गौ -भक्त नरेंदर मोदी पूरी दुनिया घूम रहे है , सारी दुनिया में रह रहे भारतीयों को होसला और मुस्कान बाँट रहे है लेकिन अपने ही देश में "गौ माता को कसाइयो से बचा नहीं पा रहे है " क्या कारण है ???????? आरएसएस -एक ऐसा संगठन जिसने आधुनिक भारत में सनातन धर्म को बचाया ,हिन्दुओं को सुरक्षा दी उस संगठन की तरफ से भी कोई आवाज़ नहीं उठ रही है . चुनांचे कुछ महीने पहले मोदी को लाखो लोगो के सामने गौ-तस्करों को दी जा रही सब्सीडी पे प्रश्न करते देखा भी गया सूना भी गया लेकिन आजतक बहुमत की सरकार आने के बाद भी अगर मोदी जी अपनी गौ-माता को सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पाए , चुनावों के बाद अगर आरएसएस गौ-माता के हो रहे क़त्ल को रोकने में कामयाब नहीं हो पाई है तो मन में संशय उठता है और संशय उठाना लाजमी भी है और जरूरी भी . क्योंकि न तो आरएसएस की गौ-भक्ति और ना ही मोदी की गौ-सेवा पे किसी तरहे का प्रश्न उठता है फिर कोण सी ताकत है जो मोदी सरकार को गौ - हत्या रोकने से रोक रही है ????
भारत से सारा गौ मॉस बिदेशो को भेजा जाता है अमेरिका समेत सभी देश हमारी गौ - माता को भोजन के रूप में प्राप्त करते है , आजादी से पहले 4० करोड़ संख्या थी गौ बंश की जो कम हो कर 4 करोड़ रह गयी है आज , लेकिन इतनी विदेश यात्राये करने के बाद एक भी बार हमने गौ-माता बचाने सम्बन्धी कोई ब्यान नहीं सूना , ये ही नहीं गौ-ह्त्या रोकने की मांग करनेवाले संत गोपालदास जी को मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अब तक दो बार पुलिस से पिटवाया है . ये कोई छोटी बात नहीं है अमेरिका जैसा देश किसी भी देश या समाज को प्यार नहीं करता , मुझे लगता है के बाहरी चमक दमक और शो- बाज़ी के बीच , कही मोदी सरकार अमेरिकी या यूरोपीय देशो के दवाव में तो नहीं है ????? गौ- रक्षा तो प्रमुख मुद्दा था चुनाबो में लेकिन अब
गौ-रक्षा की बात करना भी गुनाह है क्या इतना काफ्फी नहीं है संदेह पैदा करने के लिए ?
कृपा करके अपने विचार जरूर साझा करे
भारत से सारा गौ मॉस बिदेशो को भेजा जाता है अमेरिका समेत सभी देश हमारी गौ - माता को भोजन के रूप में प्राप्त करते है , आजादी से पहले 4० करोड़ संख्या थी गौ बंश की जो कम हो कर 4 करोड़ रह गयी है आज , लेकिन इतनी विदेश यात्राये करने के बाद एक भी बार हमने गौ-माता बचाने सम्बन्धी कोई ब्यान नहीं सूना , ये ही नहीं गौ-ह्त्या रोकने की मांग करनेवाले संत गोपालदास जी को मोदी सरकार ने सत्ता में आने के बाद से अब तक दो बार पुलिस से पिटवाया है . ये कोई छोटी बात नहीं है अमेरिका जैसा देश किसी भी देश या समाज को प्यार नहीं करता , मुझे लगता है के बाहरी चमक दमक और शो- बाज़ी के बीच , कही मोदी सरकार अमेरिकी या यूरोपीय देशो के दवाव में तो नहीं है ????? गौ- रक्षा तो प्रमुख मुद्दा था चुनाबो में लेकिन अब
गौ-रक्षा की बात करना भी गुनाह है क्या इतना काफ्फी नहीं है संदेह पैदा करने के लिए ?
कृपा करके अपने विचार जरूर साझा करे

Comments