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Reuters says Tejas Mark-1A “obsolete”/ तेजस मार्क -1 A फ्रांस के राफेल जहाजों से भी कई गुणा अधिक सुरक्षित है


आज पूरा विश्व अशांत है , सीरिया  हो या अफ्रीका , अफगानिस्तान हो या भारत नागरिक असंतुष्ट हैं या ऐसा कहूँ के पूरा विश्व अशांत करदिया गया है।
ध्यान देने वाली बात है दुनिया के आतंकवादियों को हथियार तथा गाड़ियां कोन मुहैय्या करवाता है ?
कहाँ से आतंकियों तक रसद पहुँचती है ?
कौन है जो हत्यारों को पनहा देता है कोण है जो समाजों  को आपस में  लड़ाता है ?
क्यों सभी बुझे-बुझे से लगते हैं क्यों सभी घुटे-घुटे से लगते हैं ?
समझ नहीं पाता हूँ मैं ,क्यों सभी खीझे -खीझे से लगते हैं ?
अब देखो ना अगर किसी सिख की पगड़ी ,बाल या किरपान आदि पे कोई आंच आये तो उसका बिरोध जायज माना जाता है , किसी पैगम्बर का कार्टून अगर अखवार में छप जाए तो हाहा कार मच जाता है इस्लाम का अपमान माना जाता है , लेकिन जैसे ही 'गौ' की सुरक्षा और सम्मान की बात आती है सेकुलरिज्म खतरे में आ जाता है, क्यों ?

उधर एक और खबर जो रॉयटर ने छापी तथा भारतीय मीडिया ने भी वैसे के वैसे ही बिना सोचे समझे छाप दी वो है 'तेजस फाइटर जहाज ' के बारे में आधी -अधूरी और गलत खबर छापना,
आपके साथ  अखबारों की हैडलाइन तथा अख़बारों के नाम शेयर कर रहा हूँ. .......  ....... ……। ………

Reuters says Modi government is pushing “obsolete” made-in-India fighter on the Air Force, clearly ignoring the fact that IAF will be inducting 5-6 squadrons of improved, more agile Tejas Mark-1A, not the Mark-1 variant.
ध्यान देंगे तो पाएंगे रॉयटर को भारतीय सेना और भारत की कितनी चिंता दिखती है , लेकिन दूसरी तरफ भारतीय मीडिया है जिसने पूरा आर्टिकल बैसा का बैसा ही छाप दिया बिना ठोस तहकीकात के।  रॉयटर द्वारा तेजस को घटिया कहना पचाया जा सकता है लेकिन भारतीय मीडिया तो तेजस की सचाई जान कर बता सकती थी , लेकिन विदेशी डोळ्लरों ने एक बार फिर स्वदेशी कल्मे खरीद ली परणाम स्वरुप साधारण जनता को गुमराह करने वाली खबर छाप दी गयी।
तेजस में CAG ने 53 कमियां निकाली थी उनमे से 45 खामियां खत्म हो चुकी हैं। तेजस मार्क -1 A को दुश्मन के राडार ढूंढ ही नहीं सकते ,हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है और HAL के चेयरमैन टी सुबर्णा राजू ने ऐलान किया है के तेजस जहाज MIG -21 s से बहुत आगे होंगे।
तेजस पायलेट सुरक्षा के हिसाब से फ्रांस के राफेल जहाजों से भी कई गुणा सुरक्षित है पिछले 15 सालों में तेजस ने 3000 उड़ाने भरीं एक भी हदसा नहीं वहीँ राफेल के 4 हादसे हुए हैं।
और भी खूबियां तेजस अपने में समेटे हुए है लेकिन सेक्युलर मीडिया को कम्युनल तेजस फ्लॉप लगता है।
मित्रो ये सब सिर्फ मेक इन इंडिया पे प्रशन चिन्ह लगाने की कोशिश का हिस्सा है , मोदी सरकार ने और रक्षा मंत्री मनोहर परिकर के  तेजस को वायुसेना में शामिल करने के फैसले से विदेशी हथियार बनाने वाली कंपनियां काफी मायूस होंगी।  मोदी ने साफ कहा है 'भारत अपने लिए हथियार खुद तैयार करने की संभावनाएं तलाशेगा और विदेशों को भी हथियार बेचेगा '.
कुछ सेक्युलर भारतीय जो देश को स्वाबलंबी नहीं देखना चाहते गलत जानकारियां जनता को दे कर असंतोष फैलाना चाहते हैं ,
मित्रो इस समय कर्म करने का समय है देश को आगे बढ़ने के लिए सभी का साथ चाहिए , सभी का मतलब सभी , कोई धर्म या जाती नहीं सभी देश बासी।  मीडिया उकसावे वाली और गलत खबरे भी दिखाएगी लेकिन समझ से काम हम लोगों को लेना होगा।  
एक भारत नेक भारत 



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