सुनो सुनो सुनो ........ मानसिक दक्षता में उन्नति संभव है !
मन में ये दुविधा या प्रश्न उठ सकता है कि ' क्या ईश्वर की प्रदान की हुई मानसिक शक्तियों की सम्पति को बढ़ाना सम्भव है ?
सीधा सा साधारण सा उत्तर है - हाँ ,सम्भव है।
वैज्ञानिक अनुसन्धान तथा आध्यात्मिक अनुभव ये सिद्ध कर चुके हैं। केवल सही तरिके से मस्तिष्क का प्रयोग करने से ही बहुत बढ़िया परिणाम मिल जाते हैं और कुछ तो बाद में करने की आवश्यकता पड़ेगी । ये दक्षता और परिपक्वता प्राप्त करने के लिए कई आध्यात्मिक तथा वैज्ञानिक तरिके हैं। देखिये मनोविज्ञान की तो शुरुआत ही इस संभावना को देखते हुए हुई है कि "मानसिक दक्षता बढ़ाना संभव है " अर्थात मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढाई जा सकती है यह तो विज्ञान भी डंके की चोट पे कहता है।
अधिकतर लोग अपनी मानसिक शक्तियों का पूरी उम्र उपयोग ही नहीं कर पाते परिणामस्वरूप वे शक्तियां सुषुप्त अवस्था में पड़ी रहती हैं। अगर मनुष्य थोड़ी सी सजगता का प्रयोग करे तो उन शक्तियों के भण्डार अपने लिए खोल सकता है। मनुष्य अगर अपनी स्वभाविक योग्यताओं का उपयोग सही तरिके से करना शुरू करे तो साधारण परिवारों से महांपुरुष प्रकट होते अनुभव किये हैं इस संसार ने। मानसिक बल के आधार पर ही तो सफलता के झंडे गाड़े जाते हैं। आज के युग में निपुणता , समझ तथा उत्कृष्टता की जितनी ज़रुरत है उतनी कभी नहीं रही। सुख और सफलता के लिए यही परम आवश्यक सूत्र हैं परन्तु अधिकतर मनुष्य अनजाने में अयोग्यता , मूर्खता तथा साधारणता का जीवन सूत्र लिए ही पूरा जीवन कष्टों में बिता देते हैं। https://youtu.be/OFdfHmKRaTg
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