केंद्र सरकार अगर संस्कृत को पढ़ाने की पहल कर रही है तो बधाई की पात्र है संस्कृत से संस्कृति शब्द बना मतलब साफ़ है सनातन संस्कृति तब तक सुरक्षित नहीं जब तक संस्कृत हमारे बच्चों को ना पढाई जाये . मित्रो विज्ञान कहता है के संस्कृत दुनिया की अकेली ऐसी भाषा है जिसे पढने से छात्र के दिमाग के दोनों भाग समान रूप से काम करते हैं अर्थात संस्कृत पढने वाले छात्र का सर्वांगीण विकास सिर्फ संस्कृत पढने मात्र से ही हो जाता है , ये मैं नहीं आज का विज्ञान कहता है , इस बात का उल्लेख तो हमारे संत बार बार करते आये हैं और बापू आसाराम जी उन संतों में से एक हैं जिन्हों ने इस बात को अपने शिष्यों को कई बार सत्संगों में दोहरा क्र पक्का किया . बापू का कहना है के संस्कृत शब्द के पहले शब्द "सं" से संस्कार , संसार , संयम , सन्मार्ग ,संतोष आदि अनंत शब्द व् विचार निकले हैं , अमेरिका या जर्मन -यूरोप के विज्ञानिको ने इस बात को मान कर संस्कृत का अध्यान गहराई से किया जिसके परिणाम स्वरूप वर्तमान समय में हो रही खोजों को वे अपना नाम देने में कामयाब भी हुए हैं , अगर भारत के बच्चे संस्कृत पढ़तेहैं उनका सर्वांगीण व...