बहुराष्ट्रीय कम्पनी मोनसेंटो की भारत छोड़ने की धमकी के सामने नहीं झुकी भारत सरकार
बीटी कॉटन को लेकर लंबे समय से जारी विवाद में केंद्र सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया ।
बीटी कॉटन को लेकर लंबे समय से जारी विवाद में केंद्र सरकार ने बड़ा और कड़ा फैसला लिया ।
केंद्र ने बीटी कॉटन(कपास ) बीज के एक समान दाम तय कर दिए हैं। इसके अलावा घरेलू बीज कंपनियों की ओर से मोनसेंटो को दी जाने वाली रॉयल्टी में भी 70 फीसद तकटौती ।
सरकार के इस कदम का फायदा किसानों और घरेलू बीज कंपनियों को ।
इस फैसले से अमेरिकी दिग्गज बीजकंपनी मोनसेंटो को तगड़ा झटका लगा है। इस मामले में कंपनी भारत छोड़ने की भी धमकी दे चुकी है।
इसके फैसले के तहत सरकार ने बीटी कॉटन के 450 ग्राम के पैकेट की कीमत पूरे देश भर में 800 रुपये तय कर दी है। अगले महीने से शुरू हो रहे कपास वर्ष के लिए यह कीमत लागू होगी।
अब तक किसानों को एक पैकेज बीज पर 1,000 रुपये तक चुकाने पड़ते थे। बीटी कॉटन पर रॉयल्टी में 70 फीसद तक की कमी की गई है। इसकी वजह से मोनसेंटों-महिको बायोटेक इंडिया (एमएमबीएल) को प्रति पैकेट सिर्फ 49 रुपये की रॉयल्टी मिलेगी। फिलहाल रॉयल्टी की यह राशि टैक्स समेत 183 रुपये है।
केंद्र ने बीटी कॉटन की अधिकतम बिक्री कीमत तय कर दी है। पूरे देश के लिए एक समान दाम होने से किसानों को फायदा होगा। इस बारे में बीते आठ मार्च को अधिसूचना जारी की गई थी। इसमें नई कीमत को लेकर विस्तार से जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक बीजी-1 कॉटन बीज का एक पैकेट 635 रुपये में मिलेगा। वहीं, बीजी-2 किस्म के बीज के एक पैकेट की कीमत 800 रुपये होगी।
सरकार के इस फैसले से कपास की खेती से जुड़े किसान , व्यपारी तथा उपभोक्ता सभी को फायदा होने वाला है। ये फैसला कपास की खेती में घाटे के कारन आत्म हत्या करने वालों के लिए भी उम्मीद की रौशनी बनेगा।
#अच्छे दिन #achchedin,#modisarkar,
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