यकीं आदमी को करे सरफ़राज़ , यकीं में ही है कामयाबी का राज़ ,
जिसे अपने बल पर ना हो ऐतवार ,मिलेगी उसी मन के हारे को हार ।
यह एक परम सत्य है जिस चीज़ की आशा मन को होती है वही मनुष्य को प्राप्त होती है, मज़ेदार बात है हम आस भी उसी चीज़ की करते हैं जो हमे चाहिए होती है। सम्पूर्ण सकारात्मक वातावरण त्यार करने के लिए दिल की गहराइयों से कोशिश करनी होगी फिर सृजन का काम सही तरीके से होगा।
याद रखो :- विश्वास , ताकत तथा मेहनत महान चमत्कार के रूप में परिणाम देते हैं
प्रकृति की सृजनात्मक शक्तियां इन्हीं शब्दों का फल हैं। यह ताकतवर शब्द जितने ज्यादा बार दोहराये जाएंगे अंतःकरण में उतनी जल्दी इनका वास होगा अर्थात हमारे मन में ये शब्द पक्के हो जाएंगे। ध्यान देना विश्वास की ताकत मनुष्य को उत्साह से भर देती है। किसी भी कठिनाई को हराने की योग्यता 'विश्वास /Faith ' से ही प्राप्त होती है।
भगवान् श्री कृष्ण के शब्द याद करो "कौन्तये प्रतिजानीहि न में भक्तः प्रणश्यति "
अर्थात :- हे कौन्तेय ! तुम निश्चयपूर्वक सत्य जानो कि मेरा भक्त कभी नष्ट नहीं होता।।
यह शब्द भगवान के हैं और हमे बिना सोचे इनपर विश्वास करना ही है , अगर इनपर भी शंका रहेगी तो विश्वास की डोरी पक्की नहीं हो सकती। भगवान कहते हैं हे , अर्जुन ! विश्वास और पुरे मनोयोग से कर्म कर। अधिकतर लोगों की असफलता का प्रमुख कारण ही 'विश्वास "की कमी होती है, फिर विश्वास की ताकत का लाभ कहां मिलेगा ? एक समय पर एक ही इच्छा या लक्ष्य साधा जा सकता है। एक समय पर सिर्फ एक ही विचार के ऊपर एकाग्र हो कर प्रार्थना करनी चाहिए। एकाग्र हो कर प्रार्थना तथा पूरी ताकत से मेहनत यही दो हथियार परम कल्याण करने वाले हैं।
अपने आप से पूछ लो आखिर वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण क्या काम है ,कोन सी इच्छा है , आपकी मांग है जो पूर्ण होनी चाहिए बड़े ध्यान से चुनाव् करके कुछ समय के लिए हृदये में और कोई सोच नहीं आनी चाहिए। हर समय उस सोच / विचार /इच्छा को जिओ। याद रखो प्रार्थना सुनी जाती है। शंका को खत्म कर दो। ये अंधविश्वास नहीं पूरा विज्ञान है , मनुष्य जो इच्छा करता है प्रकृति उसे पूरा करती है।
https://youtu.be/REKTnkQLKfI
जिसे अपने बल पर ना हो ऐतवार ,मिलेगी उसी मन के हारे को हार ।
यह एक परम सत्य है जिस चीज़ की आशा मन को होती है वही मनुष्य को प्राप्त होती है, मज़ेदार बात है हम आस भी उसी चीज़ की करते हैं जो हमे चाहिए होती है। सम्पूर्ण सकारात्मक वातावरण त्यार करने के लिए दिल की गहराइयों से कोशिश करनी होगी फिर सृजन का काम सही तरीके से होगा।
याद रखो :- विश्वास , ताकत तथा मेहनत महान चमत्कार के रूप में परिणाम देते हैं
प्रकृति की सृजनात्मक शक्तियां इन्हीं शब्दों का फल हैं। यह ताकतवर शब्द जितने ज्यादा बार दोहराये जाएंगे अंतःकरण में उतनी जल्दी इनका वास होगा अर्थात हमारे मन में ये शब्द पक्के हो जाएंगे। ध्यान देना विश्वास की ताकत मनुष्य को उत्साह से भर देती है। किसी भी कठिनाई को हराने की योग्यता 'विश्वास /Faith ' से ही प्राप्त होती है।
भगवान् श्री कृष्ण के शब्द याद करो "कौन्तये प्रतिजानीहि न में भक्तः प्रणश्यति "
अर्थात :- हे कौन्तेय ! तुम निश्चयपूर्वक सत्य जानो कि मेरा भक्त कभी नष्ट नहीं होता।।
यह शब्द भगवान के हैं और हमे बिना सोचे इनपर विश्वास करना ही है , अगर इनपर भी शंका रहेगी तो विश्वास की डोरी पक्की नहीं हो सकती। भगवान कहते हैं हे , अर्जुन ! विश्वास और पुरे मनोयोग से कर्म कर। अधिकतर लोगों की असफलता का प्रमुख कारण ही 'विश्वास "की कमी होती है, फिर विश्वास की ताकत का लाभ कहां मिलेगा ? एक समय पर एक ही इच्छा या लक्ष्य साधा जा सकता है। एक समय पर सिर्फ एक ही विचार के ऊपर एकाग्र हो कर प्रार्थना करनी चाहिए। एकाग्र हो कर प्रार्थना तथा पूरी ताकत से मेहनत यही दो हथियार परम कल्याण करने वाले हैं।
अपने आप से पूछ लो आखिर वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण क्या काम है ,कोन सी इच्छा है , आपकी मांग है जो पूर्ण होनी चाहिए बड़े ध्यान से चुनाव् करके कुछ समय के लिए हृदये में और कोई सोच नहीं आनी चाहिए। हर समय उस सोच / विचार /इच्छा को जिओ। याद रखो प्रार्थना सुनी जाती है। शंका को खत्म कर दो। ये अंधविश्वास नहीं पूरा विज्ञान है , मनुष्य जो इच्छा करता है प्रकृति उसे पूरा करती है।
https://youtu.be/REKTnkQLKfI
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