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सैनिकों का बुलंद होसला देखना चाहती है सरकार - नरेन्द्र मोदी

फरीदाबाद मेट्रो के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गति-प्रगति रैली  भाषण के मुख्य बिन्‍दु
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत भारत मां की जयघोष करते हुए जय जवान,जय किसान के नारे के साथ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि हरियाणा मेरा दूसरा घर है। उन्होंने कहा कि गुजरात छोड़ने के बाद मैंने वर्षों तक हरियाणा में अपना जीवन बताया और यहां के हर गांव-हर गली से परिचित हूं। उन्होंने कहा कि आपके प्यार को कभी नहीं भूल सकता, इसी वजह से मैं बार-बार खिंचा चला आता हूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आपके इस प्यार को ब्याज सहित विकास के रूप में लौटाऊंगा।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि देश राजनीति से नहीं राष्ट्रनीति से आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि हमारा एकमात्र मंजिल विकास है। उन्होंने ने एक बार फिर 2022 तक हर गरीब को घर देने की बात दोहराई।
रैली में वन रैंक वन पेंशन के मुद्दे पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने पूर्व सैनिकों से जो वादा किया था, उसे निभाया है।
श्री मोदी ने कहा कि वीआरएस के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, "ऐसे जवान जो मोर्चे पर गंभीर रूप विकलांग होने के कारण सेना छोड़ देते हैं, उनको भी इसका लाभ मिलेगा, हम उनको कैसे छोड़ सकते हैं। देश की सेना से प्यार करने वाला प्रधानमंत्री ऐसा कर नहीं कर सकता
उन्होंने कहा कि सेना के हर जवान को,  पूरी नौकरी करने वाले और मजबूरन सेना की नौकरी छोड़ने वाले, सभी को वन रेंक, वन पेंशन का फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि कुछ सुझावों पर बात की जा सकती है इसके लिए एक कमिटी बनाई गई है। श्री मोदी ने कहा, "मैं जवानों को कहता हूं ये आपकी सरकार है, आपका बुलंद होसला देखना चाहती है, आने वाले दिनों में भी जहां आपको जरूरत होगी सरकार अपने जवानों के साथ खड़ी होगी।" उन्होंने कहा कि भारत के दस जवानों में औसतन एक जवान हरियाणा का है। इसलिए हरियाणा के लोगों को सर्वाधिक फायदा होगा। 
कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन्होंने 42 साल तक सैनिकों के लिए कुछ नहीं किया, उन्हें बोलने का कोई हक नहीं। जिन लोगों को देश की जनता ने अस्वीकार कर दिया, वही लोग देश का विकास नहीं होने देना चाहते।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, "कांग्रेस सरकार ने ओआरओपी के लिए मात्र 500 करोड़ का बजट रखा। सेना के जवानों की बातें नहीं सुनी जा रही थी। मैने इस पर काफी अध्ययन किया और पाया कि ये 500 करोड़ में होने वाला नहीं था, इसमें 8-10 हजार करोड़ का खर्चा आएगा जबकि पुरानी सरकारें 500 करोड़ का बजट लेकर जवानों और देश की जनता को भ्रमित करने का काम करती रही।”
उन्होंने कहा कि अच्छा होता कि सारे काम पिछले 60 सालों में पूरे हो जाते लेकिन उनकी कमियों पर मैं सिर्फ टीका-टिप्पणी करना वाजिब नहीं समझता। उन्होंने कहा कि हम अनवरत रूप से विकास के नए-नए उपाय ढूंढकर और उसका त्वरित कार्यान्वयन कर देश को विकास की राह पर आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयत्नशील हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री वेंकेया नायडू ने ऐसी योजना तैयार की है जिससे न सिर्फ मकान मिले, बल्कि घर के नजदीक ही बिजली, पानी, स्कूल की सुविधाएं भी मिलें। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री बिरेंद्र सिंह का नाम लेते हुए उन्हों ने कहा कि वो ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए योजना तैयार कर रहे हैं।
श्री मोदी ने कहा कि मेट्रो रेल के हरियाणा में आगमन से विकास के नए द्वार खुलेंगे और इससे न सिर्फ जल्द पहुंच सकेंगे, बल्कि विकास को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि इस योजना का नाम गति-प्रगति रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह काम यहीं नहीं रुकेगा, इसे जल्द ही बल्लभगढ़ तक पूरा किया जाएगा।
हरियाणा में बेटी बचाओ अभियान की सफलता पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “जिस हरियाणा को बेटी को कोख में मार दिया जाता था, उस राज्य में मनोहर लाल की सरकार ने बेटी बचाओ का जो अभियान शुरू किया, वह सराहनीय है। उन्होंने कहा कि देश विकास रूपी जड़ी-बूटी से आगे बढ़ेगा। हम एक ही बिंदु पर काम कर रहे हैं और हमारा एक ही मंत्र, एक ही मकसद है जिसका नाम है विकास।”
उन्होंंने कहा कि तेज आंधियों, तेज तूफान यानी जबरदस्त आर्थिक मंदी के बावजूद भारत अपनी जगह अटल रहा। हमने जिन नीतियों को अपनाया, उसी का परिणाम है कि भारत मजबूत अर्थव्यवस्था के साथ टिका रहा। उन्होंने कहा कि सिर्फ टिकना ही मकसद नहीं, आगे बढ़ना ही उद्देश्य है।
श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने के लिए आधारभूत ढांचा बेहद जरूरी है हम इस दिशा में रेल, सड़क एवं यातायात के सभी बिंदुओं पर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के जब 75 साल मनाएंगे, तो एक काम करना मेरा मुख्य उद्देश्य होगा और वह यह होगा कि इस देश में ऐसा कोई गरीब न हो, जिसका अपना कोई घर न हो। उन्होंने कहा कि काम बढ़ा है, पर विकास के लिए कठिन काम भी हाथ में लेने हैं।

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