Skip to main content

मोदी सरकार की सुरक्षा योजनाएं मुस्लिम भी ले सकते हैं फायदा

प्रधान मंत्री जनधन योजना  28 अगस्त 2014 को शुरू हुई थी और इस  का पहला चरण 14 अगस्त 2015 को समापत हो   चूका है।   जिसने भी इस योजना के तहत बैंक में खाता खुलवाया है उसको डेबिटकार्ड के साथ ही 1 लाख रूपय का दुर्घटना बीमा मिला है और जिन  26 जनवरी 2015 से पहले खाता खुलवाया था उनका  30  हज़ार का जीवन बीमा भी हुआ बिलकुल मुफ्त में। 
अब दूसरा चरण शुरू हो चुका है इस योजना का 14 अगस्त 2015 से 14 अगस्त 2018 तक ये दूसरा चरण चलेगा।  आप सोच रहे होंगे के सिर्फ बैंक खाते ही तो खोलने हैं फिर इतना टाइम क्यों , तो मित्रो ज़रा रुकिए जब आप जनधन योजना के बारे में बिस्तार से समझेंगे तो आप कहेंगे इतने काम समय में इतना कुछ सम्भव नहीं हो सकता ,लेकिन मोदी है के मानता नहीं, मोदी को सारा काम इस थोड़े सेव समय में ही पूरा करना है।  आज़ादी से बाद हमारे मज़दूर या धियाड़ी दार या असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले भाई बहनो के परिवारों के लिए   कोई सुरक्षा चक्र नहीं बन पाया था , लेकिन अब सरकार ने देश करोड़ों मज़दूरों तथा उनके परिवारों को वित्तीय सुरक्षा चक्र प्रदान करने की ठान ली है और वो भी बैंक खातों के द्वारा ही किया जाएगा।  उस तरफ पहले कदम के तोर  पर   छोटी    छोटी बीमा योजनाएं शुरू की गयी हैं लेकिन ध्यान रहे सभी योजनाएं एक दुसरे से जुडी है।  इस दुसरे चरण में  पहले तो सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को उनके परवारों के सभी सदस्यों को तथा  देश के सभी छात्रों को इसमें शामिल किया जाएगा।  जनधन योजना दीर्घ कालीन लक्ष्य है "कैश लेस्स अर्थव्यबस्था का निर्माण". 
अब आते हैं सामाजिक सुरक्षा की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं पे जो सरकार ने जनधन खातों से जोड़ कर शुरू की हैं की हैं  :--
1 प्रधानमंत्री ज्योति बीमा योजना ( जीवन बीमा है ) 18 -50 वर्ष के नागरिक इसका लाभ ले सकते हैं सिर्फ 330 रुपए  साल का प्रीमियम भरना होगा। बीमा धारक की मौत पर  को 2 लाख का मुआबजा मिलेगा 
2 प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (दुर्घटना बीमा योजना है ) 18 - 70 साल के नागरिक फायदा ले सकते हैं , साल के सिर्फ 12 रुपए प्रीमियम देना होगा। दुर्घटना से मृत्य पे 2  लाख रुपया परिवार को मिलेगा ,अगर  दुर्घटना में अंग भंग हुआ है तो 1 लाख  मुआबजा मिलेगा। 
3 अटल पेंशन योजना (Pension fund regulatory development authority ) के अंतर गत पेंशन योजना है , जो भी असंगठित क्षेत्र के कारीगर या मज़दूर हैं उनके लिए ख़ास है ये योजना , 18 -40 साल  के लोग फायदा ले सकते हैं , अगर आप इनकम टैक्स भरते हैं तो आप इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे।  इस योजना में धारक को 60 वर्ष की उम्र हो जाने पे कम से कम 1000  अधिक से अधिक 5000 रुपया पेंशन मिलेगी निर्भर करेगा के आप कितने पैसे वाली स्कीम लेते हैं।  अगर पेंशन धारक मर जाए तो उसकी पत्नी को पेंशन मिलेगी या फिर जो नॉमिनी होगा उससे लाभ मिलेगा।  हर खाते में मोदी सरकार आपके डाले गए पैसे का 50 % या अधिक से अधिक 1000  रुपया अपनी तरफ से आपके खाते में डालेगी शुरू के पांच साल तक। 

अब भारत के उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी को भी आप बता सकते हैं के ये योजनाएं सभी भारतियों के लिए हैं , मुसलमान भी अगर भारत के नागरिक हैं तो इन योजनाओं का फायदा ले सकते हैं , इन योजनाओं में आरक्षण नहीं है  प्रार्थी भारतीय होना चाहिए यही योग्यता काफी है हिन्दू - मुस्लिम -सिख -ईसाई कोई भी हो।  अगर मुस्लिम गरीब हैं और ज़रुरत मंद भी तो उनका फायदा हो सकता है इन योजनाओं से। 

Comments

Popular posts from this blog

How to Learn New Things or Tough Subjects Successfully ?मतलब ये है कि आप अपने बचपन में लौट जाइये अर्थात बच्चे बन जाइये

Love Is The Only Medicine For This World जानवरों तथा मनुष्यों का सीखने का तरीका लगभग एक जैसा ही होता है।  जीवों के सीखने की प्रक्रिया ,'कोशिश और गलती अर्थात trial and error ' नियम पर आधारित होती है । सीखने वाले के लिए शुरूआती प्रयत्न किसी विज्ञानिक प्रयोग से कम नहीं होते। प्रारंभिक छोटी -छोटी कोशिशों से मनुष्य को सफलता के रास्ते की कठिनाइयों तथा अपनी कमियों का पता चलता है ,जिनको दूर करने के प्रयत्न वह आरम्भ कर देता है। शुरुआती प्रयत्न इतना तो समझा ही देते हैं कि वे कौन  से  तरीके हैं जिनसे लक्षित क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं हो सकती और वह नए तरिके अपना कर अपनी कोशिशों को नए आयाम देना भी आरम्भ करदेता है। सीखना मानसिक दक्षता का आधार है।  हर सीखने वाले की दक्षता अलग -अलग होती है अतः सीखने के लिए कितना समय लगता है यह भी हर किसी की दक्षता पर ही निर्भर करता है।  कौरव तथा पांडव गुरु द्रोणाचार्य जी के आश्रम में शिक्षा के लिए  गए।  गुरु जी ने पहला पाठ पढ़ाया "सदा सच बोलो " | अगले दिन गुरु जी ने पाठ सुनाने को कहा तो सिवाए युधिष्ठिर के सभी ने पाठ रट कर सुना...

बैसाखी मनाई स्वां नदी में फेंका कूड़ा जला कर

खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों पे हिमाचल प्रदेश अकैडमी है मेहरवान !