"अपनों पे सितम ,गैरों पे कर्म , ऐ जाने वफ़ा ये ज़ुल्म ना कर , ये ज़ुल्म ना कर " केजरीवाल ने ग़ुलाम अली को दिल्ली में शो करने के लिए न्योता भेजा है क्योंकि मुंबई में गुलाम अली का शो शिव सेना ने रद्द करवा दिया है। ये है विश्व व्यापी सोच और जीतनी तारीफ़ केजरी सरकार की करी जाए कम है। मुझे याद है केजू बाबा ने एकबार कहा था "हम नयी प्रकार की राजनीति करने आये हैं " . गुलाम अली का शो दिल्ली सरकार के लिए आमदनी का स्रोत भी बन सकता है, क्योंकि दिल्ली में करोड़ों आम आदमी गुलाम अली को चाहते हैं। चाहे ना भी हों लेकिन अंतर्राष्ट्रीय सोच इसे ही कहा जाएगा। पिछले दिनों दादरी काण्ड पे केजरी का सेक्युलर विडिओ काफी प्रसिद्ध हुआ , धर्म निरपेक्षता का सशक्त उदाहरण और सन्देश उसमें केजरीवाल ने आम आदमी को दिया। गुलाम अली साहेव पाकिस्तान नहीं वल्कि भारत के महान कलाकार हैं और आम आदमी की ज़िन्दगी से सीधे-सीधे जुड़े हुए हैं। नितीश कुमार और केजरीवाल की सोच यहीं आकर एक होती है और ममता बेनर्जी तो धर्मनिरपेक्षता की नींव है ही। जी हाँ , म...