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मोदी सरकार के तलख तेवरों ने पाकिस्तान समेत पूरे विश्व में हाहाकार मचा दिया है

भारतीय सेना अध्यक्ष द्वारा भारतीय सेना को पाकिस्तान के साथ युद्ध के लिए तैयार रहने की हिदायत ने पाकिस्तान समेत पूरे विश्व में हाहाकार मचा दिया है। मोदी सरकार की सुलह की सारी कोशिशें लगभग नाकामयाब रही हैं।  पाकिस्तान की गलत हरकतें रुक नहीं रही हैं , मोदी भी ये जानते हैं के लड़ाई से देश की तरक्की में बांधा आती है ,लेकिन युद्ध इस समय ज़रुरत बनता  जा रहा है। अच्छा ,ये जो मूर्खता पूर्ण रवैया पाकिस्तान दिखा रहा है , अगर ध्यान से देखें तो ये उसका अपना नहीं है , कई देश पाकिस्तान को मोहरा बना रहे हैं और पाकिस्तान के पास सिवाए उन देशों की जी हजुरी के दूसरा रास्ता भी नहीं है।  कंगाल देश ,गरीब जनता, अमीर नेता और ताकतवर अफसर ऐसे देश की हालत बद से बदतर होती ही जा  रही है इसमें कोई अचम्भा नहीं है।  लेकिन मोदी सरकार की तरक्की की दुहाई भी पाक सरकार के कानों में नहीं पड़ी तो  मतलब  साफ़  हैं वहाँ अब तर्रक्की या शान्ति से कुछ नहीं होने वाला।  लेकिन भारत की तरक्की के लिए शान्ति का बहुत महतब है इसीलिए  मोदी सरकार हथियारों से अधिक कूटनीत...

मोदी सरकार की सुरक्षा योजनाएं मुस्लिम भी ले सकते हैं फायदा

प्रधान मंत्री जनधन योजना  28 अगस्त 2014 को शुरू हुई थी और इस  का पहला चरण 14 अगस्त 2015 को समापत हो   चूका है।   जिसने भी इस योजना के तहत बैंक में खाता खुलवाया है उसको डेबिटकार्ड के साथ ही 1 लाख रूपय का दुर्घटना बीमा मिला है और जिन  26 जनवरी 2015 से पहले खाता खुलवाया था उनका  30  हज़ार का जीवन बीमा भी हुआ बिलकुल मुफ्त में।  अब दूसरा चरण शुरू हो चुका है इस योजना का 14 अगस्त 2015 से 14 अगस्त 2018 तक ये दूसरा चरण चलेगा।  आप सोच रहे होंगे के सिर्फ बैंक खाते ही तो खोलने हैं फिर इतना टाइम क्यों , तो मित्रो ज़रा रुकिए जब आप जनधन योजना के बारे में बिस्तार से समझेंगे तो आप कहेंगे इतने काम समय में इतना कुछ सम्भव नहीं हो सकता ,लेकिन मोदी है के मानता नहीं, मोदी को सारा काम इस थोड़े सेव समय में ही पूरा करना है।  आज़ादी से बाद हमारे मज़दूर या धियाड़ी दार या असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले भाई बहनो के परिवारों के लिए   कोई सुरक्षा चक्र नहीं बन पाया था , लेकिन अब सरकार ने देश करोड़ों मज़दूरों तथा उनके परिवारों को वित्तीय सुरक...

एक तरफ पाकिस्तान -लालू परसाद -नितीश -सोनीया -केजरी का महाठगबन्दन - दूसरी तरफ मोदी !

देश के अंदर किसी भी तरह से अस्थिरता लाना और बाहर पाकिस्तान का एटम बॉम्ब से धमकाना एक ही सिक्के के दो पहलु लगते हैं।  जिस तरह की भाषा नितीश -लल्लू -सोनिया -केजरी बोल रहे हैं उससे एक बात तो साफ़  है के मोदी सरकार को चारो तरफ से घेरने की तैयारी पूरी प्लानिंग के साथ हो रही है. आरक्षण का भूत जो पटेलों ,जाटों,गुज्जरों के सर चढ़ रहा है  उसमे घी/तेल डालने वाले महाठगबंधन की चांदी दिख  रही है। उधर रिटायर फौजियों का देश सेवा के बदले देश की आमदनी में हिस्सा मांगना या यूँ कहें माँ की सेवा का मुआबजा मांगना और फिर 1965 के युद्ध के 50 जीत उत्सव का बहिष्कार बताता है के देश के हालात बदतर बनाने की पूरी साजिश की गयी है। ये जो भी बारदातें  हो  रही हैं एक -दूसरे से बिलकुल  जुडी हुई हैं।  मोदी के प्रधान मंत्री बनने से सिवाये देश भक्तों के सभी दुखी थे और अमेरिका से लेकर चीन - पाकिस्तान आदि देश तो एक दम सदमे में पहुँच गए थे। मोदी सरकार द्वारा भूमि अधग्रहण बिल रोकना सही वक्त पर लिया गया सही फैसला है।  मोदी का  विधयक मुझे पसंद था लेकिन ...

Modi Sarkar Under Attack / मोदी सरकार घिर गयी है चक्रवूह में

आरक्षण के नाम पर देश में अस्थिरता लाने का माहोल बनता दिख रहा है।  उधर आज लालूयादव ने बता भी दिया के  बिहार  का महगढ़बंधन 'मंडळ -2 ' है , जी हाँ एक मंडल कमीशन  1990 में वी पी सिंह लेकर आये थे और दूसरा मंडल अब लालू लेकर आ रहे हैं  बिहार मे। दिल्ली की जनता को मुफ्त सामान चाहिए था केजरीवाल जीत कर मुख्यमंत्री बना दिए और अब बिहार में भी कमोवेश बही माहोल बनाया जा रहा है के मुफ्त और अफवाह फैलाओ , साथ ही हार्दिक पटेल के रूप में एक नया नेता बिपक्ष का पक्ष रखने के लिए आ गया है।  आरक्षण से पटेलों का रक्षण करने की बात करने वाले ने जाट और गुज्जर जातियों को अपने साथ आने का न्योता दिया है क्योंकि ये दोनों जातियां भी गरीब हैं और आरक्षण का रक्षण ही इन दोनो जातियों के अस्तितब को बचा  सकता है।  अच्छा ये भी मज़ेदार बात है के जो सैनिक देश पर मरने मिटने की बात करते थे आज पैसे के लिए इतने अंधे हो गए हैं के 1965 युद्ध की 50 वीं बर्षगांठ भी नहीं मनाना चाहते।  भूतपूर्व सैनिको का ये व्यबहार भी देश से गदारी के बराबर ही माना जाना चाहिए।  और जब देश का फौजी ही पैसे...

Bihar Elections

आज लालू यादव ने बताया कि बिहार में कितना गरीबी और बेरोजगारी है। दलित किसान मजदूर सब परेशान हैं। 90 % घरो मे नल का पानी तक नही है। 70% घरो में बिजली नहीं है। सम झ में नहीं आता लल्लू यादव क्यों अपने और नितीश के कुल 25 साल और कॉंग्रेस के 40 साल की पोल क्यों खोल रहे है। BJP को तो आजतक बिहार की सेवा करने का मौका ही नहीं मिला है। पिछले 25 सालो में लालू और नीतिश ही बिहार में बारी-बारी से हुकूमत कर रहे है और राज्य को पिछड़ा बना दिया है घोटाला करके । बिहार में जातिवाद का गंदा बीज बो कर 25 साल तक जहरीली फसल काटकर अपना घर सोने से भर लिया है। गरीब मजदूर किसानों की इस हालत के लिए ,लालू और नितीश ही असली जिम्मेदार है इनकी सरकार को अब उखाडने का समय आ गया है। बिहार अब लालू , नितीश और कॉंग्रेस की छाया से बाहर निकल कर ही अब तरक्की के रास्ते पर आगे बढ सकता है।

Sex - Crime and Amnesty International

एमनेस्टी इंटरनेशनल चाहती है के बेश्याओं को पूरी दुनिया में सहज जीवन जीने की अज़्ज़ादी मिले और इस के लिए सेक्स व्यपार को कानूनी मान्यता दे दी जाये।  भाव तो अच्छा है लेकिन रास्ता गलत है पूरी दुनिया में जहाँ भी सेक्स व्यापार  को कानूनी मान्यता मिली है वहां वेश्याओं की हालत पहले से भी बदतर हो गयी और सेक्स व्यापार में महिलाओं की जनसंख्या में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हो गयी।  इसका मतलब ये नही के कानून बनते ही लडकियां निर्लज हो गयीं , ना , बल्कि मज़बूर लड़कियों से देह व्यापार करवाने वालों को खुली छूट मिल गयी और मज़बूर परिवारों की मज़बूर लड़कियों को अब बिना कानून के  डर से देह बेच कर परिवार की मज़बूरी में सहायता करने का रास्ता दिखाने वाले  लोग एक दम सक्रीय हो गए।  उधर कई देशों ने सेक्स को कानूनन  मान्यताएं तो दी लेकिन शर्तों के साथ जैसे सेक्स बेचना गुनाह नहीं लेकिन खरीदना गुनाह है। होता क्या है के अधिकतर सेक्स खरीदने वाले शादी-शुदा और अमीर परिवारों के लोग होते हैं उन पर शिकंजा कसा गया और स्वीडन ने जब सेक्स खरीदने को गैर कानूनी बनाया तो स्वीडन में देह वयापार एक दम से कम...

Patel arakshan -- Poem

आओ मिलकर आग लगाएं,नित नित नूतन स्वांग करें, पौरुष की नीलामी कर दें,आरक्षण की मांग करें। पहले से हम बंटे हुए हैं,और अधिक बंट जाएँ हम, 100 करोड़ हिन्दू है,मिलकर इक दूजे को खाएं हम। देश मरे भूखा चाहे पर अपना पेट भराओ जी, शर्माओ मत,भारत माँ के बाल नोचने आओ जी। तेरा हिस्सा मेरा हिस्सा,किस्सा बहुत पुराना है, हिस्से की रस्साकसियों में भूल नही ये जाना है। याद करो ज़मीन के हिस्सों पर जब हम टकराते थे, गज़नी कासिम बाबर मौका पाते ही घुस आते थे। अब हम लड़ने आये हैं आरक्षण वाली रोटी पर, जैसे कुत्ते झगड़ रहे हों कटी गाय की बोटी पर। हमने कलम किताब लगन को दूर बहुत ही फेंका है, नककारो को खीर खिलाना संविधान का ठेका है। मैं भी पिछड़ा,मैं भी पिछड़ा,कह कर बनो भिखारी जी, ठाकुर पंडित बनिया सब के सब कर लो तैयारी जी। जब पटेल के कुनबों की थाली खाली हो सकती है, कई राजपूतों के घर भी कंगाली हो सकती है। बनिए का बेटा रिक्शे की मज़दूरी कर सकता है, और किसी पंडित का बेटा भूखा भी मर सकता है। आओ इनहीं बहानों को लेकर,सड़कों पर टूट पड़ो, अपनी अपनी बिरादरी का झंडा लेकर छूट पड़ो । शर्म करो,हिन्दू बनते हो,नस्ल...