं को सुनने में आता है , आज  डाक टिकटों पर गांधी परिवार के  एकाधिकार को मोदी सरकार की चुनौती पे चर्चा सुन कर महसूस हुआ के जो भी मैनेजमेंट की किताबों में लिखा गया है , कांग्रेसी  बिना पढ़े हाईकमान की चम्पी करके ही वो ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं। रशीद अल्वी जैसे कई नेता इस बात को सार्थक करते हैं। जो भी हो मोदी सरकार की नेहरू-गांधी के इलावा जो देश के नेता और स्वतंत्रता सैनानी हुए हैं उनको सम्मान देने की इच्छा ने 'अच्छे दिनों के संकेत दे दिए हैं ' . लालू यादव और नितीश कुमार का ढगबंधन बिहार की जनता को रास नहीं आ रहा है ये रुझान मिल रहा है।  लालू के टाइम में बिहार में सड़कें नहीं बनी , लालू कहते थे 'अगर सड़क बनेगी तो पुलिस आपके घरों तक जल्दी पहुँच जायेगी ,अगर बिजली जलेगी तो पुलिस रात को दूर से आपका घर देख लेगी तो आप शराब कैसे बनाओगे इस लिए ना सड़क और ना बिजली की ज़रूरत है। ' पता नहीं बिहार की जनता उन दिनों को भूल गयी है या याद हैं। नितीश के विरुद्ध लालू एक नारा दिया करते थे "ऐसा कोई सगा नहीं ,जिसे नितीश ने ठगा नहीं " ले...

गुंणों का प्रभाव तथा लालू-खुर्शीद -गुजरात के पटेल , सरकारी कर्मचारी और बिहार के लोग

 आज  एक मित्र  से बात हो रही थी , वे काफी परेशान थे 'देश  के सरकारी कर्मचारिओं के  काम चोरी और बेईमानी  की आदत से " बात सही भी थी।  अगर भारत के सरकारी कर्मचारी अपने आप को भारत का हिस्सा मानते और अपना 50 % काम भी ईमानदारी से करते तो आज सभी सरकारी कर्मचारियों को पेंशन की सुबिधा भी मिलती और उनके बच्चों को भी सरकारी नौकरी आराम से मिलती क्योंकि देश के हालात बहुत अच्छे होते। लेकिन ये संभव ही नहीं हो पा रहा , भारत को लूटने में अधिकतर भारतीय लोग तो अंग्रेज़ों से भी आगे निकल गए हैं , लेकिन ये भूल गए के अँगरेज़ तो भारत से लूट का सामान ब्रिटेन ले गए , लेकिन वे लोग (भारतीय लूटेरे ) भारत की जनता से लूटा सामान कहाँ ले जाएंगे ?  मैं यहाँ नेताओं की बात नहीं कर रहा हूँ , मै यहां सिर्फ साधारण भारतीयों  की बात कर रहा हूँ जो सरकारी नौकरी मिलने से पहले तक तो देश भक्त और ईमानदार होते हैं लेकिन नौकरी मिलते ही उनकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं।  खैर, पांच गुण(काम -क्रोध - लोभ -मोह -अहंकार ) जो पूरे ब्रह्माण्ड को अपने प्रभाव में ही रख...

क्या विदेशों में लोग पांच गुणों से पार पा गए हैं ?

पिछले कई दिनों से एक विचार पर मंथन चल रहा था , आज विचारों को शव्दों में पिरोने का मन किया है। आजकल हमारे आसपास विदेश जा कर बसने  की इच्छा रखने वालों की तादाद काफी बढ़ गयी है।  युवाओं में एक होड़ सी लगी हुई है विदेश प्रेम की।  बात करने पे पता चला के अधिकतर लोगों का मानना है के विदेशों में सुख-सुबिधायें बहुत हैं , सुरक्षा बहुत होती है , बच्चों का ख्याल विदेशों में सरकारें रखती हैं ,वहां पर्यावरण बहुत अच्छा है , वहां के लोग -समाज बहुत अच्छे होते हैं।  चिंता मुक्त जीवन होता है आदि आदि।  हमारे एक मित्र  अमेरिका में गुरुद्वारे में पाठ करते हैं वो भी अमेरिका और वहां के लोगों के बारे में खूब तारीफ़ करते है। एक मित्र कैनेडा रहता है और वहां की बहुत तारीफ करता है।  ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में भी जो जानकार रहते हैं उनका भी वहां के  बारे में सकारात्मक सोचना है। खैर , मेरा  उनकी तारीफ़ से विरोध नहीं है बल्कि मुझे ख़ुशी है जिसे सुख और चैन  से  जीवन जीने का सपना जीते जी पूरा हो गया वर्ना यहाँ तो मौत के बाद  स्वर्ग की कल्पना है। ल...

हिमाचल में 500 इलेक्ट्रिक बसें - पर्यावरण के नाम पे कितने डकारें जाएंगे

आज खबर आई के  हिमाचल में 500 इलेक्ट्रिक बसें अर्थात बिजली से चलने वाली बसें खरीदी  जाएंगी। हिमाचल के जिला ऊना से इस नयी बस सेवा की शुरुवात हो सकती है।  इस की ज़रुरत इस लिए पड़ी क्योंकि वाहन प्रदुषण के कारण गलेशियर पिघल रहे हैं ,मौसम पर बुरा असर पड रहा है ,ये कहना है हिमाचल के परिवहन मंत्री का। ये सुन कर एक बार तो झटका सा लगा मुझे , जिस जिला ऊना में बिजली चलित बसें शुरू की जाएंगी बहां आज पर्यावरण की हालत इतनी खराब है के सांस की बिमारी ,किडनी ,हृदय रोग ,कैंसर आदि के मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। लेकिन ये बीमारियां सिर्फ  वाहन प्रदुषण से नहीं फ़ैल रही हैं. गहराई से जांच करने पे मैंने पाया के पेड़ों की संख्या दिन व् दिन बहुत काम होती जा रही है , जिला ऊना की जीवन रेखा समझी जानेवाली स्वां नदी (सोमभद्रा ) अपने अस्तित्व की आखरी लड़ाई लड़ रही है। इस नदी पे अनगिनत स्टोन क्रेशर लगवा दिए गए है , अच्छा ये नदी ऐतिहासिक महत्व भी रखती है , रामायण -महभारत काल  में इस नदी के किनारों पे भी खूब खेल खेले थे पांडवों ने भी , इस  किनारे कई ऐ...

क्या ये हिम्मत बीजेपी के कार्यकर्ता दिखाएँगे ?

मोदी सरकार देश की सुरक्षा को लेकर बहुत ही संजीदा है , इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता। इसी बात को और पुख्ता करता है  हेरान टीपी ड्रोन खरीदने के प्रस्ताब को गुपचुप ढंग से पास करना।  40 करोड़ डॉलर की ये डील भारत की सेनाओं को बहुत सहायक होने वाली है।  अच्छा ये भी खूब रही हम सभी ये भी चाहते हैं के ऐसे और हथियार भारत सरकार ख़रीदे जिससे सेना ताकतवर बने लेकिन दूसरी तरफ मुफ्त में सुबिधायें चाहियें, पेंशने भी बढ़ा दी जाएँ , सैलरी भी बढाई  जाये , टैक्स भी कम हो जाए , सड़कें भी बने ,नए काम हों आदि आदि। लेकिन क्या ये सब इतना आसान है ? क्या हर किसी को देश हित के लिए कुछ त्याग नहीं करना चाहिए ? अब पेट्रोल -डीज़ल के दाम काफी नीचे आये हैं लेकिन ट्रकों -बसों -टैक्सियों के किराए कम नहीं हुए ,क्यों ? क्या ये भी मोदी के डंडे से ही सम्भव है क्या? अगर सरकार डंडे का उपयोग करेगी इन छोटी-छोटी चीज़ों के लिए तो फिर और काम कब होंगे। सिर्फ बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता ही अगर ईमानदारी से अपना काम देश हित में दो साल के लिए करें तो भारत सफलता की आवरत लिख सकता है , अब ...

ISIS के खिलाफ फतवे ज़ारी

ये खबर भारत के मीडिया ने दवा दी , देश में कोई भी मुस्लिम जब देश प्रेम और भाई चारे की बात करता है तो उसे सम्पूर्ण उत्साह के साथ पूरा समर्थन और सम्मान मिलना चाहिए।  भारत का दुर्भाग्य है के जनता को खवर पहुंचाने वाले खवर नफीस या तो कम्युनिस्ट माईंड / सोच के हैं या फिर बिकाऊ किसम के पत्रकार हैं ,  दोष इन लोगों का नहीं है , पत्रकारिता में इम्मान्दारी से काम करने वाले को तो गुज़ारे लायक पगार भी नहीं मिलती।  अधिकतर लोग टी वी में चमकती हसीनाओं को खबरें देते देख कर सोच लेते हैं के पत्रकारों की तो बल्ले-बल्ले होती है लेकिन सच बहुत भयाभय और कड़वा है ,खैर इस मुद्दे पे कभी फिर बात करेंगे , तो मुसलमान अगर isis का झंडा उठाते हैं तब तो टी वी पर खूब बहस  और खबर कई दिनों तक दिखाई जाती है ,लेकिन जब मुस्लिम लोग isis के खिलाफ झंडा उठाते हैं तो ये खबर , खबर ही नहीं बनती।  इससे सिर्फ एक ही सन्देश जाता है के भारत का मीडिया खाता भारत का है लेकिन उस ही थाली में छेद भी कर रहा है जिसमे खता है।  दुःख दायक है , परन्तु एक बात तो साफ़ हो गयी है के सोशल मीडिया ने पारम्परिक मीडिया की नाक में ...

Suresh Chiplunkar's FTII के “लाल” कारनामों का श्वेत-पत्र

========================== FTII के “लाल” कारनामों का श्वेत-पत्र ========================== जब से मोदी सरकार ने केन्द्र में सत्ता संभाली है, अक्सर हमें विभिन्न चैनलों और अखबारों में कुछ तथाकथित बुद्धिजीवी “भगवाकरण हो रहा है” जैसा कुछ बडबडाते हुए मिल ही जाते हैं. “संस्थाओं का, शिक्षा का भगवाकरण हो रहा है” यह कथित आरोप कोई नई बात नहीं है, जब वाजपेयी सरकार में मुरलीमनोहर जोशी मानव संसाधन मंत्री थे, तब भी ऐसे कथित बुद्धिजीवी यही बात लगातार दोहराते थे. चूँकि मोदी सरकार इस बार पूर्ण बहुमत से सत्ता में आई है, इसलिए वामपंथ नियंत्रित और विदेशों की नाजायज़ स्कॉलरशिप से “पोषित” बुद्धिजीवियों के गिरोह का स्वर इस बार और भी तीखे हैं. पिछले दो-तीन माह से पुणे स्थित फिल्म एंड टीवी इंस्टीट्यूट (FTII) में गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति को लेकर जो बवाल काटा जा रहा है, वह इसी गिरोह की कारस्तानी है. FTII में छात्रों के कंधे पर रखकर जो वामपंथी बन्दूक चल रही है, उसकी जड़ में इस संस्थान पर पिछले कई वर्षों का कब्ज़ा गँवाने का डर तथा इन वर्षों में किए गए तमाम लाल-काले कारनामों के उजागर होने का डर, यह दो प्रमुख का...

भारत बनेगा मिसाइल प्रूफ, मोदी सरकार का 'काली कवच '

भारत को दुनिया मे पहला "मिसाईल प्रुफ" देश बनाने की तैयारी में मोदी सरकार ! अब बहुत जल्द पाकिस्तान समेत सभी हथियार पसंद देश हो जाएंगे भारत के आगे ढेर ! काली के वार से सभी को मिलेगी मात ,अटलबिहारी बाजपाई के शासन के दौरान अमेरिका से लाई गयी थी गुप्त तकनीक। काली रोकेगी दुश्मन की मिसाइलों को , भारत बनेगा मिसाइल प्रूफ देश , मोदी सरकार को मिलेगा 'काली कवच ' विज्ञानिक भाषा में KALI का अर्थ है 'किलो एम्पेयर  लीनियर इंजेक्टर 'Kilo Ampere Linear Injector'. ये तकनीक इस तरह काम करती है के अगर कोई भी मिसाइल भारत का रुख करती है तो सेकण्ड्स से भी पहले 'इलेक्ट्रॉनिक बीम्स Relativistic Electrons Beams' उसको जला देगी। ये लेजर बीम की तरह छेद ही नहीं करती हैं पर उस जगह पर इलेक्टिक सिस्टम को भी खत्म कर देती है। काली , लेजर हथियारों से बहुत अधिक कारगर और खतरनाक है। ये एक बहुत अधिक शक्ति वाली माइक्रोवेव तोप के रूप में काम करेगी। जल्दी ही साधारण जनता और तकनीक की दुनिया के तुर्रम खान माने जा रहे बिकसित देश भी मुहं और आँखें खोल कर देखेंगे 'काली  का जाल '

सैनिकों का बुलंद होसला देखना चाहती है सरकार - नरेन्द्र मोदी

फरीदाबाद मेट्रो के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गति-प्रगति रैली  भाषण के मुख्य बिन्‍दु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भारत मां की जयघोष करते हुए जय जवान,जय किसान के नारे के साथ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा मेरा दूसरा घर है। उन्होंने कहा कि गुजरात छोड़ने के बाद मैंने वर्षों तक हरियाणा में अपना जीवन बताया और यहां के हर गांव-हर गली से परिचित हूं। उन्होंने कहा कि आपके प्यार को कभी नहीं भूल सकता, इसी वजह से मैं बार-बार खिंचा चला आता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आपके इस प्यार को ब्याज सहित विकास के रूप में लौटाऊंगा। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश राजनीति से नहीं राष्ट्रनीति से आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र मंजिल विकास है। उन्होंने ने एक बार फिर 2022 तक हर गरीब को घर देने की बात दोहराई। रैली में वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने पूर्व सैनिकों से जो वादा किया था, उसे निभाया है। श्री मोदी ने कहा कि वीआरएस के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "ऐसे जवान जो मोर्च...