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Hindu verses Secular Saints and Media /मीडिया हिन्दू संतो को पाखंडी और धर्म परिवर्तन करवाने वालों को महान क्यों कहता है

क्या कारण है ये मीडिया हिन्दू संतो को पाखंडी और धर्म परिवर्तन करवाने वालों को महान कहता है :- 2 आर्टिकल अंग्रेजी में लिखे हुए आप से शेयर कर रहा हूँ संक्षिप्त रूप में और उनके लिंक भी दे रहा हूँ अंग्रेजी में हैं जरूर पढ़ें , दोनों में संतों के बारे में बात की गयी है , एक आर्टिकल में इसाई संत फ्रांसिस क्सेविएर के बारे में बताया गया है , फ्रांसिस गोवा में 6 mayee 1542 को उत्तरे थे और 10 वर्ष बाद उनका देहांत हो गया था 3 दिसम्बर 1552 को ,लेकिन उनका वेजान शरीर गोवा में आज भी पड़ा हुआ है , उनके शारीर से एक हाथ अलग करके रोम लेजाया गया है जनता के दर्शन के लिए , संत फ्रांसिस को महान बोला गया क्योंकि उनहोंने 3 लाख से जादा लोगों का धरम परिवर्तन सिर्फ 10 साल के छोटे से समय में करवा कर इसाई बनवाया था , इस लेख के लेखक का नाम है डेनिस कोडी विदेशी हैं लेकिन गोवा में इसाई संत के किये कार्यों से खुश हो क्र उनको याद भी करते हैं और दुनिया को छाती चोडी करके बताते भी हैं के कैसे इसाई संत ने 3 लाख लोगों का धरम परिवर्तित किया और कैसे उनका मृत शरीर आज भी ४५० साल बाद भी दुनिया की आस्था का केंद्र बना हुआ है http://ncronline.org/blogs/ncr-today/dates-set-st-francis-xavier-exposition अब बात करते हैं दुसरे आर्टिकल की ये जो लेख है इससे लिखने वाली हैं एक भारतीय नारी नाम है ,सुकन्या सरकार, और इस लेख में इन्होंने संत आशुतोष जी महाराज पे आरोप लगाया के संत ने जनता को मूर्ख बनाया है और सुकन्या जी को इस बात से भी काफी दुःख पहुंचा है के संत जी के शिष्य उनका शरीर जला नहीं रहे हैं क्योंकि अगर संत का शरीर नहीं जलाया गया तो पूरे भारत में महामारी फ़ैल सकती है , ये मोहतरमा यही नहीं रुकी इन्होने कहा के ये सब अंध बिश्वास है और भारत में ऐसे कई उदाहरण मिले हैं , सिर्फ सुकन्या ही नहीं भारत का सारा मीडिया संत आशुतोष जी को बेईमान -चोर -ठग और जाने क्या क्या कहता रहा है लेकिन मजेदार बात है के संत आशुतोष जी ने किसी का भी धरम परिवर्तित नहीं किया ना ही किसी को लालच दे कर शामिल किया फिर ये आरोप क्यों ? अगर संत इसाईं है तो पूज्य ,मगर हिन्दू है तो चोर , अगर हिन्दू संत का शारीर सुरक्षित रखा गया है तो अन्धविश्वास और मगर इसाई का पड़ा हुआ है तो चमत्कार ऐसा क्यों ? क्रिसमस पे मीडिया इसाई धर्म की तारीफ़ कर रही थी , संत फ्रांसिस के बारे में भी बाते की जा रही थी तो मुझे सुन क्र अजीब लगा , क्या कारण है ये मीडिया हिन्दू संतो को पाखंडी और धर्म परिवर्तन करवाने वालों को महान कहता है http://www.youthkiawaaz.com/2014/03/curious-case-ashutosh-ji-maharaj-clinically-dead-yet-deep-transcendental-meditation/

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