गौ-हत्या बंद किये बिना क्या भारत विश्व गुरु बन सकता है ????????
गौ-हत्या बंद करने के लिए किसी ख़ास बदलाब या कानून की जरूरत नहीं है अगर देश की मोदी सरकार चाहे तो सिर्फ 1-2 फैसलो से गौ -हत्या 9०% तक रुक जाये . एक गौ-मांस के निर्यात करने वालों की सब्सिडी बंद कर दी जाए और दुसरे गौ-कतल खाने बंद कर दिए जाएँ , लेकिन ये दोनों फैसले अभी तक तो ठन्डे बसते में ही डाले गए हैं , बे मतलब के गौ-रक्षा कानून बनाये जा रहे है , जब देश में गौ-मांस के वय्पारियों को सब्सिडी सरकार दे रही है तो क्या गौ- की हत्या /तस्करी बंद हो जायेगी ??? जैसे एक तरफ दारू पीने से केंसर होता है ये चेताबनी टीवी पर दिखाई जाती है और दूसरी तरफ 'येज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा, थ्री-इडियट्स" सरीखी फिल्मो में दारू को महिमामंडित किया जाता है , तो क्या चेताबनी लिखने से शराब पीना कम हो गया ??? लेकिन अगर शराब का निर्माण ही बंद हो जाये तो ,प्रतिबंधित हो जाए तो 9०% तक शराबियों की शराब छूट जाएगी एक ही बार में सिर्फ, एक ही फैसले से . जब हमें पता है के गौ-ह्त्या बंद करनी है तो दुनिया के सबसे तेज़ फैसले लेने वाले शख्स नरेंदर मोदी को दिक्कत क्यों हो रही है गौ-हत्या के विरूद्ध सख्त फैसला लेने में ""अमेरिकी पत्रिका ‘फारेन पॉलिसी’ ने 100 वैश्विक चिंतकों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निर्णय लेने वाला शीर्ष व्यक्ति नामित किया है, इस लिस्ट में अमित शाह को तीसरा स्थान दिया गया है " ध्यान देंगे तो आपको मोदी-शाह जोड़ी की बेबसी इस मुद्दे पर साफ़ नज़र आजायेगी . अमेरिका आज मोदी-मोदी की रट लगाये हुए है ,याद करेंगे तो पायेंगे ये अमेरिका कुछ साल पहले तक सद्दाम -सद्दाम के नारे भी लगता रहा है , इसी अमेरिका ने पकिस्तान को कब्रगाह में बदल दिया है और वहां के सभी नेताओं को अमेरिका ने खूब इज्ज़त दी थी आज यूरोप भी मोदी को इज्ज़त दे रहा है और अगर गहराइ से देखेंगे तो पायेंगे के दुनिया के इन देशो (अमेरिका - यूरोप ) में भारत से गौ-मांस की स्प्लाई होती है , गौ-मॉस निर्यातको को सब्सिडी जारी रखना भी दिखता है के मोदी सरकार पे कोई दबाब है जो मोदी सरकार गौ-ह्त्या रोकने का फैसला नहीं ले पा रहे है क्यों??? आप अपने विचार भी लिखे अगर सहमत नहीं भी है तो भी अपने विचार साझा करे , हो सकता है हमारी सोच गलत हो
गौ-हत्या बंद करने के लिए किसी ख़ास बदलाब या कानून की जरूरत नहीं है अगर देश की मोदी सरकार चाहे तो सिर्फ 1-2 फैसलो से गौ -हत्या 9०% तक रुक जाये . एक गौ-मांस के निर्यात करने वालों की सब्सिडी बंद कर दी जाए और दुसरे गौ-कतल खाने बंद कर दिए जाएँ , लेकिन ये दोनों फैसले अभी तक तो ठन्डे बसते में ही डाले गए हैं , बे मतलब के गौ-रक्षा कानून बनाये जा रहे है , जब देश में गौ-मांस के वय्पारियों को सब्सिडी सरकार दे रही है तो क्या गौ- की हत्या /तस्करी बंद हो जायेगी ??? जैसे एक तरफ दारू पीने से केंसर होता है ये चेताबनी टीवी पर दिखाई जाती है और दूसरी तरफ 'येज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा, थ्री-इडियट्स" सरीखी फिल्मो में दारू को महिमामंडित किया जाता है , तो क्या चेताबनी लिखने से शराब पीना कम हो गया ??? लेकिन अगर शराब का निर्माण ही बंद हो जाये तो ,प्रतिबंधित हो जाए तो 9०% तक शराबियों की शराब छूट जाएगी एक ही बार में सिर्फ, एक ही फैसले से . जब हमें पता है के गौ-ह्त्या बंद करनी है तो दुनिया के सबसे तेज़ फैसले लेने वाले शख्स नरेंदर मोदी को दिक्कत क्यों हो रही है गौ-हत्या के विरूद्ध सख्त फैसला लेने में ""अमेरिकी पत्रिका ‘फारेन पॉलिसी’ ने 100 वैश्विक चिंतकों की सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निर्णय लेने वाला शीर्ष व्यक्ति नामित किया है, इस लिस्ट में अमित शाह को तीसरा स्थान दिया गया है " ध्यान देंगे तो आपको मोदी-शाह जोड़ी की बेबसी इस मुद्दे पर साफ़ नज़र आजायेगी . अमेरिका आज मोदी-मोदी की रट लगाये हुए है ,याद करेंगे तो पायेंगे ये अमेरिका कुछ साल पहले तक सद्दाम -सद्दाम के नारे भी लगता रहा है , इसी अमेरिका ने पकिस्तान को कब्रगाह में बदल दिया है और वहां के सभी नेताओं को अमेरिका ने खूब इज्ज़त दी थी आज यूरोप भी मोदी को इज्ज़त दे रहा है और अगर गहराइ से देखेंगे तो पायेंगे के दुनिया के इन देशो (अमेरिका - यूरोप ) में भारत से गौ-मांस की स्प्लाई होती है , गौ-मॉस निर्यातको को सब्सिडी जारी रखना भी दिखता है के मोदी सरकार पे कोई दबाब है जो मोदी सरकार गौ-ह्त्या रोकने का फैसला नहीं ले पा रहे है क्यों??? आप अपने विचार भी लिखे अगर सहमत नहीं भी है तो भी अपने विचार साझा करे , हो सकता है हमारी सोच गलत हो
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