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नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप में लोन देने के नाम पे हुई है करोड़ों की धांधली/corruption in PNB JAGADHARI ,Haryana

नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप में लोन देने के नाम पे हुई है करोड़ों की धांधली पंजाब नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप में लोन देने के नाम पे हुई है करोड़ों की धांधली , ये आरोप लगाया है जगदीश कुमार वालिया ने आपको बता दें इस केस का यमुनानगर में बीजेपी से सीधा नाता है क्योंकि विधानसभा चुनावों में बीजेपी के स्थानीय बड़े और छुटभैया नेता अपनी ही एक महिला नेता के खिलाफ दिल्ली दरवार तक शिकायत लगा कर आये थे और दिल्ली में बैठे नेताओं ने धांधली के नाम पे अपना उमीदवार एन मौके पे बदल दिया था खैर जगदीश कुमार ने ये आरोप RTI के तहत प्राप्त जानकारी के बाद लगाया है और जो भी जानकारी जगदीश ने हमारे साथ शेयर करी है उससे के हिसाब से तो ये आरोप सच्चे साबित हो रहे है अब आप लोग भी इस केस को पढ़ लें और फिर फैसला करें क्या ये धांधली का अरोप सही है या गलत :- पंजाब नैशनल बैंक शाखा जगाधरी वर्कशॉप ने 27/09/2008 को दीवान वुड इंडस्ट्रीज जोडियाँ ,यामुनानगर को 30 लाख की c/c लिमिट व् 40 लाख का टर्म लोन दे दिया कुल मिलाकर 70 लाख का लोन दिया , अब इसका दूसरा पक्ष देखिये जिस फर्म के नाम ये लोन बैंक ने इशु किया था उसकी पार्टनरशिप डीड में जिस फर्म का नाम लिखा हुआ है वह दीवान वुड इंडस्ट्री 31/03/2003 को ही बंद हो चुकी थी इसका बिक्री कर रजिस्ट्रेशन न. था JAG/HGS7/CS7/7558 ये भी 31/03/2003 के दिन रद किया गया था साथ ही इस फर्म के पास बन बिभाग का भी कोई लाइसेंस नही था . दरअसल इस फर्म के एक साझेदार ने चालाकी से बिक्री कर विभाग से 15/11/2007 को इसी नाम “दीवान वुड इंडस्ट्रीज “ के नाम से फर्नीचर का काम शुरू करने के लिए रजिस्टर करवाया TIN-06981616697 नंबर से , लेकिन इस बार पता था “दीवान वुड इंडस्ट्रीज , 8-शक्तिनगर माडल टाउन यमुनानगर इस फर्म की वार्षिक बिक्री 2007-08 में मात्र 88500 रूपये थी 2008-09 में 51000 रूपये और वर्ष 2009-10 में 3,07054 रूपये हो गयी , यहाँ फिर इस फर्म के पास वन विभाग से लकड़ी का काम करने के लिए कोई लाइसेंस नहीं था , परन्तु बैंक ने इस फर्म को भी 23/11/2010 को लोन दे दिया इस बार c/c 42 लाख और 23 लाख का टर्म लोन और दे दिया यानी के ऐसी फर्म जिसकी वार्षिक मात्र 3,07054 रूपये थी उसे 72 लाख की c/c लिमिट व् 63 लाख रूपये का टर्म लोन कुल मिला कर 1,35,00,000 रूपये का लोन दे दिया गया था आज ब्याज सहित ये लोन 2,07,90,709 रूपये हो चुका है , एक साधारण नागरिक को १०,००० लोन भी देने में सरकार / बैंक लाखों शर्ते लगते है लेकिन यहाँ रल- मिलकर खुली लूट हुई और बैंक अधिकारी मौन रहे शक की सूई बैंक के कर्मचारियों पर भी घूमती है अब आप लोग बताएं के जिस बैंक लोन की धांधली को उछाल कर बीजेपी के नेताओं ने महिला नेत्री को यमुनानगर की राजनीती में हाशिये पर धकेलने की कोशिश करी थी क्या वो सही था ? ये अभी शुरुआत हुई है इस केस की परते आनेवाले दिनों में खुलती जायेंगी और जनता सच जान पाएगी

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