Skip to main content

मोदी समर्थक - सरकार की नीतियां जनता तक पहुंचाएं

आसपास की हलचल  भी कभी फायदा दे जाती है लेकिन सबसे ज्यादा सकूँ सिर्फ काम करने में मिलता है ,परिणाम  क्या होंगे इस बात से बेखबर छोटे बच्चों को एकाग्रता से मामूली से दिखने वाले क्रिया कलापों को करते देखो तो बड़े होने का अहंकार खत्म हो जाता है। जीवन में जो भी इंसान सफल  होता है उसमे बचपन कूटकूट के भरा होता है। बचपन भी एक सोच ही तो है ,जो अपने आप को समझदार और बड़ा समझता है वो कभी भी असंभव को संभव नहीं कर सकता।  दिल का बच्चा होना ज़रूरी है ,आज नरेंदर दामोदरदास मोदी का जनम दिन है और खुशकिस्मती से ए पी जे अब्दुलकलाम के बाद अगर कोई बचपने से भरा हुआ नेता देखा है तो वो मोदी है।  मोदी का उत्साह बताता है के उनका दिल अभी भी बच्चा है। उस देश में जहाँ लोकल ट्रैन समय पर नहीं चलती वहां के लोगों को बुलेट ट्रैन के सपने दिखाना और फिर उस सपने को शिदत साकार करने की जीतोड़ कोशिश समझदार कहलाने वाला नहीं कर सकता। अमेरिका जैसे हथियारों के व्यापारी देशों को सामने से चुनौती देने का काम भी मोदी ही कर सके , चीन को बॉर्डर पर ललकारने का दम भी मोदी सरकार ने ही दिखाया है।  यूँ  कहूँ के देश के युवाओं में सपने देखने और पूरे करने का जज्वा अगर कलाम साहब ने शुरू किया तो मोदी अगली कड़ी बन कर सपनो को साकार रूप देने के प्रेरक रूप बन कर उभरे हैं।  हाँ, कई बार जनता में आक्रोश भी दिखता है लेकिन ये आक्रोश निराशा वाला नहीं बल्कि जिद के रूप वाला है ताकि अपनी बात मनवाई जा सके।  भूतपूर्व फौजियों का एक रैंक एक पेंशन के लिए अनशन भी इसका उदहारण है , उनको पता था सरकार सुनने वाली है और 40 साल पुरानी मांग पूरी करने का श्रे  भी मोदी को ही है। जन्मदिन
पे मोदी का 1965 के युद्ध को श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शिरकत करना फौजियों का मनोबल बढ़ाना अपने आप में  जनता को जोशीला  बनाता है।  लेकिन एक सन्देश  बीजेपी के नाम की माला जपने वाले करोड़ों कार्यकर्ताओं के नाम "अगर आप लोग ईमानदारी से मोदी समर्थक हैं तो सरकार की नीतियां जनता तक पहुंचाएं ,मोदी सरकार  सरकार ने बहुत अच्छे फैसले लिए हैं लेकिन जनता को पता नहीं है , अगर बीजेपी कार्यकर्ता सरकार की नीतियां जनता को बताएं तभी तो  देश को अच्छे  दिनों का आभास होगा "

Comments

Popular posts from this blog

How to Learn New Things or Tough Subjects Successfully ?मतलब ये है कि आप अपने बचपन में लौट जाइये अर्थात बच्चे बन जाइये

Love Is The Only Medicine For This World जानवरों तथा मनुष्यों का सीखने का तरीका लगभग एक जैसा ही होता है।  जीवों के सीखने की प्रक्रिया ,'कोशिश और गलती अर्थात trial and error ' नियम पर आधारित होती है । सीखने वाले के लिए शुरूआती प्रयत्न किसी विज्ञानिक प्रयोग से कम नहीं होते। प्रारंभिक छोटी -छोटी कोशिशों से मनुष्य को सफलता के रास्ते की कठिनाइयों तथा अपनी कमियों का पता चलता है ,जिनको दूर करने के प्रयत्न वह आरम्भ कर देता है। शुरुआती प्रयत्न इतना तो समझा ही देते हैं कि वे कौन  से  तरीके हैं जिनसे लक्षित क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं हो सकती और वह नए तरिके अपना कर अपनी कोशिशों को नए आयाम देना भी आरम्भ करदेता है। सीखना मानसिक दक्षता का आधार है।  हर सीखने वाले की दक्षता अलग -अलग होती है अतः सीखने के लिए कितना समय लगता है यह भी हर किसी की दक्षता पर ही निर्भर करता है।  कौरव तथा पांडव गुरु द्रोणाचार्य जी के आश्रम में शिक्षा के लिए  गए।  गुरु जी ने पहला पाठ पढ़ाया "सदा सच बोलो " | अगले दिन गुरु जी ने पाठ सुनाने को कहा तो सिवाए युधिष्ठिर के सभी ने पाठ रट कर सुना...

बैसाखी मनाई स्वां नदी में फेंका कूड़ा जला कर

खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों पे हिमाचल प्रदेश अकैडमी है मेहरवान !